1090 कर्मियों को वीरता और सेवा पदक से नवाजा जाएगा; स्वतंत्रता दिवस से पहले एलान

1090 कर्मियों को वीरता और सेवा पदक से नवाजा जाएगा; स्वतंत्रता दिवस से पहले एलान

स्वतंत्रता दिवस 2025 पर गृह मंत्रालय ने 1,090 कर्मियों को वीरता और सेवा पदक देने की घोषणा की है। इनमें 233 वीरता, 99 राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा और 758 सराहनीय सेवा पदक शामिल हैं। सम्मान पाने वालों में पुलिस, अग्निशमन, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और सुधार सेवा के अधिकारी हैं।

स्वतंत्रता दिवस 2025 पर देश के वीरों और सेवा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। गृह मंत्रालय ने 1,090 पुलिस, अग्निशमन, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और सुधार सेवा के कर्मियों को वीरता और सेवा पदक देने की घोषणा की है। यह सम्मान उन लोगों को मिलेगा जिन्होंने देश की सेवा में बहादुरी और समर्पण का परिचय दिया है।

गृह मंत्रालय के अनुसार, कुल 233 कर्मियों को वीरता पदक प्रदान किया जाएगा। इसे मेडल ऑफ गैलंट्री (GM) भी कहा जाता है। इनमें 226 पुलिस, छह अग्निशमन और एक होम गार्ड एवं सिविल डिफेंस के कर्मी शामिल हैं। वीरता पदक उन्हें दिया जाता है जिन्होंने जीवन और संपत्ति बचाने, अपराध रोकने या अपराधियों को पकड़ने में असाधारण साहस दिखाया है। इस वर्ष के पुरस्कार विजेताओं में 152 जम्मू-कश्मीर, 54 वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों, तीन पूर्वोत्तर और 24 अन्य क्षेत्रों के कर्मी शामिल हैं।

विशिष्ट सेवा पदक
कुल 99 राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक यानि प्रेसिडेंट मेडल फॉर डिस्टिंग्विस्ट सर्विस (PSM) दिए जाएंगे। यह सम्मान सेवा में विशेष उत्कृष्ट रिकॉर्ड रखने वाले कर्मियों को दिया जाता है। इनमें 89 पुलिस, पांच अग्निशमन, तीन सिविल डिफेंस व होम गार्ड और दो सुधार सेवा के कर्मी शामिल हैं। इन कर्मियों ने अपने कर्तव्यों का पालन निष्ठा और पेशेवर उत्कृष्टता के साथ किया है।

सराहनीय सेवा पदक
758 कर्मियों को सराहनीय सेवा पदक यानि मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस (MSM) से सम्मानित किया जाएगा। यह पदक कर्तव्य के प्रति समर्पण और संसाधनशीलता के लिए दिया जाता है। इनमें 635 पुलिस, 51 अग्निशमन, 41 सिविल डिफेंस व होम गार्ड और 31 सुधार सेवा के कर्मी शामिल हैं। इन अधिकारियों और कर्मचारियों ने वर्षों तक देश की सुरक्षा और सेवा में योगदान दिया है।

इन सुरक्षाबलों को मिली विशेष मान्यता
जम्मू-कश्मीर, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और देश के अन्य संवेदनशील इलाकों में तैनात सुरक्षा बलों के कर्मियों को इस वर्ष विशेष मान्यता मिली है। इन क्षेत्रों में सेवा देना अत्यंत जोखिम भरा होता है, क्योंकि यहां अक्सर आतंकवादी हमले, उग्रवादी गतिविधियां और सुरक्षा चुनौतियां बनी रहती हैं।

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