भारत और रूस ने शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नालंदा विश्वविद्यालय और रूस की कलमीक स्टेट यूनिवर्सिटी के बीच समझौते के तहत छात्र और शिक्षकों के आदान-प्रदान, संयुक्त शोध और शैक्षणिक कार्यक्रमों को बढ़ावा मिलेगा।
भारत और रूस ने शिक्षा, विज्ञान और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक नया कदम उठाया है। दोनों देशों के बीच यह समझौता नालंदा विश्वविद्यालय (भारत) और कलमीक स्टेट यूनिवर्सिटी, एलिस्टा (रूस) के बीच हुआ है, जिसका नाम बी.बी. गोरोडोविकोव के नाम पर रखा गया है।
भारतीय संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते से छात्र और शिक्षकों के आदान-प्रदान, संयुक्त शोध कार्यों और शैक्षणिक कार्यक्रमों जैसी योजनाओं को बढ़ावा मिलेगा। यह समझौता दोनों देशों के बीच इन सभी पहलों के लिए एक मजबूत संस्थागत ढांचा तैयार करेगा, जिससे भारत और रूस के बीच शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ समझौता
19 अक्तूबर को जारी एक बयान में कहा गया, “दोनों पक्षों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह साझेदारी भारत और रूस के छात्रों और विद्वानों के लिए नए क्षितिज खोलेगी तथा शिक्षा, संस्कृति और मानविकी में द्विपक्षीय सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाएगी।”
अधिकारियों ने कहा कि सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर भारत और रूस के बीच शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह बैठक दोनों पक्षों के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में काल्मिक स्टेट यूनिवर्सिटी में आयोजित की गई, जिसमें रूसी संघ में भारतीय दूतावास के पूर्णाधिकारी मंत्री निखिलेश चंद्र गिरि, भारतीय दूतावास में शिक्षा मंत्री विनय कुमार और नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति सचिन चतुर्वेदी (जो वीडियो लिंक के माध्यम से बैठक में शामिल हुए) शामिल थे।



