हिमाचल-उत्तराखंड में बारिश का अलर्ट, असम की बाढ़ में 100+ मौतें; IMD की ताजा चेतावनी क्या?

हिमाचल-उत्तराखंड में बारिश का अलर्ट, असम की बाढ़ में 100+ मौतें; IMD की ताजा चेतावनी क्या?

देश के कई हिस्सों में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वोत्तर के कई इलाकों में भी बारिश का दौर जारी है। असम में बाढ़ और बारिश से मौतों का आंकड़ा 100 पार पहुंच गया है। ऐसे में आइए, जानते हैं कि अगले कुछ दिनों में किन राज्यों में ज्यादा खतरा रहेगा?

देश के कई हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। मौसम विभाग के अनुसार 9 से 15 अगस्त के बीच देश के बड़े हिस्से में व्यापक बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान कई इलाकों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। उत्तर-पश्चिम के पहाड़ी राज्यों, पूर्वोत्तर और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का असर ज्यादा रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

हिमाचल और उत्तराखंड में कितनी भारी बारिश का अलर्ट है?

हिमाचल प्रदेश में 9 से 15 अगस्त तक कई इलाकों में व्यापक बारिश की संभावना है। 10 और 11 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। 12 से 15 अगस्त के बीच भी कई जगह भारी बारिश का अनुमान है। राज्य में पहले से बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से नुकसान हुआ है। अब तक करीब 835 करोड़ रुपये के नुकसान और 66 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। उत्तराखंड में भी पूरे सप्ताह व्यापक बारिश का अनुमान है। 9 और 10 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 11 से 15 अगस्त के बीच भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना रहेगा।

असम में बाढ़ की स्थिति इतनी गंभीर क्यों है?

असम में लगातार बारिश और बाढ़ ने हालात गंभीर कर दिए हैं। राज्य में बारिश और बाढ़ से मरने वालों की संख्या 100 के पार पहुंच गई है। कई जिलों में बड़ी आबादी प्रभावित है और राहत-बचाव कार्य जारी हैं। मौसम विभाग ने असम और मेघालय में 9 से 12 अगस्त के बीच भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। 13 से 15 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। ऐसे में पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में मुश्किलें और बढ़ने की आशंका है। अरुणाचल प्रदेश में भी 11 से 15 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में बारिश से क्या हाल है?

राजस्थान में रविवार को जयपुर समेत कई इलाकों में तेज बारिश हुई। जयपुर में सुबह छह से नौ बजे के बीच लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया और कुछ घरों में भी पानी घुस गया। चूरू की कई कॉलोनियों में भी जलभराव की स्थिति बनी। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी राजस्थान में 9 से 13 अगस्त तक व्यापक बारिश हो सकती है। 10 और 11 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है। मध्य प्रदेश में भी बारिश ने जोर पकड़ा है। डिंडौरी में शनिवार रात से रविवार सुबह तक करीब छह इंच बारिश दर्ज होने की जानकारी दी गई। कुछ इलाकों में नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है।

छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड में क्या चेतावनी है?

छत्तीसगढ़ में 9 और 10 अगस्त तथा 12 से 15 अगस्त के बीच व्यापक बारिश का अनुमान है। 10 से 14 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 9 अगस्त को बहुत भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है। बिहार में 13 से 15 अगस्त के बीच बारिश का जोर बढ़ सकता है। राज्य में 9 अगस्त और फिर 13 से 15 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। झारखंड में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश की संभावना है। 9 और 10 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 10 अगस्त को कई जगह बारिश हो सकती है। 9 और 10 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश अपेक्षाकृत सीमित रह सकती है, लेकिन 10 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश संभव है। दिल्ली-एनसीआर में पूरे सप्ताह बारिश की गतिविधि तुलनात्मक रूप से कम रहने की संभावना है। यहां 9 से 15 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि 9 अगस्त को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई थी। इसके बाद बारिश का असर अलग-अलग इलाकों में सीमित रहने का अनुमान है।

महाराष्ट्र और कर्नाटक में बारिश का क्या अनुमान है?

महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र और गोवा में 9 से 15 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 9 अगस्त को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना रही। कर्नाटक में तटीय इलाकों में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश का अनुमान है। उत्तर आंतरिक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। 9 अगस्त को उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। तटीय और दक्षिणी हिस्सों में भी तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना है।

बंगाल और पूर्वोत्तर में क्या स्थिति रहेगी?

पश्चिम बंगाल और ओडिशा में पूरे सप्ताह बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। झारखंड में 9 से 12 अगस्त के बीच तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल के गंगा वाले हिस्से में 13 और 14 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। वहीं उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 9 और 12 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी पूरे सप्ताह व्यापक बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं।

ओडिशा में भारी बारिश से बाढ़

ओडिशा में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण रविवार को कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बालासोर, भद्रक, केंद्रापड़ा और जाजपुर के कई इलाकों में पानी भर गया। अधिकारियों के अनुसार बैतरणी, सालंदी, कानि और महानदी नदी तंत्र में जलस्तर बढ़ा है। बालासोर के बस्ता इलाके में जलाका नदी का पानी बढ़ने से स्थिति बिगड़ी है। छत्तीसगढ़ के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश के बाद हीराकुद बांध के 12 स्लुइस गेट खोल दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग ने तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी है और राहत-बचाव दलों को तैयार रखा गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में राज्य के उत्तरी और पश्चिमी जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है।

दक्षिण भारत के किन राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है?

दक्षिण भारत में भी कई इलाकों में बारिश का असर बना रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 9 से 15 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश का अनुमान है। 9 से 12 अगस्त के बीच गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। रायलसीमा में भी इसी तरह का मौसम रह सकता है। तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल में पूरे सप्ताह अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना है। 9 और 10 अगस्त को गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। केरल, माहे और लक्षद्वीप में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश का अनुमान है।

9 से 15 अगस्त के बीच कहां-कहां ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत?

  • हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड… भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना।
  • असम और मेघालय… भारी बारिश, कुछ दिनों में बहुत भारी बारिश का अनुमान।
  • राजस्थान… पूर्वी हिस्सों में व्यापक बारिश, 10-11 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना।
  • मध्य प्रदेश… 9-12 अगस्त के बीच कई इलाकों में बारिश और कुछ जगह भारी से बहुत भारी बारिश।
  • छत्तीसगढ़… भारी बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना।
  • झारखंड और ओडिशा… पूरे सप्ताह बारिश, कुछ दिनों में भारी बारिश।
  • कोंकण और गोवा… पूरे सप्ताह व्यापक बारिश।
  • कर्नाटक… तटीय इलाकों में व्यापक बारिश और कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं।
  • केरल और लक्षद्वीप… पूरे सप्ताह व्यापक बारिश और तेज हवाओं की संभावना।
  • उत्तर प्रदेश… पूर्वी हिस्सों में 10 अगस्त को व्यापक बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश।

इस पूरे सप्ताह मौसम को लेकर सबसे बड़ा खतरा क्या है?

मौसम विभाग के अनुमान से साफ है कि अगले कुछ दिन देश के कई हिस्सों के लिए बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के साथ भूस्खलन और सड़क संपर्क प्रभावित होने का खतरा है। मैदानी इलाकों में जलभराव और नदियों का जलस्तर बढ़ने की समस्या सामने आ सकती है। पूर्वोत्तर में पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए स्थिति और कठिन हो सकती है। तटीय इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक का खतरा है। ऐसे में संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम की चेतावनी पर नजर रखनी होगी। खासकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, असम, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में अगले कुछ दिन बारिश के लिहाज से अहम रहेंगे।

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