प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को पांच देशों की यात्रा पर रवाना हो गए हैं। वह दो से नौ जुलाई तक घाना, त्रिनिदाद-टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान छह और सात जुलाई को ब्राजील में 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इससे वैश्विक दक्षिण के देशों से भारत के संबंधों को नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
57 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का अर्जेंटीना का पहला द्विपक्षीय दौरा
पीएम मोदी पोर्ट ऑफ स्पेन से ब्यूनस आयर्स जाएंगे, जो 57 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का अर्जेंटीना का पहला द्विपक्षीय दौरा होगा। अर्जेंटीना को लैटिन अमेरिका में एक प्रमुख आर्थिक साझेदार और जी20 में निकट सहयोगी बताते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं राष्ट्रपति जेवियर माइली से मुलाकात का इंतजार कर रहा हूं, जिनसे मैं पिछले साल भी मिला था। हम कृषि, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, व्यापार, पर्यटन, प्रौद्योगिकी और निवेश जैसे क्षेत्रों में पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग को बढ़ाने पर ध्यान देंगे।’
3-4 जुलाई को त्रिनिदाद और टोबैगो जाएंगे PM
पीएम मोदी 3-4 जुलाई को त्रिनिदाद और टोबैगो जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह भारत के साथ गहरी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के बीच जुड़ाव साझा करता है। उन्होंने कहा, ‘मैं राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू से मिलूंगा, जो इस साल के प्रवासी भारतीय दिवस की मुख्य अतिथि थीं और दूसरी बार कार्यभार संभालने वालीं प्रधानमंत्री कमला परसाद-बिसेसर से मुलाकात करूंगा।’
प्रवासी समुदाय के लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘180 साल पहले भारतीय पहली बार त्रिनिदाद और टोबैगो पहुंचे थे। यह दौरा हमारे पुश्तैनी और रिश्तेदारी के विशेष बंधनों को नया जीवन देने का अवसर देगा।’
कांग्रेस ने नक्रूमा-नेहरू संबंधों को याद किया
प्रधानमंत्री मोदी के घाना दौरे पर जाने के साथ ही कांग्रेस ने बुधवार को घाना के पूर्व राष्ट्रपति क्वामे नक्रूमा और भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बीच बेहद मधुर संबंधों को याद किया। ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कांग्रेस महासचिव प्रभारी संचार जयराम रमेश ने कहा, ‘सुपर प्रीमियम फ्रीक्वेंट फ्लायर प्रधानमंत्री आज घाना में हैं। 60 के दशक के मध्य तक घाना और वास्तव में अफ्रीकी राजनीति पर क्वामे नक्रूमा का दबदबा था, जो एक प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं। जवाहरलाल नेहरू के साथ उनके बहुत मधुर संबंध थे, जो मार्च 1957 में घाना की स्वतंत्रता से बहुत पहले के थे।’ अकरा में एक प्रमुख सड़क जिस पर इंडिया हाउस स्थित है, उसका नाम नेहरू के नाम पर रखा गया है, जबकि नई दिल्ली में राजनयिक एन्क्लेव में क्वामे नक्रूमा मार्ग है।
‘वैश्विक नेताओं से बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को घाना की राजधानी अकरा के लिए रवाना हुए। यह उनकी पांच देशों की यात्रा का पहला चरण है। इस यात्रा का उद्देश्य भारत के वैश्विक साझेदारी को ग्लोबल साउथ और अटलांटिक के दोनों पक्षों के साथ संबंधों को मजबूत करना है। अपने बयान में पीएम मोदी ने कहा, ‘राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा के निमंत्रण पर मैं 2-3 जुलाई को घाना का दौरा करूंगा। घाना ग्लोबल साउथ में एक मूल्यवान साझेदार है और अफ्रीकी संघ और पश्चिम अफ्रीकी राज्यों के आर्थिक समुदाय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।’ उन्होंने निवेश, ऊर्जा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और विकास साझेदारी जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि घाना की संसद में बोलना मेरे लिए सम्मान की बात होगी।
प्रधानमंत्री मोदी घाना के लिए रवाना हुए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया सहित पांच देशों की यात्रा पर रवाना हुए। प्रधानमंत्री मोदी ब्राजील में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे।
‘गर्व के साथ प्रधानमंत्री मोदी का इंतजार’
प्रधानमंत्री मोदी की घाना यात्रा पर भारतीय मूल के घानाई नागरिक पुष्पेंद्र सिंह ने कहा, ‘…हम गर्व के साथ प्रधानमंत्री मोदी का इंतजार कर रहे हैं। हम उनका स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। मुझे खुशी है कि वे यहां आ रहे हैं…’
पीएम मोदी का पूरा कार्यक्रम
यात्रा के पहले चरण में पीएम मोदी दो से तीन जुलाई तक घाना में रहेंगे। यह तीन दशकों में किसी भारतीय पीएम की पहली घाना यात्रा होगी। वह घाना के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बैठक में आर्थिक, ऊर्जा व रक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। वह 3-4 जुलाई को त्रिनिदाद-टोबैगो में होंगे। यह 1999 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। यात्रा के तीसरे चरण में प्रधानमंत्री 4-5 जुलाई तक अर्जेंटीना का दौरा करेंगे और रक्षा, कृषि, खनन, तेल व गैस, व्यापार सहित कई क्षेत्रों में साझेदारी पर चर्चा करेंगे। फिर ब्रिक्स बैठक में हिस्सा लेने ब्राजील जाएंगे। पीएम 9 जुलाई को नामीबिया पहुंचेंगे। उनके वहां संसद में भाषण देने की भी उम्मीद है।



