वक्फ संशोधन बिल पर एनडीए में दरार, पशुपति पारस ने कर दिया विरोध, कहा- मौलिक अधिकार का हनन हो रहा

वक्फ संशोधन बिल पर एनडीए में दरार, पशुपति पारस ने कर दिया विरोध, कहा- मौलिक अधिकार का हनन हो रहा

बिहार में वक्फ संशोधन बिल पर एनडीए के अंदर उथल-पुथल जारी है। एक ओर सीएम नीतीश कुमार की पार्टी के कई मुस्लिम नेता इस बिल के विरोध में अपना इस्तीफा दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष पशुपति पारस अब इसके विरोध में खड़े हो गए हैं।

बिहार में वक्फ संशोधन बिल को लेकर सियासी घमासान जारी है। अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रमुख सहयोगी दलों में से एक राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी इस बिल के खिलाफ खड़ी हो गई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पीएम मोदी के हनुमान कहे जाने वाले चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस ने वक्फ संशोधन बिल का विरोध कर दिया है। उन्होंने कहा कि मैं इस बिल का पुरजोर विरोध करता हूं। पारस के इस बयान ने एनडीए के अंदर मतभेद की बात को उजागर कर दिया है। एक दिन पहले ही सीएम नीतीश कुमार की पार्टी के कई मुस्लिम नेताओं ने इस्तीफा दे दिया था। अब पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस के इस बयान ने सियासी गर्मी बढ़ा दी है। 

मैं वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध करता हूं
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पशुपति पास ने बताया कि मैं वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध करता हूं। उन्होंने भारत की तुलना एक बगीचे से की। कहा कि भारत एक बगीचा है। इस बगीचे में सभी प्रकार के फूल खिलते हैं। इसी तरह इस देश में हिंदू, मुस्लिम, सिख इसाई, दलित, महादलित, उच्च नीच, आगरा पिछड़ा सभी धर्म के लोग रहते हैं और सभी का अपना-अपना अधिकार है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने जिस संविधान को बनाया था उसे संविधान के आधार पर सभी को जीने का मौलिक अधिकार है। इस विधेयक ने एक समुदाय की भावनाओं को आहत किया है। 

स्वाभाविक तौर पर पार्टी में विरोध होगा
पारस ने कहा कि जदयू में खुद टूट है। भाजपा में हो चाहे जदयू में चाहे किसी भी राजनीतिक पार्टी में जितने भी अकलियत के लोग हैं, उनके मौलिक अधिकार का हनन हो रहा है। इसको लेकर स्वाभाविक तौर पर पार्टी में विरोध होगा। वहीं उन्होंने यह भी बताया कि मेरे बड़े भाई दिवंगत रामविलास पासवान ने जी बिल का विरोध हमेशा से कर रहे थे। बता दें कि पारस के भतीजे ने इस बिल के समर्थन में चिराग पासवान ने वोट किया है। 



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