नए वक्फ कानून पर बवाल: मुर्शिदाबाद में हिंसा के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, जंगीपुर में हालात फिलहाल काबू में

नए वक्फ कानून पर बवाल: मुर्शिदाबाद में हिंसा के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, जंगीपुर में हालात फिलहाल काबू में

वक्फ कानून रद्द करने की मांग को लेकर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हिंसा फिर से भड़क गई। भीड़ ने बमबारी की और सरकारी वाहनों को आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनों पर भी हमला किया, जिसके चलते दो ट्रेनें रद्द कर दी गईं और पांच के रास्ते बदल दिए गए। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी दागे। प्रदर्शनकारियों से झड़प में कई पुलिस कर्मी भी घायल हुए।

पश्चिम बंगाल में नए वक्फ कानूनों को लेकर हिंसा का दौर जारी है। इस बीच मुर्शिदाबाद के जंगीपुर में वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। बंगाल पुलिस के अनुसार, जंगीपुर के सुती और शमशेरगंज इलाकों में स्थिति अब नियंत्रण में है। इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।

कैसे और क्यों भड़की हिंसा?

  • दरअसल, ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने नए वक्फ कानून के खिलाफ ‘वक्फ बचाव अभियान’ की शुरुआत की थी। इसकी शुरुआत बीते दिन ही की गई। अभियान को शांतिपूर्वक चलाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। 
  • मुर्शिदाबाद, नॉर्थ 24 परगना और मालदा में हालात काबू से बाहर हो गए। मुर्शिदाबाद के जंगीपुर और सुती इलाकों में भारी प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-12 पर वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान पुलिस पर पथराव भी किया गया। 
  • जवाब में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों आंसू गैस के गोले बरसाए। अब तक 10 पुलिसकर्मियों के घायल होने और तीन प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की खबर है। हंगामे वाले इलाकों में इंटरनेट  बंद कर दिया गया है।
  • डायमंड हार्बर के अमतला चौराहे पर भी भीड़ ने दिनदहाड़े एक पुलिस वाहन में तोड़फोड़ की। 
  • वेस्टर्न रेलवे के मुताबिक, अजीमगंज-न्यू फरक्का सेक्शन में दोपहर 2.46 बजे लगभग भीड़ ने धुलियानगंगा स्टेशन के पास ट्रैक जाम कर दिया था।

भाजपा सांसद ने ममता को घेरा
इस बीच मुर्शिदाबाद हिंसा पर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, ‘…पश्चिम बंगाल सरकार अराजकता को रोकने में असमर्थ है या अनिच्छुक है। जिस तरह से राज्य में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाया जा रहा है और वहां की सरकार कुछ नहीं कर रही है, यह चिंताजनक है। राज्य सरकार को हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करनी चाहिए। इससे मुख्यमंत्री के कामकाज पर सवाल उठता है। क्या राज्य सरकार चुपचाप देखकर ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है?’

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