बोइंग ई-4बी नाइटवॉच विमान परमाणु संघर्ष या किसी राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में एक मोबाइल कमांड पोस्ट के तौर पर कार्य करता है। इसलिए इस्राइल-ईरान जंग के बीच इसके उड़ान भरने को अमेरिका के भी इस लड़ाई में कूदने का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
इस्राइल-ईरान जंग के बीच अमेरिकी डूम्सडे प्लेन यानी बोइंग ई-4बी की एक असामान्य उड़ान ने दुनिया के तमाम देशों की चिंताएं बढ़ा दी है। फ्लाइंग पेंटागन कहलाने वाले इस विमान पर परमाणु हमले का भी कोई असर नहीं होता है। यही नहीं, यह 35 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है।
बोइंग ई-4बी नाइटवॉच विमान परमाणु संघर्ष या किसी राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में एक मोबाइल कमांड पोस्ट के तौर पर कार्य करता है। इसलिए इस्राइल-ईरान जंग के बीच इसके उड़ान भरने को अमेरिका के भी इस लड़ाई में कूदने का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। विमान ने मंगलवार शाम 6 बजे लुइसियाना के बॉसियर सिटी से उड़ान भरी और रात 10 बजे के बाद वाशिंगटन डीसी के पास उतरा। इसकी उड़ान के रास्ते को भी असामान्य माना जा रहा है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान डाटा दर्शाता है कि मैरीलैंड स्थित बेस एंड्रयू में उतरने से पहले इसने तटीय क्षेत्र का चक्कर लगाया और वर्जीनिया व उत्तरी कैरोलिना की सीमा पर उड़ान भरी।
पहली बार ऑर्डर01 सीक्रेट कोड का इस्तेमाल
ई-4बी विमान अपनी परिचालन तत्परता सुनिश्चित करने के लिए नियमित तौर पर उड़ान भरते हैं लेकिन पहली बार ऑर्डर01 कोड के इस्तेमाल और मौजूदा संकटपूर्ण समय के मद्देनजर माना जा रहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शायद युद्ध में शामिल होने की तैयारी कर ली है। यह उड़ान ऐसे समय पर हुई है जब ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण करने को कहा है और इस्राइल की सैन्य कार्रवाइयों को पूर्ण समर्थन का वादा किया है। चिंताएं इसलिए भी जाहिर की जा रही हैं क्योंकि अगर इस्राइल के साथ अमेरिका ने भी ईरान पर हमले शुरू किए तो यह जंग और भी ज्यादा भयावह रूप ले सकती है।
9/11 हमले के दौरान किया गया था इस्तेमाल
ई-4बी नाइटवॉच महत्वपूर्ण संकटों के दौरान सक्रिय रहा है। राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने 9/11 के दौरान इसी तरह के विमान का इस्तेमाल किया था, और 1995 में तूफान ओपल के दौरान फेमा (फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी) टीम को इसी विमान से पहुंचाया गया था। इस विमान के आकाश में नजर आने को किसी न किसी आसन्न संकट का संकेत माना जाता है।



