ब्रिक्स समिट : रूसी राष्ट्रपति पुतिन शिष्टमंडल के साथ दिल्ली पहुंचे; ब्राजील समेत कई देशों के मेहमान भी आए

ब्रिक्स समिट : रूसी राष्ट्रपति पुतिन शिष्टमंडल के साथ दिल्ली पहुंचे; ब्राजील समेत कई देशों के मेहमान भी आए

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ब्रिक्स देशों की शिखर बैठक के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत अन्य सदस्य देशों के मेहमान भी आज राष्ट्रीय राजधानी पहुंचेंगे। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से जुड़े नेताओं, पदाधिकारियों के बयान और सम्मेलन से जुड़े तमाम अपडेट्स इस ब्लॉग में पढ़ें

रूस-भारत संबंधों और वैश्विक शांति पर बोले सलमान खुर्शीद, कहा-विपक्षी दल को भी प्रक्रिया में रखना होता बेहतर  

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रूस की मौजूदगी और यूक्रेन व पश्चिम एशिया संघर्ष पर पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि रूस भारत का समय की कसौटी पर खरा उतरा मित्र देश रहा है। हम इस रिश्ते को सिर्फ उनसे मिलने वाले सस्ते ईंधन तक सीमित नहीं रख सकते। अब हम उन्हें भी जरूरत के समय पेट्रोल आदि की आपूर्ति कर रहे हैं, और हमारे यूरोपीय साझेदार भी इस बात को भली-भांति समझते हैं।

सलमान खुर्शीद ने भारत की कूटनीतिक भूमिका पर जोर देते हुए आगे कहा कि हमारा मानना है कि यूरोपीय और पश्चिम एशियाई संघर्ष को समाप्त करने के लिए भारत और अधिक प्रयास कर सकता था और भारत को रूस तथा यूक्रेन दोनों से सही प्रतिक्रियाएं भी मिली हैं। यह कोई केवल सरकार का मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्रीय मुद्दा है, क्योंकि सम्मेलन में पूरा भारत भाग ले रहा है। चूंकि विपक्ष भी देश की जनता का प्रतिनिधित्व करता है, ऐसे में सम्मेलन की तैयारियों या अनौपचारिक बैठकों के दौरान विपक्ष के नेता को भी साथ रखा जाता तो यह ज्यादा बेहतर होता। हालांकि मुझे नहीं लगता कि यह मौजूदा सरकार की शैली है, फिर भी देखते हैं आगे क्या परिणाम निकलकर आते हैं।

संसद में जुटेंगे केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री, जनता को ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए एक ही बस से पहुंचेंगे भारत मंडपम

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान राजधानी दिल्ली में आम जनता को वीआईपी मूवमेंट और ट्रैफिक जाम की समस्या से बचाने के लिए एक अनोखी पहल की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, सम्मेलन में शामिल होने वाले देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के मंत्री अलग-अलग गाड़ियों के काफिले में जाने के बजाय एक ही बस में सवार होकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचेंगे। योजना के मुताबिक, सभी नेता पहले संसद भवन परिसर में एकत्रित होंगे और फिर वहां से एक साथ बस में सवार होकर मुख्य आयोजन स्थल ‘भारत मंडपम’ के लिए रवाना होंगे। सरकार का यह कदम शहर में वीआईपी काफिलों की आवाजाही को सीमित करने, यातायात को सुचारू बनाए रखने और आम लोगों को होने वाली असुविधा को न्यूनतम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

रंग-बिरंगे पोस्टरों और बैनरों से सजी राजधानी दिल्ली, 12-13 सितंबर को भारत मंडपम में जुटेगे 21 देशों के नेता

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए देश की राजधानी नई दिल्ली को बेहद खूबसूरत रंग-बिरंगे पोस्टरों, बैनरों और विशेष रोशनी से सजाया गया है। राजधानी के साउथ एवेन्यू और तीन मूर्ति मार्ग समेत कई प्रमुख क्षेत्रों में इस भव्य वैश्विक आयोजन की तैयारियां और सुंदर नजारे साफ दिखाई दे रहे हैं। इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी 12 और 13 सितंबर को प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम कॉम्प्लेक्स में की जा रही है। दो दिनों तक चलने वाले इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में दुनिया भर के शीर्ष नेता आपसी सहयोग, आर्थिक साझेदारी और वैश्विक रणनीतियों पर गहन मंथन करेंगे। इस बार सम्मेलन में 11 सदस्य देश और 10 साझेदार देश हिस्सा ले रहे हैं, जिससे वैश्विक मंच पर भारत का नेतृत्व और भी सशक्त होकर सामने आ रहा है।

फिलीपींस की विदेश सचिव एम. थेरेसा पी. लाजारो पहुंचीं नई दिल्ली

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए फिलीपींस की विदेश सचिव मारिया थेरेसा पी. लाजारो नई दिल्ली पहुंच चुकी हैं। हवाई अड्डे पर पहुंचने पर विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

ब्रिक्स सम्मेलन 2026: नई दिल्ली में तैयारियां पूरी, विदेश मंत्रालय ने बताया टीम वर्क का नतीजा

नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं, जिसको लेकर विदेश मंत्रालय और भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के बीच व्यापक समन्वय देखा जा रहा है। तैयारियों की जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय में पीआर के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी वसुदेव रवि ने कहा कि भारत के पास बीते एक साल से ब्रिक्स की अध्यक्षता है। इस दौरान भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के नेतृत्व में कई संयुक्त कार्य समूहों की बैठकें देशभर में आयोजित की गईं। अब शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को दिल्ली के भारत मंडपम कॉम्प्लेक्स में आयोजित हो रहा है, जहां इससे जुड़े कुछ शुरुआती कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय के लिए भारत सरकार के सहयोगियों, दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय के साथ सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर समन्वय स्थापित करना एक बड़ा प्रयास रहा है। यह एक पूरा टीम वर्क है और हम 12-13 सितंबर को एक सफल शिखर सम्मेलन की उम्मीद करते हैं।

ब्रिक्स से इतर द्विपक्षीय संवाद भी: भारत-रूस ब्रह्मोस, सुखोई से लेकर एस-400 तक कई समझौते करेंगे

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा का केंद्रीय आकर्षण भारत-रूस रक्षा सहयोग होने जा रहा है। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की मुलाकात में रक्षा, ऊर्जा और स्वतंत्र विदेश नीति के मोर्चे पर आज कई बड़े फैसले होने की उम्मीद है। रक्षा गलियारों में निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह यात्रा किस तरह दोनों देशों की सामरिक साझेदारी को नए पायदान पर ले जाएगी।

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