दिल्ली में सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल आया। वैश्विक बाजार में मजबूत रुझानों, घटती महंगाई की चिंताओं और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। जानें विशेषज्ञों की राय और आगे की दिशा।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार वृद्धि दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों में मजबूत रुझानों के कारण सोने का भाव 2,440 रुपये बढ़कर 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। वहीं, चांदी की कीमत 5,300 रुपये चढ़कर 2.3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। यह उछाल दो लगातार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद आया है।
अखिल भारतीय सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने का दाम 2,440 रुपये बढ़कर 1,49,640 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह धातु 1,47,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रही थी। चांदी की कीमतें भी 5,300 रुपये बढ़कर 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गईं। 24 जुलाई 2026, शुक्रवार को यह 2,24,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। कारोबारियों ने बताया कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई की चिंताएं कम हुईं। इससे निवेशकों की भावनाएं मजबूत हुईं।
कीमतों में उछाल का क्या कारण है?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने बताया कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई। इससे महंगाई की चिंताएं कम हुईं और सोने को लाभ मिला। कमजोर अमेरिकी डॉलर और कम ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड ने भी बुलियन को अतिरिक्त समर्थन दिया। हालांकि, भारतीय रुपये के अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होने से घरेलू बाजार में लाभ सीमित रहा। कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी अनुसंधान की सहायक उपाध्यक्ष कायनात चैनवाला ने कहा कि अमेरिकी-ईरान हमलों में अस्थायी विराम के बाद कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई। इससे सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों को बढ़ावा देने वाली महंगाई की चिंताएं कम हुईं।
वैश्विक बाजार में क्या स्थिति रही?
वैश्विक बाजारों में सोमवार को स्पॉट गोल्ड 42.13 अमेरिकी डॉलर यानी 1.04 फीसदी बढ़कर 4,095.30 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस हो गया। चांदी की कीमत भी 1.47 फीसदी बढ़कर 59.04 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्पॉट गोल्ड 4,100 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रहा था। चांदी ने भी 59 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस तक अपनी बढ़त बढ़ाई। इन मजबूत वैश्विक रुझानों ने घरेलू बाजार को भी सहारा दिया।
निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड में ईबीजी- कमोडिटी व मुद्रा अनुसंधान के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रणव मेर ने कहा कि निवेशकों को पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर नजर रखनी चाहिए। यूरोज़ोन, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर भी ध्यान देना होगा। इसके अलावा, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े और अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास भी महत्वपूर्ण होंगे। साप्ताहिक बेरोजगारी दावे भी निवेशकों के लिए अहम जानकारी देंगे। फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान के मौद्रिक नीति संबंधी निर्णय भी बुलियन की कीमतों की आगे की दिशा तय करेंगे।



