राहुल के वोट चोरी के आरोपों की जांच के लिए नहीं गठित होगी SIT, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

राहुल के वोट चोरी के आरोपों की जांच के लिए नहीं गठित होगी SIT, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वोट चोरी के कथित आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच समिति गठित करने की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। याचिका में पूर्व जज की अध्यक्षता में एसआईटी गठित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। 

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ वाले आरोपों की जांच के लिए एसआईटी गठित करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। जनहित याचिका (पीआईएल) में में बंगलूरू मध्य के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र व देश के अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में हेराफेरी के आरोपों की जांच के लिए पूर्व जज की अध्यक्षता में एसआईटी गठित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा, हम इस जनहित पर विचार करने के इच्छुक नहीं हैं। शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता चुनाव आयोग के समक्ष यह मुद्दा उठाने के लिए स्वतंत्र है। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि चुनाव आयोग के समक्ष एक अभ्यावेदन दिया गया था लेकिन उस पर विचार नहीं किया गया और कोई कार्रवाई नहीं की गई।  अदालत ने याचिका खारिज करते हुए याचिकाकर्ता से कानून के तहत उचित उपाय अपनाने को कहा है।

याचिकाकर्ता ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से 7 अगस्त, 2025 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोपों का हवाला दिया। याचिका में कहा गया कि यहां दांव पर किसी एक चुनावी मुकाबले का नतीजा नहीं बल्कि मतदाता सूची की अखंडता और विश्वसनीयता है। इस पर पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया टिकी है। जब मतदाता सूची गलत तरीके से नाम हटाए जाने और धोखाधड़ी से नाम जोड़े जाने से दूषित हो जाती है तो मतदान का अधिकार सभी नागरिकों के लिए समान रूप से सुलभ नहीं रह जाता। 

इससे मताधिकार के सांविधानिक वादे को नुकसान पहुंचता है। याचिका में चुनाव आयोग को यह निर्देश देने की भी मांग की गई थी कि अदालत के निर्देशों का पालन होने और मतदाता सूचियों का स्वतंत्र ऑडिट पूरा होने तक मतदाता सूचियों में कोई और संशोधन या अंतिम रूप नहीं दिया जाएगा।

सेना के खिलाफ टिप्पणी का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक बढ़ाई
सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ लखनऊ की एक अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने वाले अपने अंतरिम आदेश को 20 नवंबर तक बढ़ा दिया। यह मामला उनकी 2022 की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भारतीय सेना के बारे में अपमानजनक टिप्पणी से जुड़ा है।

जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने कहा, याचिकाकर्ता के वकील की ओर से प्रतिउत्तर हलफनामा दाखिल करने के लिए स्थगन की मांग करते हुए प्रसारित पत्र के मद्देनजर, मामले को 20 नवंबर, 2025 को सूचीबद्ध किया जाता है। 4 अगस्त, 2025 को पहले दिया गया अंतरिम आदेश अगली सुनवाई की तारीख तक बढ़ाया जाता है। पीठ राहुल की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के 29 मई के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। 

इसमें मामले में ट्रायल कोर्ट के समन आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। राहुल की याचिका के साथ दो अलग-अलग याचिकाएं भी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध थीं। 4 अगस्त को राहुल की याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने लखनऊ की एक अदालत में लंबित शिकायत मामले में आगे की कार्यवाही पर सुनवाई की अगली तारीख तक रोक लगा दी थी। 

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *