इससे पहले गंगटोक में पीएम मोदी के आने के लिए तैयारियां चल रही थीं। सुबह करीब 11 बजे प्रधानमंत्री मोदी ‘सिक्किम @ 50: जहां प्रगति उद्देश्य से मिलती है और प्रकृति विकास को बढ़ावा देती है’ कार्यक्रम में भाग लेने वाले थे। हालांकि, प्रधानमंत्री ने वर्चुअली ही सिक्किम में कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया।
खराब मौसम के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सिक्किम दौरा रद्द हो गया। इस वजह से पीएम मोदी सिक्किम के राज्यत्व की 50वीं वर्षगांठ के समारोह के लिए गंगटोक नहीं जा पाए। इसके बजाय उन्होंने बागडोगरा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सिक्किम के लोगों को संबोधित किया।
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आज का ये दिन विशेष है। ये अवसर सिक्किम की लोकतांत्रिक यात्रा की स्वर्ण जयंती का है। मैं स्वयं आप सबके बीच रहकर इस उत्सव का, इस उमंग का, 50 वर्ष की सफल यात्रा का साक्षी बनना चाहता था। मैं सुबह दिल्ली से बागडोगरा तो पहुंच गया, मौसम ने मुझे आपके दरवाजे तक तो पहुंचा दिया, लेकिन आगे जाने से रोक दिया। इस वजह से मुझे आपके प्रत्यक्ष दर्शन का अवसर नहीं मिला है।
सिक्किम राज्य के 50 वर्ष होने की बहुत-बहुत बधाई’
उन्होंने कहा, ‘आज का ये दिन बीते 50 वर्षों की उपलब्धियों का जश्न मनाने का है। आपने इतना बढ़िया कार्यक्रम आयोजित किया है। खुद मुख्यमंत्री इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए काफी ऊर्जा के साथ लगे रहे। मैं आप सभी को सिक्किम राज्य के 50 वर्ष होने की बहुत-बहुत बधाई देता हूं।’
‘सिक्किम आज देश का गर्व है’
पीएम मोदी ने कहा, ’50 वर्ष पहले सिक्किम ने अपने लिए एक लोकतांत्रिक भविष्य तय किया था। सिक्किम के लोगों का जनमन भूगोल के साथ ही भारत की आत्मा से जुड़ने का भी था। एक भरोसा था जब सबकी आवाज सुनी जाएगी, सबके हक सुरक्षित होंगे, तो विकास के एक जैसे मौके मिलेंगे। आज मैं कह सकता हूं कि सिक्किम के एक-एक परिवार का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है। देश ने इसके परिणाम सिक्किम की प्रगति के रूप में देखे हैं। सिक्किम आज देश का गर्व है।’
‘एक्ट ईस्ट’ के संकल्प पर ‘एक्ट फास्ट’ की सोच के साथ काम कर रहे’
पीएम मोदी ने कहा, ’50 वर्षों में सिक्किम… प्रकृति के साथ प्रगति का मॉडल बना। बायोडायवर्सिटी का बहुत बड़ा बागीचा बना। शत-प्रतिशत ऑर्गेनिक स्टेट बना। कल्चर और हेरिटेज की समृद्धि का प्रतीक बनकर सामने आया। 2014 में सरकार में आने के बाद मैंने कहा था ‘सबका साथ-सबका विकास’। भारत को विकसित बनाने के लिए देश का संतुलित विकास बहुत जरुरी है। इसी भावना के तहत, बीते दशक में हमारी सरकार, नॉर्थ ईस्ट को विकास के केंद्र में लाई है। हम ‘एक्ट ईस्ट’ के संकल्प पर ‘एक्ट फास्ट’ की सोच के साथ काम कर रहे हैं।’
‘दिल्ली से दूरियां विकास की राह में दीवार थी, अब वहीं से विकास के नए दरवाजे खुल रहे’
उन्होंने कहा कि आज के इस कार्यक्रम में भी सिक्किम के भविष्य की यात्रा की झलक मिलती है। आज यहां सिक्किम के विकास से जुड़े अनेक परियाजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। मैं आप सभी को इसके लिए बहुत बहुत बधाई देता हूं। सिक्किम समेत पूरा नॉर्थ ईस्ट, नए भारत की विकास गाथा का एक चमकता अध्याय बन रहा है। जहां कभी दिल्ली से दूरियां विकास की राह में दीवार थी, अब वहीं से विकास के नए दरवाजे खुल रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है यहां की कनेक्टिविटी में आ रहा बदलाव। आप सभी ने तो अपनी आंखों से ये परिवर्तन होते देखा है।



