सीईसी के खिलाफ विपक्ष एकजुट; खरगे पेश करेंगे प्रस्ताव, राहुल देंगे समापन भाषण; जानें सबकुछ

सीईसी के खिलाफ विपक्ष एकजुट; खरगे पेश करेंगे प्रस्ताव, राहुल देंगे समापन भाषण; जानें सबकुछ

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आज इंडिया गठबंधन का प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ होगा। खरगे के आवास पर होने वाले इस आयोजन में एसआईआर , वोट चोरी और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे। इस जन महाभियोग से जुड़े तमाम अपडेट्स अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में पढ़ें

‘खरगे के आवास पर सीमित लोगों की होगी मौजूदगी’

कांग्रेस नेता उदित राज ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के प्रस्तावित सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम को लेकर कहा कि इसमें सीमित संख्या में लोग शामिल होंगे। यह कार्यक्रम संसद की कार्यप्रणाली और उसमें आए बदलावों को दिखाने के लिए एक नाटकीय प्रस्तुति जैसा होगा। उन्होंने बताया कि यह आयोजन मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हो रहा है, इसलिए जगह की सीमित क्षमता के कारण अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। उदित राज ने कहा कि गठबंधन का मुख्य कार्यक्रम 1 नवंबर को होने वाली रैली है, जिसमें इंडिया गठबंधन के सभी दल और लोकतांत्रिक ताकतें शामिल होंगी।

हर दल से एक नेता को बोलने का मौका

समाजवादी पार्टी के नेता हरेंद्र मलिक ने बताया कि ‘जन महाभियोग’ की कार्यवाही में प्रत्येक दल से केवल एक नेता बोलेगा। संबंधित दल का प्रमुख स्वयं बोल सकता है।

लोगों की तकलीफ और लोकतंत्र पर हमला होगा चर्चा में खास

कांग्रेस के लोकसभा में उपनेता गौरव गोगोई ने कहा कि एसआईआर और वोट चोरी से जुड़े सभी अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों की तकलीफ और लोकतंत्र पर हमले को चर्चा के जरिए सामने लाना है। 

सीईसी के खिलाफ विपक्ष एकजुट; खरगे पेश करेंगे प्रस्ताव, राहुल देंगे समापन भाषण; जानें सबकुछ

विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के 10, राजाजी मार्ग स्थित आवास पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ आयोजित करेगा। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार कार्यवाही की अध्यक्षता करेंगी। खरगे प्रस्ताव पेश करेंगे, जबकि राहुल गांधी समापन वक्तव्य देंगे। विपक्षी दलों के प्रतिनिधि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे उठाएंगे। यह वास्तविक संवैधानिक महाभियोग प्रक्रिया नहीं, बल्कि विरोध  का प्रतीकात्मक आयोजन है।

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