NDA में अब विधानसभा क्षेत्र बंटवारे पर माथापच्ची; नाराज मांझी-कुशवाहा को मिल सकती हैं और 1-1 सीट

NDA में अब विधानसभा क्षेत्र बंटवारे पर माथापच्ची; नाराज मांझी-कुशवाहा को मिल सकती हैं और 1-1 सीट

मतभेद और नाराजगी की इन खबरों के बीच गृह मंत्री अमित शाह एक बार फिर से सक्रिय हो गए हैं। मंगलवार को दिन भर वह सहयोगी दलों के नेताओं से बातचीत करते रहे। भाजपा सूत्रों का कहना है कि बहुत जल्द नए फार्मूले पर सहमति बन जाएगी। संभवत: बुधवार को संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर सीटों के बंटवारे की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर सहमति के बाद राजग में विधानसभा क्षेत्रों के बंटवारे को लेकर गुत्थी उलझ गई है। सहयोगियों को साधने और विवाद को खत्म करने के लिए भाजपा अब सीट बंटवारे और उन्हें चिन्हित करने दोनों ही मुद्दे पर नए सिरे से माथापच्ची करने में जुटी है। कम सीटें मिलने से नाराज हम और आरएलएम के मुखिया जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा को एक-एक अतिरिक्त सीट देने पर भी विचार चल रहा है। पार्टी ने गतिरोध वाली सीटों पर फिलहाल उम्मीदवार नहीं घोषित करने के लिए सहयोगी दलों को मना लिया है।

दरअसल, राजग के सहयोगी दलों में इस बात पर तो सहमति बन गई थी कौन पार्टी कितनी सीटों पर लड़ेगी। लेकिन यह तय नहीं हुआ था किस पार्टी के हिस्से में कौन-कौन सी विधानसभा सीटें आएंगी। सहयोगी दलों की तरफ से कुछ सीटों पर अपना दावा ठोकने पर जदयू की ओर से नाराजगी जताए जाने पर राजग में गतिरोध बढ़ गया। जदयू का शीर्ष नेतृत्व बीते चुनाव में अपने कोटे की अहम सीटों को लोजपा (आर) को देने से बेहद नाराज था। जदयू सूत्रों के मुताबिक इस मामले में भाजपा से बातचीत के लिए अधिकृत राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा को शीर्ष नेतृत्व की कड़ी नाराजगी का सामना करना पड़ा। खासतौर से तारापुर, सोनबरसा, राजगीर, मोरवा जैसी परंपरागत सीटों पर समझौते को लेकर। पार्टी का एक धड़ा उन पर पार्टी हितों की अनदेखी का आरोप लगा रहा है।

जदयू फिर बन सकती है बड़ा भाई
नीतीश के कमजोर पड़ने की विपक्ष की ओर से बनाई जा रही धारणा से भी भाजपा में चिंता है। यह धारणा भाजपा-जदयू के बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने, सीटों के बंटवारे में जदयू को अधिक समझौता करने के कारण मजबूत हुई है। अब भाजपा की योजना अपने कोटे से मांझी और कुशवाहा को एक-एक अतिरिक्त सीटें देने की हैं। अगर ऐसा हुआ तो 101 सीट की हिस्सेदारी के साथ जदयू एक बार फिर से बड़े भाई की भूमिका में होगी। जदयू सूत्रों का कहना है कि पहले ही तय हुआ था कि प्रतीकात्मक तौर पर भाजपा जदयू को एक सीट अधिक देगी, जिससे संदेश जाए कि राज्य में राजग का चेहरा नीतीश हैं। यह भी चर्चा है कि मंगलवार को पीएम मोदी ने सीएम नीतीश से बातचीत की है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।

संजय को देनी पड़ी सफाई
तनातनी के बीच जदयू अध्यक्ष संजय झा को सोशल मीडिया के माध्यम से सफाई देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि सारा निर्णय सीएम नीतीश कुमार ले रहे हैं। उनके नेतृत्व में ही जदयू की भाजपा से बात हो रही है। इसके अतिरिक्त चिराग, मांझी, कुशवाहा ने भी सोशल मीडिया पर बयान जारी कर राजग में सबकुछ सामान्य होने की बात कही। तनातनी के बीच लोजपा को उम्मीदवार घोषित करने से रोका गया। यह सारा कुछ यह बताने के लिए था कि नीतीश न तो कमजोर पड़े हैं और न ही कोई दल उन पर हावी है।

शाह हुए सक्रिय, आज नया फार्मूला संभव
मतभेद और नाराजगी की इन खबरों के बीच गृह मंत्री अमित शाह एक बार फिर से सक्रिय हो गए हैं। मंगलवार को दिन भर वह सहयोगी दलों के नेताओं से बातचीत करते रहे। भाजपा सूत्रों का कहना है कि बहुत जल्द नए फार्मूले पर सहमति बन जाएगी। संभवत: बुधवार को संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर सीटों के बंटवारे की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *