दुनिया के लिए जलवायु परिवर्तन चिंता का विषय बना हुआ है। इस बीच सी3एस की नवीनतम मासिक रिपोर्ट ने और चिंता बढ़ा दी है। क्योंकि 2025 इतिहास का दूसरा सबसे गर्म वर्ष बन सकता है।
धरती पर बढ़ती गर्मी अब आंकड़ों का विज्ञान नहीं, बल्कि सामने खड़ी कठोर सच्चाई है। कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (सी3एस) की नवीनतम मासिक रिपोर्ट बताती है कि 2023 से 2025 की तीन वर्षीय अवधि पहली बार औसतन डेढ़ डिग्री सेल्सियस की वैश्विक तापमान सीमा को पार करने की कगार पर पहुंच चुकी है। 2025 जहां अब तक के जलवायु इतिहास का दूसरा सबसे गर्म वर्ष बनने की ओर बढ़ रहा है, वहीं नवंबर 2025 भी रिकॉर्ड पर तीसरा सबसे गर्म नवंबर दर्ज हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार नवंबर 2025 में सतह का वैश्विक औसत तापमान 14.02 डिग्री सेल्सियस रहा, जो औद्योगिक काल (1850-1900) की तुलना में 1.54 डिग्री सेल्सियस अधिक है। यह वृद्धि वैज्ञानिकों द्वारा तय की गई उस महत्वपूर्ण डेढ़ डिग्री की सीमा को फिर पार कर गई है, जिसे जलवायु अस्थिरता की निर्णायक रेखा माना जाता है।
1991 से 2020 के औसत की तुलना में भी यह महीना 0.65 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म रहा। उत्तरी कनाडा, आर्कटिक, अंटार्कटिका के बड़े हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज हुआ, जबकि उत्तरी साइबेरिया में अपेक्षाकृत अधिक ठंड बनी रही। कॉपरनिकस के वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2025 स्पष्ट रूप से जलवायु इतिहास के दूसरे या तीसरे सबसे गर्म वर्ष के रूप में दर्ज हो सकता है। जनवरी से नवंबर 2025 के बीच वैश्विक औसत तापमान औद्योगिक काल के मुकाबले 1.48 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
धरती नहीं, समुद्र भी तेजी से गर्म
रिपोर्ट बताती है कि धरती के साथ-साथ समुद्र भी लगातार गर्म हो रहे हैं। नवंबर 2025 में समुद्र सतह का औसत तापमान 20.42 डिग्री सेल्सियस रहा,नवंबर के लिए अब तक के चौथे सबसे ऊंचे स्तर पर। यह नवंबर 2023 के रिकॉर्ड से केवल 0.29 डिग्री सेल्सियस कम रहा। उत्तर प्रशांत और नॉर्वेजियन सागर में समुद्र तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया, जबकि मध्य और पूर्वी प्रशांत में ला नीना के कारण कुछ ठंडक दिखाई दी।
यूरोप में औसत सामान्य तापमान 1.38 से ऊपर
यूरोप में नवंबर का औसत तापमान सामान्य से 1.38 डिग्री सेल्सियस ऊपर रहा, जिससे यह पांचवां सबसे गर्म नवंबर बन गया। पूर्वी यूरोप, बाल्कन, रूस और तुर्की में गर्म हवाएं चलीं, जबकि स्वीडन, फिनलैंड और उत्तरी इटली में अधिक ठंड महसूस की गई। सितंबर से नवंबर की अवधि भी रिकॉर्ड पर तीसरी सबसे गर्म रही। इस दौरान दुनिया के अधिकांश हिस्सों विशेषकर उत्तरी कनाडा, आर्कटिक और अंटार्कटिका में तापमान सामान्य से ऊपर रहा। दक्षिण एशिया में मिश्रित तापमान पैटर्न दर्ज किया गया, जबकि उत्तर–पूर्वी रूस में अपेक्षाकृत अधिक ठंड देखी गई।



