टाइम के अनुसार 100 परोपकारी लोगों की 2025 की सूची यह बताती है कि किस प्रकार उदार दानकर्ता और फाउंडेशनों व गैर-लाभकारी संस्थाओं के प्रमुख उन समुदायों को धनराशि उपलब्ध करा रहे हैं, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। पहली बार टाइम की ओर से जारी इस सूची में अंबानी दंपती, अजीम प्रेमजी और निखिल कामत जैसे दिग्गजों का नाम शामिल है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
भारत के उद्योगपति मुकेश अंबानी और नीता अंबानी, विप्रो के पूर्व चेयरमैन अजीम प्रेमजी और जीरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामथ को परोपकार के क्षेत्र में 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया गया है। यह सूची टाइम मैगजीन की ओर से पहली बार जारी की गई है।
टाइम के अनुसार 100 परोपकारी लोगों की 2025 सूची यह बताती है कि किस प्रकार उदार दानकर्ता और फाउंडेशनों व गैर-लाभकारी संस्थाओं के प्रमुख उन समुदायों को धनराशि उपलब्ध करा रहे हैं, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
इस सूची में मुकेश और नीता अंबानी भी शामिल हैं, जिनके बारे में टाइम ने कहा कि वे 2024 में 407 करोड़ रुपये (लगभग 48 मिलियन अमेरिकी डॉलर) दान किया, जिससे वे “देश के सबसे बड़े दानदाताओं में शामिल हो गए।”
टाइम ने बताया कि मुकेश और नीता अंबानी लाखों लोगों को सशक्त बना रहे हैं। टाइम पत्रिका ने कहा कि अरबपति परोपकारी दंपति की “परोपकारी पहल उतनी ही विविध और व्यापक हैं, जितना कि उनका व्यापारिक साम्राज्य, जिसने उन्हें अनुमानित 110 बिलियन डॉलर की संपत्ति अर्जित करवाई है।”
टाइम ने मुकेश और नीता अंबानी की ओर से की गई पहलों के बारे में भी बताया है और कहा है कि रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और अध्यक्ष व नीता अंबानी फाउंडेशन के कई कार्यक्रमों का नेतृत्व करती हैं।
लिस्ट में विप्रो के अजीम प्रेमजी का भी नाम शामिल
प्रौद्योगिकी क्षेत्र के दिग्गज प्रेमजी के बारे में टाइम ने कहा कि आज वे भारत के सबसे उदार परोपकारी लोगों में से एक के रूप में जाने जाते हैं, जिन्होंने अपनी संपत्ति को भारत की सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली में व्यवस्थित सुधार के लिए खर्च किया है।
प्रेमजी ‘गिविंग प्लेज’ पर हस्ताक्षर करने वाले पहले भारतीय थे और उन्होंने 2013 में उस फाउंडेशन को अपनी कंपनी विप्रो के 29 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के शेयर दान में दिए थे, जिसे उन्होंने लगभग 25 साल पहले स्थापित किया था।
टाइम ने कहा कि पारंपरिक अनुदान वितरित करने के अलावा – 2023-2024 में शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों पर केंद्रित 940 संगठनों को 109 मिलियन अमरीकी डालर दिए गए – फाउंडेशन पूरे भारत में 59 क्षेत्रीय कार्यालयों और 263 शिक्षक शिक्षण केंद्रों के माध्यम से शिक्षकों और ग्रामीण बाल देखभाल कार्यकर्ताओं के साथ सीधे शैक्षिक कार्यक्रमों पर काम करता है, जिससे अब तक 8 मिलियन से अधिक बच्चों की मदद हुई है।
अगस्त में, फाउंडेशन ने 5 मिलियन से अधिक बच्चों के लिए स्कूल भोजन कवरेज का विस्तार करने के लिए लगभग 175 मिलियन अमरीकी डालर देने की प्रतिबद्धता जताई थी – यह सब सामूहिक रूप से महात्मा गांधी से प्रभावित प्रेमजी के दर्शन को दर्शाता है, जिसमें “अपने धन को ट्रस्टीशिप में रखना, समाज की भलाई के लिए उपयोग करना” शामिल है।
निखिल कामथ के बारे में टाइम मैगजीन ने कही यह बात
इस सूची में जीरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामथ भी शामिल हैं। वे 2023 में 36 साल की उम्र में गिविंग प्लेज पर हस्ताक्षर करने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय हैं। टाइम ने कहा, “तब तक, उन्होंने पर्यावरण और शैक्षिक परियोजनाओं के लिए लाखों डॉलर दान कर दिए थे – और अपनी खुद की पहल, यंग इंडिया फिलैंथ्रोपिक प्लेज (YIPP) शुरू की, जो 45 वर्ष से कम आयु के उन भारतीयों से अनुरोध करती है, जिनके पास 100 मिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक की संपत्ति है, कि वे अपनी संपत्ति का कम से कम 25 प्रतिशत दान करें।”
इस सूची में महान फुटबॉलर डेविड बेकहम, अरबपति परोपकारी वॉरेन बफेट, अमेरिकी परोपकारी मेलिंडा फ्रेंच गेट्स व प्रिंस विलियम और वेल्स की राजकुमारी कैथरीन भी शामिल हैं।



