इंडिगो की उड़ानों में भारी गड़बड़ी के बाद सरकार सख्त, दूसरे एयरलाइनों से मांगी खाली स्लॉट्स की मांग

इंडिगो की उड़ानों में भारी गड़बड़ी के बाद सरकार सख्त, दूसरे एयरलाइनों से मांगी खाली स्लॉट्स की मांग

दिसंबर में इंडिगो की हजारों उड़ानें रद्द और लेट होने से लाखों यात्री परेशान हुए थे। इसके बाद DGCA ने इंडिगो के विंटर शेड्यूल में 10% कटौती कर दी, जिससे कई उड़ान स्लॉट खाली हो गए। सरकार ने इन स्लॉट्स को दूसरी एयरलाइनों को देने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन शर्तें सख्त हैं। आइए पूरी खबर विस्तार से जानते हैं।

पिछले साल दिसंबर में देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की उड़ानों में भारी अव्यवस्था देखने को मिली थी। 3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो ने 2,507 उड़ानें रद्द कर दी थीं और 1,852 उड़ानें देर से चलीं, जिससे देशभर के हवाई अड्डों पर 3 लाख से ज्यादा यात्री परेशान हुए। इस बड़ी गड़बड़ी के बाद अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सख्त कदम उठाते हुए इंडिगो के विंटर शेड्यूल में 10 प्रतिशत की कटौती कर दी। इसको ऐसे समझा जा सकता है कि इंडिगो को कई समय-स्लॉट्स (उड़ान के तय समय) पर उड़ानें बंद करनी पड़ीं।

गुरुवार को सरकार ने दूसरी एयरलाइनों से कहा कि वे इंडिगो द्वारा छोड़े गए इन स्लॉट्स के लिए अपनी इच्छा और मांग बताएं। नागर विमानन मंत्रालय ने बताया कि इंडिगो के खाली स्लॉट्स के बंटवारे के लिए बनी समिति की पहली बैठक 13 जनवरी को हुई थी, जिसमें नियम और प्रक्रिया पर चर्चा हुई। इसके बाद अब एयरलाइनों से कहा गया है कि वे संबंधित एयरपोर्ट ऑपरेटर को अपनी मांग भेजें। हालांकि, अंतिम फैसला सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ही लेगी।

एयरलाइनों के लिए रखीं गई ये शर्तें
मामले में सरकार ने साफ कहा है कि कोई भी एयरलाइन अपनी मौजूदा उड़ानें बंद करके इंडिगो के स्लॉट्स का इस्तेमाल नहीं कर सकती। स्लॉट्स का इस्तेमाल नियमों के तहत ही करना होगा। हालांकि इस मामले में एयरलाइनों की दिलचस्पी कम दिख रही है। एक एयरलाइन इंडस्ट्री के अधिकारी ने बताया कि इंडिगो ज्यादातर रात के देर से चलने वाली (रेड-आई) उड़ानों के स्लॉट्स छोड़ रहा है, जिन्हें कोई लेना नहीं चाहता।अधिकारी के मुताबिक कहीं छह उड़ानों में से सिर्फ एक उड़ान का स्लॉट छोड़ा गया है। ऐसे छोटे और कम फायदेमंद स्लॉट्स में किसी एयरलाइन की खास रुचि नहीं है।

इंडिगो की मुनाफे में बड़ी गिरावट
गुरुवार को इंडिगो ने बताया कि दिसंबर 2025 को खत्म हुई तिमाही में उसका मुनाफा 78 प्रतिशत घटकर 549.1 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी ने कहा कि खर्च बढ़ने, नए श्रम कानूनों के लागू होने और रुपये की कीमत में उतार-चढ़ाव की वजह से मुनाफा कम हुआ, हालांकि यात्रियों की संख्या और आमदनी बढ़ी थी।

डीजीसीए की सख्ती और जुर्माना
बता दें कि 17 जनवरी को डीजीसीए ने इंडिगो पर कुल 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही, इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स और दो वरिष्ठ अधिकारियों को चेतावनी भी दी गई। इतना ही नहीं डीजीसीए ने इंडिगो को 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का आदेश भी दिया, ताकि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियां न हों।

डीजीसीए ने बताई क्या है वजह?
गौरतलब है कि इससे पहले 20 जनवरी को डीजीसीए ने कहा कि उड़ानों की अव्यवस्था की मुख्य वजह उड़ान क्रू की सही योजना न होना, नियमों के मुताबिक तैयारी की कमी, सॉफ्टवेयर और मैनेजमेंट सिस्टम की खामियां और कर्मचारियों पर जरूरत से ज्यादा काम का दबाव है। डीजीसीए के मुताबिक, इंडिगो ने विमान, क्रू और नेटवर्क का अत्यधिक इस्तेमाल किया, जिससे सुरक्षा और संचालन पर असर पड़ा।

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