छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त: उफान पर नदी-नाले, इन स्कूलों में अवकाश, कई जिलों में अलर्ट

छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त: उफान पर नदी-नाले, इन स्कूलों में अवकाश, कई जिलों में अलर्ट

छत्तीसगढ़ में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन बेहाल है। लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। अधिक वर्षा होने से प्रदेश के नदी-नाले उफान पर हैं। रायपुर समेत कई जिलों के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। 

छत्तीसगढ़ में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन बेहाल है। लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। अधिक वर्षा होने से प्रदेश के नदी-नाले उफान पर हैं। रायपुर समेत कई जिलों के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। 

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट:

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के बिलासपुर, मुंगेली, कबीरधाम, बेमेतरा, दुर्ग, रायपुर, राजनांदगांव, बालोद, कांकेर और धमतरी जिलों में आरेज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों के अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है।

इन जिलों में यलो अलर्ट
बलरामपुर, सूरजपुर, जशपुर, सरगुजा, गौरेला पेंड्रा मरवाही, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर चांपा, बलौदा बाजार, महासमुंद, गरियाबंद, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा के अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।

चक्रवाती तूफान अर्नब का कहर
बंगाल की खाड़ी बने चक्रवात अर्नब ने छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग और उससे लगे जिलों में भारी तबाही मचाई है। पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के चलते क्षेत्र के अधिकांश नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। इसके कारण कई मुख्य सड़कें जलमग्न हो गई हैं और एक जिले से दूसरे जिले का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। धमतरी जिले के प्रसिद्ध गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोल दिए गए हैं। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए बालोद जिले में 25 सितंबर को सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। राज्य प्रशासन ने नदी तटों और निचले इलाकों में अलर्ट घोषित कर दिया है।

धमतरी, बालोद  और कोरबा जिले के बांधों के गेट खोले गए
धमतरी जिले में लगातार हो रही वर्षा से जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिले के गंगरेल बांध 98 प्रतिशत से अधिक भर जाने के बाद बांध के सभी गेट खोले गए हैं। रुद्री बैराज के माध्यम से करीब 50,000 क्यूसेक पानी महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है। इसके अलावा मुरुमसिल्ली बांध 100 प्रतिशत भर चुका है, जबकि  बालोद जिले का दुधावा और सोंढुर बांधों में जलभराव 90 प्रतिशत से अधिक पहुंच गया है। धमतरी जिला मुख्यालय के समीप बहने वाली हटकुल नदी में उफान आने से आसपास के अनेक गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। कोरबा जिले का बांगों डैम से भी पानी छोड़ा गया है। ओडिशा स्थित खाटीगुडा बांध के गेट खोले जाने के बाद वहां से करीब पांच लाख घन मीटर पानी छोड़ा गया है। इसके कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है और तटीय इलाकों में प्रशासन की ओर से निगरानी बढ़ा दी गई है।

गंगरेल बांध के 14 गेट खोले गए
जलाशयों में पानी की लगातार बढ़ती आवक और जलस्तर को देखते हुए गंगरेल बांध के 14 गेट खोल दिए गए हैं। बांध से 2 लाख 50 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें रुद्री बैराज के माध्यम से 4 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी नहर में, जबकि 2 लाख 47 हजार क्यूसेक से अधिक पानी महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है जलाशय में पानी की आवक और आगामी बारिश की स्थिति को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर पानी छोड़ने की मात्रा बढ़ाई जा सकती है। वहीं सोंढूर जलाशय से करीब 27 हजार क्यूसेक, दुधावा जलाशय से 26 हजार क्यूसेक और मुरुमसिल्ली जलाशय से 12 हजार क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। गंगरेल बांध के गेट खुलने और अन्य जलाशयों से पानी छोड़े जाने का नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।

आपातकालीन नंबर जारी
लगातार बारिश और संभावित आपातकालीन परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों की सहायता के लिए जिला कंट्रोल रूम स्थापित किया है। आपात स्थिति में सहायता के लिए जिला कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 07722-232249 पर संपर्क किया जा सकता है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में घबराएं नहीं और तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना दें, ताकि जरूरत के अनुसार राहत और बचाव कार्य शीघ्र शुरू किया जा सके।

जगदलपुर में पिछले तीन दिनो से जारी बारिश
जगदलपुर में पिछले तीन दिनो से जारी बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में पानी भर गया है और निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। भारी बारिश से जगदलपुर को बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा से जोड़ने वाले मार्गों पर आवागमन बाधित हो गया है। डिमरापाल के पास नेशनल हाईवे पर पानी भरने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है, जहां आपदा राहत के लिए एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई है। उधर कांकेर जिले में दूध नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण आमाबेड़ा-धनोरा मार्ग और कांकेर-आमाबेड़ा मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर लोगों को उफनते नालों को पार न करने की कड़ी चेतावनी दी है। दूध नदी के उफान के चलते आमाबेड़ा क्षेत्र के 70 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है।

दुर्ग में स्कूल बंद और दुर्ग में जलभराव
दुर्ग शहर में लगातार वर्षा के चलते सुपेला और दक्षिण गंगोत्री स्थित दोनों अंडरब्रिज पानी से पूरी तरह भर गए हैं। इससे भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारियों समेत हजारों दैनिक यात्रियों का आवागमन बाधित हुआ है। वहीं बालोद जिले में कलेक्टर ने 25 सितंबर को सभी शासकीय, गैर-सरकारी और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है। 25 सितंबर को होने वाली परीक्षाएं अब 28 सितंबर को पूर्व निर्धारित समय पर होंगी। बालोद शहर में जलनिकासी की नालियां अवरुद्ध होने से छोटे-छोटे नाले भी उफान पर हैं, जिससे गणेश उत्सव के पंडालों में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों पर प्रभाव पड़ने की आशंका है। प्रदेश के मैदानी इलाकों से लेकर बस्तर तक संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

बीजापुर में जनजीवन अस्त-व्यस्त
बीजापुर सहित पूरे बस्तर संभाग और सुकमा जिले में तीन दिन से लगातार जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शबरी नदी का जलस्तर बढ़ने से झापरा पुल के ऊपर पानी बह रहा है, जिसके कारण प्रशासन ने इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह रोक दिया है। शबरी नदी और नाले उफान पर होने से जिला मुख्यालय से 12 से अधिक पंचायतों का सीधा संपर्क टूट गया है। ओडिशा जाने वाला मार्ग भी बंद हो गया है। वहीं, बीजापुर सहित पूरे बस्तर संभाग में बीते करीब 30 से 32 घंटों से लगातार हो रही बारिश जलभराव होने लगा है। ओडिशा के कालाहांडी क्षेत्र स्थित बांध से पानी छोड़े जाने के बाद इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सुकमा के जिला कलेक्टर अमित कुमार ने जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। प्रशासन ने आपात स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया है। सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। कलेक्टर ने आम लोगों से बिना वजह घर से बाहर न निकलने और नदी-नालों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।

सुकमा, कांकेर समेत बस्तर संभाग में सैकड़ों गांवों में बाढ़ का खतरा
सुकमा, कांकेर समेत बस्तर संभाग में सैकड़ों गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराया हुआ है। ओडिशा के कालाहांडी क्षेत्र स्थित बांध से पानी छोड़े जाने के बाद इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण बस्तर संभाग के बीजापुर, जगदलपुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिलों में नदी किनारे बसे सैकड़ों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।

महासमुंद में महानदी को लेकर अलर्ट: 18 गांवों में कराई गई मुनादी
महासमुंद जिले में महानदी में जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी से लगे 18 गांवों में अलर्ट जारी किया है। धमतरी जिले के गंगरेल बांध में पानी की बढ़ती आवक के बीच गेट खोले जाने के बाद महानदी के जलस्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। जानकारी के अनुसार, गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोले गए हैं और महानदी में पानी की निकासी की जा रही है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर महानदी से लगे महासमुंद जिले के 18 गांवों में ग्रामीणों को सतर्क रहने की सूचना दी गई है। गांवों में सरपंचों के माध्यम से मुनादी कराकर लोगों को नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।

रेस्क्यू टीम स्टैंडबाय पर
जिला प्रशासन ने संभावित स्थिति से निपटने के लिए रेस्क्यू टीमों को भी स्टैंडबाय पर रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों और मैदानी अमले को स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए कहा गया है। प्रशासन ने महानदी से लगे प्रत्येक संबंधित गांव में सुरक्षित स्थानों का चयन भी किया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।

नेशनल हाईवे 63 पर यातायात बाधित
नेशनल हाईवे 63 पर कई जगहों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ है और वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। अवापल्ली से उसूर को जोड़ने वाली सड़क पर शिव मंदिर के पास विशाल पेड़ गिर गया, जिससे रातभर आवाजाही पूरी तरह ठप रही।

प्रदेश के सभी स्कूलों में आज अवकाश
प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शनिवार 26 सितंबर को प्रदेश के सभी स्कूलों में अवकाश के निर्देश दिए हैं।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *