निर्माणाधीन टनल में भूस्खलन से नौ की मौत, छह की तलाश जारी, आज जाएंगे सीएम

निर्माणाधीन टनल में भूस्खलन से नौ की मौत, छह की तलाश जारी, आज जाएंगे सीएम

विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी आने से वहां काम कर रहे मजदूर अंदर ही फंस गए थे। इसमें करीब नौ मजदूरों की मौत हो गई। कई मजदूरों की तलाश अब भी जारी है।

ओडिशा के जगेश्वर ने बयां की आपबीती

ओडिशा निवासी जगेश्वर ने बताया कि वह टनल से निकलने वाले पानी को पंप के जरिये बाहर भेजने का काम करता है। शाम करीब 6:10 बजे अचानक तेज आवाज सुनाई दी, जो बेहद भयावह थी। इसी दौरान टनल की बिजली भी गुल हो गई। हादसे के समय वह घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर था। टनल में तेज आवाज सुनी तो किसी अनहोनी की आशंका हुई। अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी।

घायलों की आपबीती

हादसे में घायल छत्तीसगढ़ निवासी सुनील दीवान ने जिला अस्पताल में बताया कि वे टनल के अंदर सरिया से सेटरिंग बना रहे थे। एक साथ वे करीब 17 लोग थे। अचानक करीब 150 मीटर दूर तेज आवाज के साथ भारी भूस्खलन हुआ और मलबा, पानी व पत्थर तेज गति से टनल के अंदर घुस आए। इसके धक्के से कई लोग दूर जा गिरे, जबकि कुछ लोग मलबे में दब गए। हम मलबे के धक्के से टनल के बाहर की ओर आ गए। मजदूर बचाओ-बचाओ चिल्ला रहे थे। टनल में कई जगह से मलबा आने से ऑक्सीजन लेवल बेहद कम हो गया था। कुछ लोग दम घुटने के कारण मलबे में आगे चल नहीं पा रहे थे। शुक्र है समय पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हो गया।

एक घायल ने कीचड़ में आधा हिस्से तक फंसा

बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान करीब 16-17 लोग एक जगह पर थे। जबकि बिजली ऑपरेटर, प्लंबर के साथ ही कुछ अन्य लोग भी वहां मौजूद थे। एक घायल ने बताया कि वे कीचड़ में आधा हिस्से तक फंस गए थे, जैसे-तैसे जान बची।

टीएचडीसी की टनल से बचकर बाहर आए घायल मजदूरों ने बताया मंजर

टीएचडीसी की टीआर टनल से बचकर बाहर आए घायल मजदूर सदमे में हैं। टनल में अचानक ऑक्सीजन लेवल कम होने से मजदूरों की सांस फूल रही थी। कांपते शब्दों में उन्होंने बताया कि जिस जगह पर भूस्खलन हुआ, वहां बुधवार को मिट्टी खिसक गई थी। इसके धंसने की आशंका थी। यह टनल दुर्गापुुर से सियासैंण तक करीब तीन किलोमीटर तक निर्मित हो रही है। हादसा करीब डेढ़ किमी पर हुआ है।

राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी टनल के भीतर मलबा और पानी आने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं।

टनल से निकलने वाले पानी को पंप के जरिये बाहर भेजा

ओडिशा निवासी जगेश्वर ने बताया कि वह टनल से निकलने वाले पानी को पंप के जरिये बाहर भेजता है। शाम करीब 6 बजे अचानक तेज आवाज सुनाई दी, जो बेहद भयावह थी। इसी दौरान टनल की बिजली भी गुल हो गई। हादसे के समय वह घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर था।

मलबा, पानी व पत्थर तेज गति से टनल के अंदर घुसा

हादसे में घायल छत्तीसगढ़ निवासी सुनील दीवान ने जिला अस्पताल में बताया कि वह टनल में सरिया बांधने का काम कर रहे थे। उस समय करीब 16-17 लोग टनल में मौजूद थे। अचानक करीब 150 मीटर दूर भारी भूस्खलन हुआ और मलबा, पानी व पत्थर तेज गति से टनल के अंदर घुस आया।

प्रभावित परिवारों को हर संभव की जाएगी सहायता प्रदान : टीएचडीसी

प्रोजेक्ट निदेशक शरद कुमार ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है। उन्होंने बताया कि हमारी पहली प्राथमिकता सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके लिए सभी संसाधनों को पूरी तरह से लगाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी और घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी। बताया कि प्रोजेक्ट की मैनेजमेंट टीम भी राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तरह जुटी हुई है। प्रशासन के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। राहत कार्य तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी लोगों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता। बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है और अन्य फंसे हुए लोगों को निकालने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

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