घटनास्थल पर स्कॉर्पियो के ब्रेक लगाने के निशान नहीं मिले हैं। मौके पर स्कॉर्पियो के शीशे के टुकड़े मिले हैं। चर्चा रही कि हादसे के बाद भाग रही स्कॉर्पियो को रोकने के लिए किसी ने पथराव किया। इसके बाद भी चालक नहीं रुका और भाग निकला था।
यूपी के प्रयागराज-कानपुर हाईवे पर रविवार दोपहर करीब तीन बजे 150 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से फर्राटा भर रही स्कॉर्पियो ने सड़क पार कर रहे एक ही परिवार के सात लोगों में तीन को टक्कर मार दी। इससे सगे भाई-बहन की मौत हो गई। एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्कॉर्पियो की चपेट में आने वाले भाई-बहन हवा में करीब छह फीट तक उछलने के बाद 15 मीटर दूर जा गिरे।
कल्लो और राजकिशोर की मौत
हादसा कल्यानपुर थाना क्षेत्र के मुरादीपुर ओवरब्रिज पर एक कॉलेज के सामने हुआ। हादसे में राधानगर थाना क्षेत्र के विनोबा नगर निवासी चंद्रकिशोर की पत्नी कल्लो (50), भाई राजकिशोर (45) की मौत हो गई। परिवार के सुरेश (55) गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद स्कॉर्पियो चालक कानपुर की ओर भाग निकला। घायल सुरेश को गोपालगंज पीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया।
पत्थर टांकने का काम करता है परिवार
इनके साथ परिवार की बलुआ पत्नी राजकिशोर, सोनवती पत्नी धर्म नारायण, लक्ष्मी पत्नी सुरेश और छोटू भी थे। सभी गिहार समाज के हैं। परिजन ने बताया कि करीब दो माह पहले उन्नाव में पत्थर टांकने (सिलबट्टा टांकने) का काम करने गए थे। उन्नाव से कुछ दिन पहले रायबरेली में बछरावां कस्बे में काम पर चले गए थे। यहां से सभी लोग लोडर से रविवार को घर लौट रहे थे। सातों लोगों को हाईवे पर उल्टी दिशा में लोडर ने उतार दिया। हाईवे पार करते समय कानपुर की ओर जा रही स्कॉर्पियो ने तीन लोगों को टक्कर मार दी। इससे कल्लो और राजकिशोर की मौत हो गई।
प्रयागराज से कानपुर जा रहा था चालाक
प्रभारी निरीक्षक अखिलेश यादव ने बताया कि स्कॉर्पियो के बारे कानपुर-प्रयागराज हाईवे के थानों में सूचना दी गई। कानपुर के महाराजपुर के पास स्कॉर्पियो और चालक को पकड़ा गया। स्कॉर्पियो प्रयागराज की है। स्कॉर्पियो सवार प्रयागराज से कानपुर जा रहे थे।
सिर पर रखे थे चावल और सामान की बोरियां
हादसे की चपेट में आने वाले परिवार के लोग चावल और गृहस्थी के सामान की बोरियों को सिर पर रखकर हाईवे पार कर रहे थे। पुलिस का अनुमान है कि सिर पर सामान होने के कारण अचानक आ रहे वाहन को मुड़कर भी नहीं देख सके होंगे। हादसे के बाद बोरी फटने से चावल हाईवे पर बिखर गया। जूते इधर-उधर पड़े दिखे।
ब्रेक का निशान नहीं, स्कॉर्पियो के टूटे मिले शीशे
घटनास्थल पर स्कॉर्पियो के ब्रेक लगाने के निशान नहीं मिले हैं। मौके पर स्कॉर्पियो के शीशे के टुकड़े मिले हैं। चर्चा रही कि हादसे के बाद भाग रही स्कॉर्पियो को रोकने के लिए किसी ने पथराव किया। इसके बाद भी चालक नहीं रुका और भाग निकला था। यह भी माना जा रहा है कि टक्कर के बाद हवा में उछलकर लोग स्कार्पियो के बोनट पर गिरे और टकराने से शीशा टूटकर गिर गया।

डेढ़ किलोमीटर घूमकर लोडर चालक ने उल्टी दिशा में छोड़ा
लोडर चालक सातों लोगों को दूधी कागार मार्ग से लेकर प्रयागराग-कानपुर हाईवे पर पहुंचा था। चालक को दूधी कागार मोड़ के पास ही सभी को उतार देना चाहिए। दिवंगत के परिजन ने बताया कि चालक को कानपुर सरसौल जाना था। दूधी कागार मोड़ पर जाम लगने और पुलिस बैरिकेडिंग की आपाधापी में चालक ने परिवार को दूधी कागार मोड़ पर नहीं उतारा। इन्हें आगे अंडरब्रिज से घुमाकर मुरादीपुर ओवरब्रिज पर करीब डेढ़ किलोमीटर दूर उल्टी दिशा में छोड़ा था। यही हादसे की बड़ी वजह बना है।



