इस्राइल ने ईरान के विदेश मंत्रालय, सैन्य मुख्यालय के साथ ही रविवार को शाहरान तेल डिपो पर भी हमला किया। तेल और गैस के ठिकानों पर हमले से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में तेजी की आशंका जताई जा रही है।
इस्राइल और ईरान के बीच जारी लड़ाई और भीषण होती जा रही है। दोनों देशों ने एक दूसरे पर हमले तेज कर दिए हैं। इस्राइल द्वारा ईरान के विदेश मंत्रालय समेत कई सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया है। इससे पहले इस्राइल ने ईरान के तेल रिफाइनरी, गैस ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान में मरने वालों का आंकड़ा 224 हो गया है। ईरान में 1277 लोग घायल भी हैं। वहीं ईरान ने भी इस्राइल पर ताबड़तोड़ हमले किए और शुक्रवार से अब तक 270 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। इनमें से 22 के करीब मिसाइलें आयरन डोम से बचकर इस्राइल के रिहायशी इलाकों में गिरी हैं, जिससे इस्राइल में भी कई इमारतों को भारी नुकसान हुआ है। इस्राइल में भी 14 लोगों की मौत की खबर है और 390 लोग घायल हैं।
ईरान के सर्वोच्च नेता पर हमले को ट्रंप ने किया खारिज
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्राइल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे खारिज कर दिया। इससे साफ है कि ईरान और इस्राइल की लड़ाई लंबी खिंच सकती है। इस्राइल ने शुक्रवार को ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था, जिसके बाद ईरान ने भी पलटवार किया। ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते पर रविवार को ओमान में बात होनी थी, लेकिन इस्राइल के हमले के बाद ईरान ने यह बातचीत टाल दी।
विदेश मंत्रालय की इमारत को इस्राइल ने निशाना बनाया
ईरान और इस्राइल के बीच छिड़ा संघर्ष लंबे युद्ध में तब्दील होता नजर आ रहा है। ईरान ने भी इसकी तैयारी कर ली है और अपने मेट्रो स्टेशन और मस्जिदों को बम शेल्टर बना दिया है। इस्राइल द्वारा ईरान के सैन्य और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाने के साथ ही मिसाइल लॉन्च ठिकानों और एयर डिफेंस के उपकरण बनाने वाली कंपनियों को भी निशाना बनाया। इस्राइल का दावा है कि उसके हमलों में ईरान के कई शीर्ष सैन्य जनरलों के साथ ही रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के खुफिया विभाग के प्रमुख जनरल मोहम्मद काजमी को भी ढेर कर दिया है। इस्राइल ने ईरान के विदेश मंत्रालय, सैन्य मुख्यालय के साथ ही रविवार को शाहरान तेल डिपो पर भी हमला किया। तेल और गैस के ठिकानों पर हमले से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में तेजी की आशंका जताई जा रही है।
मरने वालों का आंकड़ा कहीं ज्यादा
वॉशिंगटन के एक मानवाधिकार संगठन का दावा है कि ईरान में मरने वालों का आंकड़ा 400 के पार पहुंच गया है और 654 लोग घायल हैं। ईरान के गैस स्टेशनों पर वाहनों की लंबी कतारे हैं। हालांकि ईरानी सरकार ने तेल की कमी न होने का दावा किया है। राजधानी तेहरान की कई सड़कों को बंद कर दिया गया है। इस्राइल में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 14 हो गया है। हमले के चलते इस्राइल के लोग बंकरों में शरण लिए हुए हैं। रविवार को ईरानी हमले में इस्राइल में छह लोगों की जान गई, जिनमें 10 और 9 साल के दो छोटे बच्चे भी शामिल हैं। इस्राइल के हाइफा शहर में एक तेल रिफाइनरी को भी निशाना बनाया गया।



