लोकसभा में गृहमंत्री शाह ने पेश किए तीन अहम विधेयक; विपक्ष का हंगामा, फाड़ी बिल की कॉपी

लोकसभा में गृहमंत्री शाह ने पेश किए तीन अहम विधेयक; विपक्ष का हंगामा, फाड़ी बिल की कॉपी

संसद के मानसून सत्र में सोमवार को विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार ने महत्वपूर्ण विधायी कामकाज किया। लोकसभा में जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किया गया, जबकि राज्यसभा ने भारतीय पत्तन विधेयक 2025 पारित कर दिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला पर चर्चा बाधित होने पर विपक्ष को घेरा। 

संसद का मानसून सत्र सोमवार को भी हंगामे और तीखे विरोध का गवाह बना। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष ने कई मुद्दों पर जोरदार हंगामा किया। कई बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इसके बावजूद सरकार ने लोकसभा में जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किया और राज्यसभा से भारतीय पत्तन विधेयक, 2025 पारित कराया। इन घटनाक्रमों ने दिखाया कि हंगामे के बीच भी सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ा रही है।

लोकसभा में विपक्षी दलों ने बिहार में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची की विशेष समीक्षा को लेकर हंगामा किया। इसी दौरान सदन में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचे भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक उपलब्धि पर चर्चा चल रही थी। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय गौरव और उपलब्धि से जुड़ा विषय था, जिस पर राजनीति से ऊपर उठकर चर्चा होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि विपक्ष का रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा। भारत की अंतरिक्ष प्रगति अभूतपूर्व है और इस क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश नई ऊंचाइयां छू रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीनों विधेयकों को संयुक्त संसदीय समिति को भेजने की सिफारिश की। इस दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्ष की ओर से बिल की कॉपी फाड़कर केंद्रीय गृह मंत्री की ओर फेंकी गई।

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि जब अमित शाह को गिरफ्तार किया गया था तो क्या उन्होंने अपनी नैतिकता दिखाई थी?इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मुझ पर जब आरोप लगे थे तो मैंने गिरफ्तारी से पहले नैतिक रूप से इस्तीफा दिया था। कोर्ट से निर्दोष साबित न होने तक मैंने कोई सांविधानिक पद नहीं लिया था। 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से पेश किए गए विधेयकों का उद्देश्य यह है कि अगर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, किसी राज्य के मुख्यमंत्री या केंद्र शासित प्रदेश के मंत्री को गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तार या हिरासत में लिया जाता है तो उन्हें उनके पद से हटाया जा सके। इसका विपक्ष की ओर से विरोध किया जा रहा है। 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, किसी राज्य के मुख्यमंत्री या केंद्र शासित प्रदेश के मंत्री की आपराधिक मामले में गिरफ्तारी से जुड़ा विधेयक पेश करेंगे। भाजपा सांसदों को व्हिप जारी कर सदन में रहने के लिए कहा गया है। 

भारतीय पत्तन विधेयक 2025 पारित
राज्यसभा में सरकार ने भारतीय पत्तन विधेयक, 2025 पारित कराया। इस विधेयक का मकसद बंदरगाहों से जुड़े पुराने और ब्रिटिश कालीन कानूनों को खत्म कर एक आधुनिक ढांचा तैयार करना है। जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि कांग्रेस के शासन में मंत्रालय की उपेक्षा हुई, लेकिन एनडीए सरकार ने पिछले 11 वर्षों में 11 नए कानून लाए। यह विधेयक कारोबार को आसान बनाने, समुद्री संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने और बंदरगाहों में प्रदूषण, सुरक्षा और आधुनिक तकनीक लाने का रास्ता खोलेगा। विपक्षी सांसदों ने विधेयक पर चर्चा से पहले वॉकआउट कर दिया और बिहार की मतदाता सूची के मुद्दे पर चर्चा की मांग की।

संस्कृति मंत्रालय की नई पहल
लोकसभा में संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने जानकारी दी कि सरकार ने राजा राममोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन के जरिए पूरे देश की सार्वजनिक लाइब्रेरियों का राष्ट्रीय स्तर पर गतिशील डाटाबेस तैयार करने की पहल शुरू की है। इसका मकसद है कि देशभर की लाइब्रेरियों को जोड़कर एक व्यापक सूचना तंत्र तैयार किया जाए। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से वित्तीय सहायता देकर लाइब्रेरी व्यवस्था को मजबूत कर रहा है। साथ ही, आने वाले दस वर्षों में एंथ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया राष्ट्रीय नीतियों के साथ तालमेल कर अनुसंधान करेगा और हाशिये पर खड़ी समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देगा।

अवैध निर्माण पर संसद में सवाल
सत्र के दौरान विपक्षी सांसदों ने सवाल उठाया कि गोवा के ऐतिहासिक और संरक्षित स्थलों पर अवैध निर्माण बढ़ रहे हैं। संस्कृति मंत्री ने लिखित जवाब में बताया कि ओल्ड गोवा के बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस और कैथेड्रल जैसे संरक्षित स्मारकों में अवैध निर्माण की शिकायतें मिलीं। उन्होंने कहा कि ASI ने नोटिस जारी किया, पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और जिला प्रशासन को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि किसी भी स्थिति में देश की धरोहरों के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पांच वर्षों में इन देशों से आए सबसे अधिक पर्यटकः सरकार
पिछले पांच वर्षों में भारत में सबसे अधिक पर्यटक अमेरिका, बांग्लादेश, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा से आए हैं। केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में एफटीए से संबंधित प्रश्नों के लिखित उत्तर में यह बताया। 2024 में 99.52 लाख विदेशी पर्यटक आए थे। मंत्री से पिछले पांच वर्षों में देश में विदेशी पर्यटकों के आगमन (एफटीए) का विवरण पूछा गया था। यह भी पूछा गया था कि क्या भारत के पर्यटन क्षेत्र में कोविड-19 महामारी के बाद उल्लेखनीय सुधार हुआ है। क्या अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का आगमन महामारी पूर्व स्तर से अधिक हो गया है। मंत्री से भारत में एफटीए के लिए शीर्ष 10 स्रोत बाजारों के बारे में भी जानकारी मांगी गई। शेखावत ने वर्ष 2020 से 2024 के दौरान एफटीए के लिए शीर्ष 10 स्रोत देशों का सारणीबद्ध डाटा साझा किया। इस अवधि के दौरान भारत में एफटीए के लिए शीर्ष 10 देशों में अमेरिका, बांग्लादेश, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, मलेशिया, श्रीलंका, जर्मनी, फ्रांस और सिंगापुर शामिल हैं।

गंगा में आकारिकी परिवर्तन सुंदरवन के पोषण में बाधक- केंद्र 
गंगा नदी की आकृति विज्ञान में बदलाव ने सुंदरबन डेल्टा के पोषण को बाधित किया है। खासकर इसके भारतीय हिस्से को प्रभावित किया है। राज्यसभा में जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने कहा कि गंगा और हुगली जैसी सभी जलोढ़ नदियों में कटाव और निक्षेपण प्राकृतिक भू-आकृतिक प्रक्रियाएं हैं, जो भूवैज्ञानिक, जलवैज्ञानिक और जलवायु कारकों से प्रभावित होती हैं। उन्होंने कहा, नदियां अपने साथ लाए गए गाद भार और जमा किए गए गाद भार के बीच संतुलन बनाए रखती हैं, जिससे नदी की एक व्यवस्था बनी रहती है। मंत्री ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच साझा और पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्र के निचले छोर पर स्थित सुंदरबन डेल्टा, गंगा/ पद्मा और भागीरथी/ हुगली नदी प्रणालियों, विशेष रूप से फरक्का बैराज के निचले हिस्से में आकारिकी परिवर्तनों से प्रभावित हुआ है।

दिल्ली-एनसीआर में 9 में से 4 पुराने कचरा स्थल साफ- केंद्र
दिल्ली-एनसीआर में 329.99 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) कचरे वाले सभी सात पुराने कूड़ाघरों की पहचान कर ली गई है। इनमें से चार को साफ किया गया है। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि पहचाने गए कूड़ा स्थलों में दिल्ली के तीन प्रमुख कूड़ाघर हैं। इनमें 274.57 एलएमटी कचरा है। गुरुग्राम (44.99 एलएमटी), नोएडा (1 एलएमटी), ग्रेटर नोएडा (6.72 एलएमटी) और गाजियाबाद (2.71 एलएमटी) में एक-एक कूड़ाघर है। इनमें से चार स्थलों को साफ कर दिया गया है। तोखन ने कहा कि दिल्ली के लिए तीन शहरी स्थानीय निकायों में 253.75 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे को निस्तारित करने के लिए कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है। इसकी कुल लागत 1,395.63 करोड़ रुपये है। इसमें 1116.50 करोड़ रुपये का केंद्रीय हिस्सा है, जिसमें से 586.58 करोड़ रुपये पहले जारी हो चुके हैं। साहू ने कहा कि पुराने कूड़ाघर दशकों से हैं। पहली बार स्वच्छ भारत मिशन के तहत राष्ट्रीय स्तर पर इन कूड़े के ढेरों को हटाने का काम शुरू किया गया है।

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