दो चरणों में हो रहे चुनाव में पीएम मोदी प्रत्येक चरण में पांच-पांच जनसभाओं को संबोधित करेंगे। नीतीश न सिर्फ इन सभी जनसभाओं में पीएम के साथ मंच साझा करेंगे, बल्कि व्यक्तिगत तौर पर प्रतिदिन चार जनसभाओं को संबोधित करेंगे।
बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार में प्रधानमंत्री मोदी की सभी रैलियों में राजग के मुख्य चुनावी नारे ’25 से 30 नरेंद्र और नीतीश’ की झलक मिलेगी। पीएम दोनों चरणों में पांच-पांच जनसभाओं को संबोधित करेंगे और इस दौरान सीएम नीतीश कुमार मंच पर मौजूद रहेंगे। घुसपैठ प्रभावित सीमांचल में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पार्टी के लिए माहौल बनाएंगे। गौरतलब है कि चुनाव में राजग ने पीएम मोदी और सीएम नीतीश को चेहरा बनाया है।
दो चरणों में हो रहे चुनाव में पीएम मोदी प्रत्येक चरण में पांच-पांच जनसभाओं को संबोधित करेंगे। नीतीश न सिर्फ इन सभी जनसभाओं में पीएम के साथ मंच साझा करेंगे, बल्कि व्यक्तिगत तौर पर प्रतिदिन चार जनसभाओं को संबोधित करेंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा पूरे चुनाव में 25-25 जनसभाओं को संबोधित करेंगे।
घुसपैठ प्रभावित क्षेत्रों को मथेंगे योगी
पार्टी ने यूपी के सीएम के लिए विशेष रणनीति बनाई है। उनकी ज्यादातर जनसभाएं घुसपैठ प्रभावित जिलों में होंगी। इनमें सीमांचल के सभी चार जिलोंं कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज और अररिया में उनकी जनसभाएं तय हैं। इसके अलावा योगी खगडिय़ा, मुंगेर, सारण, दरभंगा और मधुबनी में भी एक-एक जनसभा को संबोधित करेंगे।
साझा प्रचार पर सहमति
राजग ने इस बार अपने नेताओं की अलग-अलग जनसभाओं के बदले साझा चुनाव प्रचार की रणनीति बनाई है। ऐसे में पीएम की जनसभाओं में सभी सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। इसके अलावा नीतीश की जनसभाओं में भी भाजपा के वरिष्ठ नेता मौजूद रहेेंगे। पार्टी की रणनीति चुनाव प्रचार को मोदी-नीतीश केंद्रित करने की है। वह इसलिए कि दो दशक तक सीएम रहने और करीब 11 साल पीएम रहने के बावजूद मोदी-नीतीश की छवि बेदाग है। इसलिए सतर्क विपक्ष भी अब सीधे नीतीश पर निशाना साधने से दूरी बरत रहा है।



