सपा नेता आजम खां ने बुधवार शाम को दलबदल के कयास खारिज कर दिए। आजम खां ने कहा कि हम चरित्रवान लोग हैं। बिकाऊ नहीं हैं। इस दौरान उन्होंने अखिलेश यादव पर कहा कि वह बड़ी पार्टी के बड़े नेता हैं, मेरे जैसे छोटे आदमी के लिए कुछ कहा तो उनका बड़प्पन।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां ने बसपा समेत दूसरे दलों में जाने की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, हम चरित्रवान लोग हैं। बिकाऊ नहीं हैं। यह हम पहले भी साबित कर चुके हैं। आजम खां जेल से रिहा होने के एक दिन बाद बुधवार शाम अपने आवास पर मीडिया से रूबरू हुए।
उन्होंने मुरादाबाद के पूर्व सांसद एसटी हसन के बयान पर कहा कि टिकट तो हम अपनों को नहीं दिलवा पाए तो उनको क्या दिलाते। एसटी हसन हमारे बड़े भाई हैं। सपा नेता ने कहा कि साल 2017 के बाद से लेकर अब तक यह बात भी सामने आ गई जो लोग अब तक मुझे नहीं जानते थे, वह भी जानने लगे।
कहा कि उन्हें तो अभी यह भी सोचने का मौका नहीं मिला है हम क्या करें। उन्होंने सपा मुखिया अखिलेश यादव के बयान पर कहा, अखिलेश बड़ी पार्टी के बड़े नेता हैं। मेरे जैसे छोटे आदमी के लिए कुछ कहा है तो उनका बड़प्पन है।
उन्होंने दूसरी पार्टी में जाने के सवाल पर कहा कि आग न लगाओ। उन्होंने सपा मुखिया अखिलेश यादव से बातचीत पर कहा कि अभी उनसे बात नहीं हुई है। सपा नेता आजम खां ने पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से बातचीत पर कहा कि यकीन मानिए जेल में मोबाइल चलाने की इजाजत नहीं होती है।

पांच साल में अपनी पत्नी का भी नंबर भूल गए : आजम
पिछले पांच साल के दौरान वह अपनी पत्नी तक का नंबर भूल गए। पांच साल से जो शख्स मोबाइल से दूर रहा वह भला नंबर कैसे याद रखता। मोबाइल चलाना तक भूल गए। पांच साल तक एक छोटी सी कोठरी में रहे। सियासी रूप ही मर गया।

मुकदमों में दम होता तो बाहर नहीं होते
सपा नेता आजम खां ने अपने ऊपर किए गए मुकदमों के सवाल पर कहा कि यदि मुकदमों में कोई दम होता तो वह आज बाहर नहीं होते। उन्होंने कहा कि छोटी अदालत से लेकर हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक इंसाफ जरूर मिलेगा। मुझे उम्मीद है कि मैं बेदाग साबित हो जाऊंगा।
खैरियत से रहें बड़े नेता
आजम खां ने जेल से छूटने के बाद यहां बड़े नेताओं के न आने के सवाल पर कहा कि वह सब खैरियत से रहें। यही दुआ है।
घर में ही रहे आजम
सपा नेता आजम खां ज्यादातर समय घर पर ही रहे। मंगलवार की शाम से लेकर बुधवार की देर शाम तक वह घर पर ही रहे। इस बीच कुछ शुभचिंतक उनसे मिलने में कामयाब रहे।
पुलिस प्रशासन भी रहा सतर्क
सपा नेता की रिहाई के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसके अलावा खुफिया एजेंसियां भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। सभी की निगाह सपा नेता की गतिविधियों पर टिकी हैं।
आजम से मिलने को दिन भर लगी रही समर्थकों की भीड़
जेल से रिहा होने के बाद आजम खां से मिलने के लिए बुधवार को भी दिनभर समर्थकों की भीड़ लगी रही। सपा नेता कुछ चुनिंदा लोगों से ही मिल सके। इस दौरान यहां कोई बड़ा चेहरा नहीं पहुंचा।
सपा नेता सीतापुर जेल से रिहा होकर मंगलवार की शाम को रामपुर पहुंचे थे। बुधवार को सुबह से ही कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो कि दिन भर जारी रहा। यहां पर लोगों की भीड़ लगी रही।
दिन भर लोग सपा नेता से मिलने का इंतजार करते हुए देखे गए। यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। घर पहुंचने के करीब बीस घंटे बाद सपा नेता मीडिया के सामने जरूर आए लेकिन वह कहीं दूसरी जगह पर नहीं गए।



