ट्रंप का ‘टैरिफ वार’ जारी: चीन के खिलाफ नया प्लान, सस्ते सामान पर 7.5% कर संभव; कनाडा के लिए भी बढ़ी मुश्किल

ट्रंप का ‘टैरिफ वार’ जारी: चीन के खिलाफ नया प्लान, सस्ते सामान पर 7.5% कर संभव; कनाडा के लिए भी बढ़ी मुश्किल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के सस्ते सामान पर नया 7.5% टैरिफ लगाने की तैयारी में हैं। वहीं, उन्होंने कनाडा से आने वाली कारों, ऑटो पार्ट्स और स्टील पर 2027 से 50% शुल्क लगाने का एलान किया है। इससे दोनों देशों के साथ अमेरिका का व्यापार तनाव बढ़ सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन पर नया टैरिफ लगाने की तैयारी में हैं। मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, यह कदम चीन पर वैश्विक बाजार में कम कीमत वाले सामान की बाढ़ लाने के आरोप के बाद उठाया जा रहा है। प्रस्तावित शुल्क 7.5 फीसदी हो सकता है, हालांकि अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।

बताया जा रहा है कि अमेरिकी प्रशासन ऐसा स्तर तय करना चाहता है जिससे अमेरिका और चीन के बीच चल रहा एक साल का व्यापारिक समझौता प्रभावित न हो। साथ ही सितंबर के अंत में ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच प्रस्तावित मुलाकात पर भी इसका असर न पड़े।

चीन पर पहले से लगे शुल्क के ऊपर लगेगा नया टैरिफ?

प्रस्तावित नया शुल्क चीन पर पहले से लागू टैरिफ के अतिरिक्त होगा। पिछले महीने अमेरिका ने दुनिया की करीब 60 अर्थव्यवस्थाओं से आने वाले सामान पर 10 से 12.5 फीसदी तक के शुल्क की घोषणा की थी। इन देशों पर जबरन मजदूरी से बने उत्पादों पर रोक को प्रभावी ढंग से लागू नहीं करने का आरोप लगाया गया था। चीन समेत कई देशों ने इस कदम का विरोध किया था।

चीन के ‘ओवरकैपेसिटी’ पर अमेरिका की नजर

ट्रंप प्रशासन ने मार्च में चीन समेत कई देशों की अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता और जबरन मजदूरी से जुड़े नियमों को लेकर औपचारिक जांच शुरू की थी। चीन की जांच अमेरिकी व्यापार कानून की धारा 301 के तहत की जा रही है। अमेरिका का आरोप है कि चीन की कई इंडस्ट्रीज में जरूरत से ज्यादा उत्पादन क्षमता है, जिससे वैश्विक बाजार में कम कीमत वाले उत्पादों की आपूर्ति बढ़ रही है। ऑटोमोबाइल, सोलर पैनल, सीमेंट और स्टील जैसे क्षेत्रों में चीन की बड़ी उत्पादन क्षमता को लेकर उसके व्यापारिक साझेदार चिंता जता चुके हैं। चीन ने हालांकि ओवरकैपेसिटी के आरोपों को खारिज किया है।

चीन का व्यापार सरप्लस रिकॉर्ड स्तर पर

चीन में घरेलू मांग धीमी होने के कारण कई कंपनियों ने विदेशी बाजारों का रुख किया है। इससे देश के निर्यात में बढ़ोतरी हुई और पिछले साल चीन का व्यापार अधिशेष करीब 1.2 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि चीन ने कभी बड़े व्यापार अधिशेष को अपना लक्ष्य नहीं बनाया।

कनाडा पर भी ट्रंप ने बढ़ाया टैरिफ का दबाव

इस बीच ट्रंप ने कनाडा के खिलाफ भी टैरिफ बढ़ाने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2027 से कनाडा से आने वाली कारों, ट्रकों, ऑटो पार्ट्स और स्टील पर शुल्क बढ़ाकर 50 फीसदी किया जाएगा। ट्रंप ने कनाडा पर अमेरिकी कृषि उत्पादों पर ऊंचे शुल्क लगाने और अमेरिका के साथ अनुचित व्यापार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कंपनियों को अमेरिका में उत्पादन शुरू करने पर टैरिफ से छूट देने की बात भी कही। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि कनाडा के साथ मौजूदा व्यापार संबंध टिकाऊ नहीं हैं और अब वॉशिंगटन उसे पहले जैसी तरजीह नहीं देगा।

कनाडा आज लगाएगा जवाबी टैरिफ

कनाडा मंगलवार को अमेरिका के खिलाफ जवाबी टैरिफ का एलान करेगा। मामले से जुड़े एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। इससे दोनों देशों के बीच पहले से चल रहा व्यापार विवाद और गहराने की आशंका है। यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच व्यापार वार्ता टूटने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव तेजी से बढ़ा है।

कार्नी बोले- अमेरिका की शर्तें स्वीकार नहीं

कार्नी ने अमेरिका पर कनाडा को अपने अधीन करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान अमेरिका की व्यापार संबंधी मांगों से कनाडा की यह आशंका मजबूत हुई कि वॉशिंगटन देश के प्रमुख उद्योगों को कमजोर करना चाहता है। उन्होंने ऑटोमोबाइल, स्टील और एल्युमिनियम जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि कनाडा ऐसी स्थिति को स्वीकार नहीं करेगा, जिसमें उसे अमेरिका की सहायक इकाई की तरह देखा जाए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन पर नया टैरिफ लगाने की तैयारी में हैं। मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, यह कदम चीन पर वैश्विक बाजार में कम कीमत वाले सामान की बाढ़ लाने के आरोप के बाद उठाया जा रहा है। प्रस्तावित शुल्क 7.5 फीसदी हो सकता है, हालांकि अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी प्रशासन ऐसा स्तर तय करना चाहता है जिससे अमेरिका और चीन के बीच चल रहा एक साल का व्यापारिक समझौता प्रभावित न हो। साथ ही सितंबर के अंत में ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच प्रस्तावित मुलाकात पर भी इसका असर न पड़े। चीन पर पहले से लगे शुल्क के ऊपर लगेगा नया टैरिफ? प्रस्तावित नया शुल्क चीन पर पहले से लागू टैरिफ के अतिरिक्त होगा।

पिछले महीने अमेरिका ने दुनिया की करीब 60 अर्थव्यवस्थाओं से आने वाले सामान पर 10 से 12.5 फीसदी तक के शुल्क की घोषणा की थी। इन देशों पर जबरन मजदूरी से बने उत्पादों पर रोक को प्रभावी ढंग से लागू नहीं करने का आरोप लगाया गया था। चीन समेत कई देशों ने इस कदम का विरोध किया था। चीन के ‘ओवरकैपेसिटी’ पर अमेरिका की नजर ट्रंप प्रशासन ने मार्च में चीन समेत कई देशों की अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता और जबरन मजदूरी से जुड़े नियमों को लेकर औपचारिक जांच शुरू की थी। चीन की जांच अमेरिकी व्यापार कानून की धारा 301 के तहत की जा रही है। अमेरिका का आरोप है कि चीन की कई इंडस्ट्रीज में जरूरत से ज्यादा उत्पादन क्षमता है, जिससे वैश्विक बाजार में कम कीमत वाले उत्पादों की आपूर्ति बढ़ रही है।

ऑटोमोबाइल, सोलर पैनल, सीमेंट और स्टील जैसे क्षेत्रों में चीन की बड़ी उत्पादन क्षमता को लेकर उसके व्यापारिक साझेदार चिंता जता चुके हैं। चीन ने हालांकि ओवरकैपेसिटी के आरोपों को खारिज किया है। चीन का व्यापार सरप्लस रिकॉर्ड स्तर पर चीन में घरेलू मांग धीमी होने के कारण कई कंपनियों ने विदेशी बाजारों का रुख किया है। इससे देश के निर्यात में बढ़ोतरी हुई और पिछले साल चीन का व्यापार अधिशेष करीब 1.2 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि चीन ने कभी बड़े व्यापार अधिशेष को अपना लक्ष्य नहीं बनाया। कनाडा पर भी ट्रंप ने बढ़ाया टैरिफ का दबाव इस बीच ट्रंप ने कनाडा के खिलाफ भी टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया है।

उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2027 से कनाडा से आने वाली कारों, ट्रकों, ऑटो पार्ट्स और स्टील पर शुल्क बढ़ाकर 50 फीसदी किया जाएगा। ट्रंप ने कनाडा पर अमेरिकी कृषि उत्पादों पर ऊंचे शुल्क लगाने और अमेरिका के साथ अनुचित व्यापार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कंपनियों को अमेरिका में उत्पादन शुरू करने पर टैरिफ से छूट देने की बात भी कही। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि कनाडा के साथ मौजूदा व्यापार संबंध टिकाऊ नहीं हैं और अब वॉशिंगटन उसे पहले जैसी तरजीह नहीं देगा।

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