संयुक्त राष्ट्र में बोलते हुए रियाद मंसूर बोले फिलिस्तीनियों की इस हालात को कोई आम इंसान बर्दाश्त नहीं कर सकता। आग और भूख फिलिस्तीनी बच्चों को निगल रही है। उन्होंने कहा-कोई भी वजह फिलिस्तीनियों पर हमले को जायज नहीं ठहरा सकती। हम भी इंसान हैं।
गाजा में संघर्ष को लेकर फलस्तीन के राजदूत रियाद मंसूर बृहस्पतिवार को संयुक्त राष्ट्र में फूट-फूट कर रो पड़े। उन्होंने गाजा के बदतर हालात और भूख से बिलख रहे बच्चों के बारे में लोगों को बताया। मंसूर ने कहा-कई बच्चे भूख-प्यास से मर रहे हैं। महिलाएं अपने बेजान बच्चों को गले लगा रही हैं, उन्हें सहला रही हैं।
इस बीच, इस्राइल ने सीजफायर का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा में संघर्ष विराम का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। यह प्रस्ताव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ ने दिया था। इससे पहले 26 मई को उग्रवादी संगठन हमास ने अमेरिका की तरफ से गाजा में युद्धविराम के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था। इस प्रस्ताव में 10 इस्राइली बंधकों की रिहाई और 70 दिन का संघर्ष विराम शामिल था। इससे पहले 19 जनवरी को हमास के साथ सीजफायर हुआ था, लेकिन दो महीने बाद इस्राइल ने गाजा में एयरस्ट्राइक करके सीजफायर को तोड़ दिया था। युद्धविराम तोड़ने के बाद से मार्च से 2000 से ज्यादा फलस्तीनी बच्चों की मौत हो चुकी है।
कोई भी वजह हमले को जायज नहीं ठहरा सकती
संयुक्त राष्ट्र में बोलते हुए मंसूर बोले फिलिस्तीनियों की इस हालात को कोई आम इंसान बर्दाश्त नहीं कर सकता। आग और भूख फिलिस्तीनी बच्चों को निगल रही है। उन्होंने कहा-कोई भी वजह फिलिस्तीनियों पर हमले को जायज नहीं ठहरा सकती। हम भी इंसान हैं। हमें अपने देश पर गर्व है। हमें बिल्कुल वैसे ही सम्मान मिलना चाहिए, जैसे बाकी सभी को।



