टीसीएस का बड़ा कदम; लंदन में लॉन्च किया नया एआई हब, तीन साल में पैदा करेगी 5000 नौकरियां

टीसीएस का बड़ा कदम; लंदन में लॉन्च किया नया एआई हब, तीन साल में पैदा करेगी 5000 नौकरियां

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने लंदन में नया एआई एक्सपीरियंस जोन और डिजाइन स्टूडियो लॉन्च किया है। कंपनी ने कहा कि इस निवेश से अगले तीन वर्षों में ब्रिटेन में 5,000 नई नौकरियां पैदा होंगी।

भारत की दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने लंदन में अपने नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक्सपीरियंस जोन और डिजाइन स्टूडियो की शुरुआत की है। कंपनी ने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में ब्रिटेन में 5,000 नई नौकरियां पैदा करेगी। यह कदम टीसीएस के ब्रिटेन में बढ़ते निवेश और इनोवेशन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दिखाता है।

यूके की अर्थव्यवस्था में टीसीएस का बड़ा योगदान

वर्तमान में टीसीएस ब्रिटेन में 42,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियों को समर्थन दे रही है। कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2024 में उसने 3.3 अरब पाउंड (लगभग 350 अरब रुपये) का योगदान ब्रिटिश अर्थव्यवस्था में किया। कंपनी ने अपने बयान में कहा, “टीसीएस ने लंदन में नया एआई एक्सपीरियंस जोन और डिजाइन स्टूडियो लॉन्च कर ब्रिटेन में अपनी रणनीतिक निवेश प्रतिबद्धता को मजबूत किया है। साथ ही, अगले तीन वर्षों में 5,000 नई नौकरियां पैदा की जाएंगी।”

इनोवेशन और सहयोग के लिए नया हब

लंदन में लॉन्च किया गया नया केंद्र टीसीएस के पेस पोर्ट इनोवेशन सेंटर का आधुनिक रूप है। यह केंद्र ब्रिटेन में क्लाइंट सहयोग, डिजाइन थिंकिंग और डिजिटल इनोवेशन को बढ़ावा देगा। यह स्टूडियो न्यूयॉर्क में हाल ही में लॉन्च हुए टीसीएस डिजाइन स्टूडियो के बाद कंपनी का दूसरा प्रमुख डिजाइन हब है। टीसीएस का यह नया हब ब्रिटेन के स्टार्टअप्स, यूनिवर्सिटीज और रिसर्च संस्थानों के साथ मिलकर नए एआई-आधारित बिजनेस सॉल्यूशंस विकसित करेगा।

यूके है टीसीएस का दूसरा सबसे बड़ा बाजार

टीसीएस के यूके और आयरलैंड के प्रमुख विनय सिंघवी ने कहा, “यूके हमारे लिए दूसरा सबसे बड़ा वैश्विक बाजार है। हम यहां अपने बिजनेस और टेक्नोलॉजी इनिशिएटिव्स को और विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

भारत-यूके आर्थिक साझेदारी में नई रफ्तार

टीसीएस की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कियर स्टारमर ने भारत का पहला आधिकारिक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात की और कहा कि भारत 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन इस विकास यात्रा में भारत का रणनीतिक साझेदार बनेगा। जुलाई में भारत और ब्रिटेन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में और तेजी आने की उम्मीद है। यह समझौता 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखता है।

टीसीएस के मुंबई कैंपस में ब्रिटिश डेलिगेशन की विजिट

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के साथ आए व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को टीसीएस के मुंबई स्थित बनयान पार्क कैंपस का दौरा किया। ब्रिटिश निवेश मंत्री जेसन स्टॉकवुड ने कहा, “टीसीएस कैंपस में जाकर उनके तकनीकी नवाचारों को देखना शानदार अनुभव रहा। टाटा समूह पिछले 150 वर्षों से नेतृत्व और उद्यमिता का प्रतीक रहा है। यह साझेदारी दोनों देशों की अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा लाएगी।” टीसीएस का यह कदम ब्रिटेन में न केवल रोजगार को बढ़ावा देगा बल्कि भारत-यूके तकनीकी साझेदारी को भी नई दिशा देगा। एआई और डिजाइन इनोवेशन के क्षेत्र में यह विस्तार भारत की ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडरशिप को और मजबूत करेगा।

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