ईरान और इस्राइल के बीच जारी संघर्ष को एक सप्ताह हो गया है। हर बीतते दिन के साथ दोनों पुराने दुश्मनों के बीच संघर्ष और तेज होता जा रहा है। इस बीच, ट्रंप ने कहा है कि वो ईरान पर हमले को लेकर दो सप्ताह में निर्णय लेंगे। उन्हें अब भी आस है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए समझौते पर राजी हो जाएगा। वहीं, ईरान ने इस्राइल के खिलाफ अपने हमले तेज कर दिए हैं। ईरानी मिसाइलों ने देर रात इस्राइली अस्पताल को निशाना बनाया। इसके जवाब में इस्राइल ने बृहस्पतिवार को ईरान में परमाणु ठिकानों पर बमबारी की। ईरान के ताजा हमलों में कम से कम 240 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से चार गंभीर रूप से घायल हैं।
इस्राइल में ईरानी मिसाइल हमलों का आतंक, भूमिगत रेलवे स्टेशनों पर रात गुजार रहे लोग
ईरानी मिसाइल हमलों के डर से इस्राइल में बड़ी संख्या में लोग भूमिगत ट्रेन स्टेशन में रात गुजार रहे हैं। अजीजा मेलेक ने हाल ही में एक शाम इस्राइल के एक भूमिगत स्टेशन में अपने गद्दे पर लेटकर कई दिनों में पहली बार आराम महसूस किया। अगले कुछ घंटों तक मेलेक (34) को हर बार ईरानी मिसाइलों की चेतावनी वाले सायरन बजने पर भागने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस्राइल में देखा जा रहा है कि छोटे बच्चों वाले परिवार, विदेशी कर्मचारी और युवा पेशेवर हर शाम स्टेशनों पर गद्दे, स्लीपिंग बैग, हल्का नाश्ता और पालतू जानवर लेकर आते हैं।
हिजबुल्ला ने ईरान के समर्थन का किया एलन, इस्राइली रक्षा मंत्री ने दी चेतावनी
शिया मिलिशिया कताइब हिजबुल्ला ने ईरान का हर तरह से समर्थन का एलान किया है। उसने युद्ध में अमेरिका के शामिल होने पर उसके सैन्य अड्डों पर हमला करने की चेतावनी दी है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इस्राइली रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने हिजबुल्ला को चेतावनी देते हुए कहा कि आतंकियों के खिलाफ धैर्य अब क्षीण होता जा रहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने साझेदारों से की इस्राइल-ईरान युद्ध पर चर्चा
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बृहस्पतिवार को ब्रिटिश समकक्ष डैविड लैमी के साथ बैठक की। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष जीन-नोएल बैरोट व इतालवी विदेश मंत्री एंटोनियो तजानिया के साथ इस्राइल व ईरान के बीच युद्ध पर वार्ता की। अमेरिका व अन्य देशों के विदेश मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार विकसित करने या हासिल करने नहीं देना चाहिए।
ऑस्ट्रेलिया ने खतरों के मद्देनजर तेहरान स्थित अपना दूतवास बंद किया
पश्चिम एशिया में लगातार जारी गोलाबारी और मिसाइल हमलों के बीच ऑस्ट्रेलिया ने बढ़ते खतरों का हवाला देते हुए ईरान स्थित अपना दूतवास बंद कर दिया है। उसने दूतावास के स्टाफ को अजरबैजान भेज दिया है, ताकि वे ईरान में रह रहे अपने नागरिकों की मदद कर सकें।
अमेरिका को रूस ने दी चेतावनी
रूस ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान में वाशिंगटन की तरफ से समारिक परमाणु हथियारों का संभावित उपयोग एक विनाशकारी घटना होगी। रूसी सरकारी समाचार एजेंसी टीएएसएस ने क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव के हवाले से शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट में ये बातें कहीं। पेसकोव मीडिया रिपोर्ट पर अटकलों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। हालांकि, उनकी प्रतिक्रिया में किसी मीडिया समूह का नाम लिया। समाचार पत्र द गार्जियन ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि अमेरिकी रक्षा अधिकारी बता रहे थे कि ईरान की भूमिगत यूरेनियम संवर्धन सुविधा फोर्डो को खत्म करने के लिए पारंपरिक बम हमला काफी नहीं होगा। इसे खत्म करने के लिए पहले पारंपरिक बम हमला करना होगा और इसके बाद बी-2 बमवर्षक से सामरिक परमाणु हथियार छोड़ना होगा।
अमेरिका ने ईरान से जुड़ी 20 संस्थाओं पर लगाई पाबंदी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने ईरान से संबंधित कुछ नए प्रतिबंध जारी किए हैं, जिनमें हांगकांग स्थित दो संस्थाएं और आतंकवाद-रोधी प्रतिबंध शामिल हैं। अमेरिकी राजस्व और वित्त मंत्रालय की वेबसाइट पर पोस्ट नोटिस के मुताबिक, ईरान से संबंधित कम से कम 20 संस्थाओं, पांच व्यक्तियों और तीन जहाजों को प्रतिबंधित किया गया है।
तेल अवीव से लेकर हाइफा तक धमाके, ईरानी मिसाइलों ने फिर इस्राइल में मचाया कहर
ईरान ने शुक्रवार को इस्राइल पर एक और मिसाइल हमला शुरू किया है। ईरानी सरकारी मीडिया ने इसकी पुष्टि की, जबकि इस्राइली सेना ने बताया कि हमले ईरानी क्षेत्र से हुए हैं और एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय होकर आने वाली मिसाइलों को रोक रही है। इस्राइली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआती जानकारी में मिसाइलें तेल अवीव, नेगेव और हाइफा में गिरी हैं। फिलहाल नुकसान का आकलन नहीं हो पाया है। यह हमला दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है।
कमांडरों की मौत से न डरें, शहर न छोड़ें… इस्राइली हमलों से दबाव में नहीं खामनेई के प्रतिनिधि
ईरान के खोरासन रजवी इलाके में सुप्रीम लीडर अली खामनेई के प्रतिनिधि अहमद अलामोलहोदा ने शुक्रवार को कहा कि कमांडरों, परमाणु कार्यक्रम अधिकारियों की मौत या सामाजिक नुकसान से ईरानियों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने शुक्रवार की नमाज़ के दौरान कहा कि दुश्मन मनोवैज्ञानिक और सैन्य हमलों से डर फैलाना चाहता है, लेकिन ईरानी जनता डटी हुई है। खामनेई की हालिया बंकर से दी गई अपील को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि लोग अपना सामान्य जीवन जारी रखें और शहरों को खाली न करें, क्योंकि इससे दुश्मन अपने इरादे में कामयाब हो जाएंगे।
जिनेवा में ईरानी विदेश मंत्री से मिले EU, फ्रांस, जर्मनी और UK के नेता
शुक्रवार को जिनेवा में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास, फ्रांस, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम के विदेश मंत्रियों के साथ लंच मीटिंग की। यह बैठक ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान तलाशने के मकसद से हुई। हालांकि ईरान पहले ही साफ कर चुका है कि जब तक इस्राइली हमले जारी रहेंगे, वह किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा। फिर भी इस मुलाकात को संभावित शांति प्रयास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ईरान की विश्व धरोहर खतरे में! इजराइली हमलों के बीच UNESCO से लगाई सुरक्षा की गुहार
ईरान ने यूनेस्को से अपील की है कि वह इस्राइली हमलों के कारण उसकी सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर पर मंडरा रहे सैन्य खतरों से उसकी रक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप करे। यूनेस्को महानिदेशक ऑड्री अज़ोले को भेजे गए पत्र में ईरान ने बताया कि उसके पास 40,000 से अधिक राष्ट्रीय रूप से पंजीकृत स्थल और 28 वर्ल्ड हेरिटेज नामांकन हैं, जिनमें 54 ऐतिहासिक कारवां सराय, राष्ट्रीय रेलवे, हायर्केनियन जंगल, क़नात और ऐतिहासिक बाग शामिल हैं। ईरान ने चेतावनी दी कि यदि यूनेस्को देरी करता है तो ये धरोहरें पूरी तरह से नष्ट हो सकती हैं।



