फीफा विश्वकप 2026 में कोलंबिया और उज्बेकिस्तान के बीच मुकाबले के साथ सभी 48 टीमों का पहला मैच पूरा हो जाएगा। शुरुआती दौर में कुछ टीमों ने अपने प्रदर्शन से साफ संकेत दे दिए हैं कि वे खिताब की प्रबल दावेदार हैं। जर्मनी ने सात गोल दागकर सबसे बड़ी जीत दर्ज की, जबकि इंग्लैंड, अर्जेंटीना, फ्रांस और अमेरिका ने भी शानदार शुरुआत की। दूसरी ओर पुर्तगाल, ब्राजील, स्पेन और बेल्जियम जैसी टीमों ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया। पहले दौर के आधार पर नजर डालते हैं उन 10 टीमों पर जिन्होंने सबसे ज्यादा प्रभावित किया।
कोलंबिया और उज्बेकिस्तान के मुकाबले के खत्म होते ही विश्वकप 2026 में हिस्सा ले रही सभी 48 टीमें अपना-अपना पहला मैच खेल चुकी होंगी। हालांकि, अब तक खेले गए मुकाबलों ने यह संकेत देना शुरू कर दिया है कि कौन सी टीमें इस बार लंबी रेस की घोड़ी साबित हो सकती हैं। कुछ टीमों ने गोलों की बारिश की, कुछ ने संतुलित खेल दिखाया और कुछ ने मजबूत विरोधियों के खिलाफ अपना दम साबित किया। आइए जानते हैं कि पहले मैच के बाद वे 10 टीमें कौन सी हैं, जिन्होंने अपने प्रदर्शन से सबसे ज्यादा प्रभावित किया और खिताब की दावेदारी मजबूत की।
आगे कैसे बढ़ेगा टूर्नामेंट
पहले मैच के बाद टूर्नामेंट दूसरे और तीसरे ग्रुप मैचों की ओर बढ़ेगा। सभी 12 ग्रुप की शीर्ष दो टीमें और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली आठ तीसरे स्थान की टीमें नॉकआउट चरण यानी राउंड ऑफ 32 में पहुंचेंगी। इसके बाद हारने वाली टीम बाहर होती जाएगी और जीतने वाली टीम राउंड ऑफ 16, क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फिर फाइनल में जगह बनाएगी। यानी अब हर मैच के साथ अंकतालिका की तस्वीर और भी साफ होती जाएगी तथा खिताब की असली दौड़ शुरू होगी।
1. जर्मनी: सबसे दमदार शुरुआत
जर्मनी ने कुरासाओ को 7-1 से हराकर पूरे टूर्नामेंट को चेतावनी दे दी। सात गोल दागने वाली जर्मन टीम आक्रमण और मिडफील्ड दोनों विभागों में बेहद संतुलित दिखी। मैच में जर्मनी ने शुरुआत से अंत तक दबदबा बनाए रखा और विपक्ष को कोई मौका नहीं दिया। पहले दौर के बाद यदि किसी टीम ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया है तो वह जर्मनी है।

2. इंग्लैंड: केन और बेलिंगहम का कमाल
क्रोएशिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ 4-2 की जीत इंग्लैंड की ताकत को दर्शाती है। हैरी केन ने दो गोल किए, जबकि जूड बेलिंगहम और मार्कस रैशफोर्ड ने भी गोल दागे। खास बात यह रही कि क्रोएशिया के बराबरी करने के बाद भी इंग्लैंड दबाव में नहीं टूटा और दूसरे हाफ में पूरी तरह मैच पर नियंत्रण कर लिया।
3. अर्जेंटीना: मेसी के रहते मजबूत
अर्जेंटीना ने अल्जीरिया को 3-0 से हराकर शानदार शुरुआत की। विश्व चैंपियन टीम ने दिखाया कि उसके पास अभी भी बेहतरीन संतुलन और गहराई है। आक्रमण, मिडफील्ड और डिफेंस तीनों विभागों में अर्जेंटीना बेहद संगठित नजर आया। टीम ने पूरे मैच में अल्जीरिया को ज्यादा अवसर नहीं दिए।

4. फ्रांस: चैंपियन जैसी शुरुआत
फ्रांस ने सेनेगल को 3-1 से हराया। अफ्रीकी टीम के खिलाफ यह आसान मुकाबला नहीं माना जा रहा था, लेकिन फ्रांसीसी खिलाड़ियों ने बेहतरीन सामंजस्य दिखाया। आक्रमण में तेजी और मिडफील्ड में नियंत्रण ने उन्हें बाकी टीमों से अलग बनाया।
5. अमेरिका: घरेलू समर्थन का फायदा
मेजबान अमेरिका ने पराग्वे को 4-1 से हराकर शानदार शुरुआत की। अमेरिकी टीम ने तेज फुटबॉल खेली और लगातार आक्रमण किए। चार गोल करना और केवल एक गोल खाना दिखाता है कि यह टीम इस बार नॉकआउट चरण में बड़ा खतरा बन सकती है।
6. स्वीडन: गोलों की बरसात
स्वीडन ने ट्यूनीशिया को 5-1 से हराया। टीम का आक्रमण बेहद धारदार दिखा और उसने मिले लगभग हर मौके का फायदा उठाया। पांच गोल करने वाली स्वीडिश टीम ने यह साबित कर दिया कि उसे हल्के में लेना किसी भी विरोधी के लिए महंगा पड़ सकता है।
7. नॉर्वे: इराक के खिलाफ दमदार प्रदर्शन
नॉर्वे ने इराक को 4-1 से हराकर अपने अभियान की शुरुआत की। टीम का हमला लगातार प्रभावी रहा और उसने विपक्षी डिफेंस को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। चार गोल की जीत ने नॉर्वे को संभावित डार्क हॉर्स के रूप में स्थापित किया है।
8. ऑस्ट्रिया: संतुलित और आत्मविश्वासी
ऑस्ट्रिया ने जॉर्डन को 3-1 से हराया। यह मैच भले ही सुर्खियों में नहीं रहा, लेकिन ऑस्ट्रियाई टीम ने जिस तरह नियंत्रित और व्यवस्थित फुटबॉल खेली, उसने विशेषज्ञों का ध्यान खींचा। टीम ने बढ़त लेने के बाद भी आक्रमण जारी रखा।
9. दक्षिण कोरिया: एशियाई चुनौती
दक्षिण कोरिया ने चेकिया को 2-1 से हराकर एशियाई फुटबॉल की ताकत दिखाई। टीम ने पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए मैच जीता और दबाव की स्थिति में भी संयम बनाए रखा। तकनीकी रूप से कोरियाई टीम काफी मजबूत नजर आई।
10. मेक्सिको: मजबूत और व्यावहारिक
मेक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से हराया। भले ही स्कोरलाइन बहुत बड़ी नहीं रही, लेकिन टीम ने पूरे मैच में नियंत्रण बनाए रखा। मजबूत डिफेंस और प्रभावी काउंटर अटैक ने मेक्सिको को पहले दौर की सबसे प्रभावशाली टीमों में शामिल कर दिया।
इन दिग्गजों ने किया निराश
पुर्तगाल डीआर कांगो के खिलाफ 1-1 से आगे नहीं बढ़ पाया और क्रिस्टियानो रोनाल्डो गोल नहीं कर सके। ब्राजील मोरक्को से 1-1 से ड्रॉ खेला, जबकि स्पेन को केप वर्डे ने गोलरहित बराबरी पर रोक दिया। बेल्जियम और उरुग्वे भी जीत दर्ज नहीं कर सके। इन टीमों को दूसरे मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।



