अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पाकिस्तान के बीच सीजफायर का श्रेय लेने की तीसरी बार कोशिश की है। उन्होंने कहा, ‘मैंने दोनों देशों से कहा… आइए, हम आप लोगों के साथ बहुत सारा व्यापार करना चाहते हैं। आइए इसे (संघर्ष को) रोकते हैं… रोकते हैं इसे। अगर आप इसे रोक देंगे तो हम आपके साथ व्यापार करेंगे, अगर आप इसे नहीं रोकेंगे तो हम आपके साथ व्यापार नहीं करेंगे।’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर श्रेय लेने की दौड़ में कूद पड़े हैं। उन्होंने कहा, हमने भारत-पाक से कहा था कि संघर्ष नहीं रोका तो व्यापार नहीं करेंगे। ट्रंप ने कहा, ‘शनिवार को, मेरे प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच तत्काल संघर्ष विराम कराने में मदद की, मुझे लगता है कि यह स्थायी युद्धविराम होगा… दोनों देशों के पास बहुत सारे परमाणु हथियार हैं।’
उन्होंने कहा, मैं यह बताते हुए गर्व महसूस कर रहा हूं कि भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के नेताओं का रुख हालात की गंभीरता को समझने में अडिग और प्रभावशाली रहा। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने शांति बहाली में बड़ी भूमिका निभाई और साथ ही व्यापार को एक हथियार की तरह उपयोग किया। उन्होंने कहा, ‘हमने बहुत मदद की और व्यापार के जरिए भी मदद की। मैंने कहा – हम आप लोगों से बहुत ज्यादा व्यापार करने जा रहे हैं। अगर आप झगड़ा बंद करते हो, तो हम व्यापार करेंगे। अगर नहीं करोगे, तो कोई व्यापार नहीं होगा। ट्रंप ने दावा किया, लोगों ने व्यापार का इस्तेमाल कभी वैसे नहीं किया जैसे मैंने किया। और फिर अचानक उन्होंने कहा- ठीक है, हम इसे रोकने जा रहे और उन्होंने वाकई ऐसा किया।



