असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का है। उन्होंने केंद्र सरकार से उम्मीद जताई कि शहीदों के परिवारों को न्याय मिलेगा और आतंकियों को उनके किए की सजा दी जाएगी।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के ढाका प्रखंड में उन्होंने कहा कि यह एक कायराना आतंकी हमला है और देश के प्रधानमंत्री को इसमें सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान को असफल राष्ट्र बताते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है कि भारत ऐसा जवाब दे कि पाकिस्तान फिर कभी भारत में घुसपैठ करने से पहले सौ बार सोचे।
ओवैसी ने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का है। उन्होंने केंद्र सरकार से उम्मीद जताई कि शहीदों के परिवारों को न्याय मिलेगा और आतंकियों को उनके किए की सजा दी जाएगी।
शहीद की पत्नी हिमांशी के बयान को बताया प्रेरणादायक
ओवैसी ने भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिनके पति की आतंकियों ने शादी के छह दिन बाद हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि हिमांशी ने जो बात कही है, वो उन लोगों के लिए एक संदेश है जो हमारे देश में हिंदू-मुसलमान का जहर फैलाते हैं। उन्होंने हिमांशी की उस बात को उद्धृत किया जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पति को खोया है, लेकिन फिर भी वे मुसलमानों और कश्मीरियों के खिलाफ नफरत नहीं चाहतीं। ओवैसी ने कहा कि यह भावना ही भारत की असली ताकत है, और हमें इसी रास्ते पर चलकर देश को मजबूत बनाना है।
नफरत फैलाने वालों को चेताया
ओवैसी ने अपने बयान में यह भी जोड़ा कि जो लोग इस संवेदनशील समय में धर्म के नाम पर नफरत और जहर फैला रहे हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि वे पाकिस्तान जैसे आतंकी समर्थक देशों को मुस्कराने का मौका दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि पाकिस्तान और वहां के आतंकी संगठनों की मुस्कान छिन जाए। इसके लिए जरूरी है कि हम आपस में मोहब्बत और एकता का संदेश दें, न कि नफरत का।
केंद्र सरकार से की ठोस कार्रवाई की मांग
असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे इस हमले के खिलाफ ऐसी कार्रवाई करें, जिससे देश को यह भरोसा हो कि भारत अपनी सीमाओं और नागरिकों की रक्षा में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह पाकिस्तान में पनप रहे आतंक के अड्डों को जड़ से समाप्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाए।
शांति, प्रेम और एकता का दिया संदेश
अपने पूरे वक्तव्य में ओवैसी ने इस बात पर जोर दिया कि देश की असली ताकत उसकी गंगा-जमुनी तहजीब, सांप्रदायिक सौहार्द और संविधान में आस्था है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस कठिन समय में एकजुट रहें और आतंकियों को करारा जवाब देने के साथ-साथ देश की आंतरिक एकता को और मजबूत करें।



