कांग्रेस की तरफ से केंद्र सरकार और सहयोगी दलों पर वक्फ बिल को लेकर निशाना साधा गया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश इसके साथ इस बिल को संविधान पर सीधा हमला बताया है और टीडीपी और जेडीयू से इस बिल पर उनका रुख पूछा है।
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोमवार को वक्फ (संशोधन) बिल को ‘संविधान पर सीधा हमला’ करार दिया। उन्होंने इसके खिलाफ लोकतांत्रिक विरोध करने की बात कही और एनडीए की सहयोगी पार्टियों – तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) और जेडीयू से उनके रुख पर सफाई मांगी। जयराम रमेश ने कहा, यह बिल संविधान के खिलाफ है और इसकी बुनियाद पर हमला करता है। इसे ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (जेपीसी) में बिना ठीक से चर्चा किए पास करा दिया गया। अगर इसे लागू किया गया, तो हम लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेंगे’।
‘ये पार्टियां खुद को धर्मनिरपेक्ष कहती हैं?’
उन्होंने कहा कि ‘हर विपक्षी पार्टी – समाजवादी पार्टी, टीएमसी, आम आदमी पार्टी – इसका विरोध कर रही है। लेकिन सवाल है कि जेडीयू और टीडीपी जैसी पार्टियां क्या करेंगी? ये पार्टियां खुद को धर्मनिरपेक्ष कहती हैं, तो अब इनका रुख क्या है?’
बिना चर्चा पास हुआ बिल?
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि बिल को जेपीसी में बिना उचित चर्चा के पारित किया गया। ‘पहली बार ऐसा हुआ कि कमेटी में बिल के हर क्लॉज (धारा) पर अलग-अलग चर्चा नहीं हुई। आमतौर पर हम आम सहमति बनाने की कोशिश करते हैं, और अगर सहमति नहीं बनती तो असहमति दर्ज करते हैं। लेकिन इस बार कुछ नहीं हुआ’। उन्होंने यह भी बताया कि ‘संसद को 450 पन्नों की रिपोर्ट सिर्फ 2 दिन में पढ़ने के लिए दी गई और फिर बिना बहस के इसे पास किया गया। यह न सिर्फ संसदीय परंपराओं के खिलाफ है, बल्कि संविधान पर भी हमला है।’
बिल के समर्थन में केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल
इस बीच, केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल (केसीबीसी) ने बिल का समर्थन किया है। संगठन ने सांसदों से वक्फ अधिनियम की असंवैधानिक और अन्यायपूर्ण धाराओं को हटाने के लिए संशोधन के पक्ष में वोट करने की अपील की। केसीबीसी सचिवालय के फादर थॉमस थरायिल ने कहा कि ‘मुनंबम क्षेत्र में लोग अपनी भूमि पर राजस्व अधिकार नहीं जता पा रहे, क्योंकि वक्फ कानून अवैध दावों को वैध ठहरा रहा है। ऐसे प्रावधानों को हटाना जरूरी है।’



