अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। मजबूत अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण निवेशकों की सतर्कता बढ़ गई, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव पड़ा।
स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.2% गिरकर 5,165.73 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.2% की गिरावट के साथ 5,171.40 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। चांदी की कीमत में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ और स्पॉट सिल्वर 85.82 डॉलर प्रति औंस पर लगभग स्थिर रहा।
इस बीच अमेरिकी डॉलर करीब 0.2% मजबूत हुआ। डॉलर के मजबूत होने से सोना-चांदी जैसी डॉलर में कीमत वाली कमोडिटी अन्य मुद्राओं के निवेशकों के लिए महंगी हो जाती हैं, जिससे मांग पर असर पड़ता है।
दूसरी ओर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) फरवरी में 0.3% बढ़ा, जो जनवरी के 0.2% से अधिक है और अनुमान के अनुरूप है। सालाना आधार पर महंगाई दर फरवरी में 2.4% रही।
अमेरिका में महंगाई के ताजा आंकड़ों ने ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीदों को कमजोर कर दिया है। वहीं पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। इन दोनों कारकों का असर सोने की कीमतों पर पड़ा है और कारोबार की शुरुआत में इसमें करीब 1% तक की गिरावट दर्ज की गई। इससे एक दिन पहले भी सोना लगभग 0.3% फिसला था।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, मेलबर्न स्थित वैंटेज मार्केट्स की विश्लेषक हेबे चेन का मानना है कि सोने में आई यह गिरावट कमजोरी नहीं बल्कि बाजार में अस्थायी ठहराव का संकेत है। उनके अनुसार, महंगाई बढ़ने की आशंका ने डॉलर को मजबूत कर दिया है और इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ब्याज दर घटाने की उम्मीदें फिलहाल टल गई हैं। इसी वजह से निवेशकों ने कुछ समय के लिए सोने से दूरी बना ली है, क्योंकि बाजार में आमतौर पर एक समय में एक ही सुरक्षित निवेश को प्राथमिकता मिलती है।



