बाहुबलियों का क्या होगा: इन सीटों पर दांव पर बाहुबलियों की प्रतिष्ठा, किसे मिलेगी जीत, किसका ढहेगा किला?

बाहुबलियों का क्या होगा: इन सीटों पर दांव पर बाहुबलियों की प्रतिष्ठा, किसे मिलेगी जीत, किसका ढहेगा किला?

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आज आएंगे। राज्य में हुई रिकॉर्ड वोटिंग किसके पक्ष में जाएगी आज यह साफ हो जाएगा। इस बार भी कई बाहुबली या उनके परिवार के सदस्य चुनाव मैदान में थे। आज तय हो जाएगा किसे जीत मिलेगी और किसे हार? 

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आज आएंगे। राज्य में हुई रिकॉर्ड वोटिंग किसके पक्ष में जाएगी आज यह साफ हो जाएगा। बीते चुनावों की तरह इस बार भी कई बाहुबली या उनके परिवार के सदस्य चुनाव मैदान में थे। इनमें से कितने जीतेंगे? किन बाहुबलियों का किला ढह जाएगा ये भी आज तय हो जाएगा? 

बाहुबली अनंत सिंह की इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा रही। अनंत सिंह पटना जिले की मोकामा सीट से जदयू उम्मीदवार हैं। उनके अलावा बाहुबली शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब राजद के टिकट पर, बाहुबली आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद जदूय के टिकट पर, बाहुबली सुनील पांडेय के भाई हुलास पांडेय और उनके बेटे विशाल प्रशांत भी चुनाव मैदान में अलग-अलग दलों से उतरे थे। आइये इन सभी बाहुबलियों और उनकी सीटों के बारे में जानते हैं। 


यहां मैदान में बाहुबली उम्मीदवार और उनके परिवार

बाहुबली कनेक्श वाले उम्मीदवारसीटपार्टी
अनंत सिंह मोकामाजदयू
वीणा देवीमोकामाराजद
रीतलाल यादवदानापुरराजद
अमरेंद्र पांडेयकुचायकोटजदयू
रणधीर कुमार सिंहमांझीजदयू
हुलास पांडेयब्रह्मपुरलोजपा (आर)
प्रशांत विशाल तरारीभाजपा
विभा देवीनवादाजदयू
बीमा भारतीरुपौलीराजद
शंकर सिंहरुपौलीनिर्दलीय
चेतन आनंदनबीनगरजदयू
शहनवाज आलमजोकीहाटराजद
सरफराज आलमजोकीहाटजनसुराज
अरुणा देवीवारिसलीगंजभाजपा
अनीता देवीवारिसलीगंजराजद
शिवानी शुक्लालालगंजराजद
ओासमा शहाबरघुनाथपुरराजद

मोकामा में दो बहुबलियों की टक्कर

इस चुनाव के दौरान जिन सीटों की सबसे ज्यादा चर्चा रही उनमें मोकामा सीट भी शामिल है। इस सीट पर दो बाहुबलियों की प्रतिष्ठा दांव पर है। 2020 में यहां से राजद के टिकट पर जीते बाहुबली अनंत सिंह इस बार जदयू के टिकट पर मैदान में हैं। उनके सामने बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी राजद के टिकट पर उतरी हैं। 1990 से ही इस सीट पर अनंत सिंह और उनके परिवार का दबदबा रहा है।  

जोकीहाट में दो भाई फिर आमने-सामने

अररिया जिले की जोकीहाट सीट 2020 की तरह इस बार भी चर्चा में है। इस सीट से बाहुबली नेता रहे तस्लीमुद्दीन के दो बेटे सरफराज आलम और शाहनवाज आलम एक बार फिर आमने-सामने हैं। 2020 में एआईएमआईएम के टिकट पर जीते शाहनवाज इस बार राजद के टिकट पर मैदान में हैं। वहीं, 2020 में राजद के टिकट पर चुनाव लड़े सरफराज इस बार जनसुराज के टिकट पर उतरे हैं। 

वारिसलीगंज में दो बहुबलियों की पत्नियों के बीच है लड़ाई

वारिसलीगंज विधानसभा सीट पर दो बहुबलियों की पत्नियां चुनाव मैदान में हैं। 2020 में यहां भाजपा की टिकट पर जीत जीतने वालीं अरुणा देवी 2000 के दशक के बाहुबली अखिलेश सरदार की पत्नी हैं। वह वारिसलीगंज सीट से चार बार विधायक रहे चुकी हैं। उनके सामने राजद ने अनीता महतो को टिकट दिया है। अनीता देवी बाहुबली अशोक महतो की पत्नी हैं। नवादा जिले की इस सीट पर पिछले 25 साल से इन्हीं दो बाहुबलियों के परिवार के लोग का कब्जा है। 

 एक बहुबली के दो घर वाले, दो सीट और दो अलग पार्टियों से मैदान में

बाहुबली नरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ सुनील पांडेय के परिवार के दो लोग इस बार चुनावी मैदान में है। सुनील पांडेय की परंपरागत सीट तरारी से इस बार उनके बेटे विशाल प्रशांत चुनाव मैदान में हैं। विशाल को भाजपा ने यहां से टिकट दिया है। 2024 के उपचुनाव में विशाल यहां से जीत दर्ज कर चुके हैं। विशाल के चाचा और सुनील पांडेय के भाई हुलास पांडेय लोजपा (राम विलास) की टिकट पर ब्रह्मपुर से चुनाव मैदान में हैं। हुलास 2020 में भी यहां से चुनाव लड़ चुके हैं। उस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।  

नवादा में बाहुबली राजबल्लभ की पत्नी मैदान में 

बाहुबली राजबल्लभ यादव की पत्नी विभा देवी नवादा सीट से जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। 2020 के चुनाव में विभा ने राजद के टिकट पर जीत दर्ज की थी। विभा का मुकाबला राजद के कौशल यादव यादव से है। इस सीट पर इन दोनों परिवारों की अदावत काफी पुरानी है।    

रुपौली में भी दो बाहुबलियों का मुकाबला

रुपौली सीट पर बाहुबली शंकर सिंह निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। वहीं, उनके सामने राजद के टिकट पर बीमा भारती चुनाव लड़ रही हैं। बीमा बाहुबली अवधेश मंडल  की पत्नी हैं। अवधेश मंडल और शंकर सिंह के बीच वर्चस्व की जंग काफी पुरानी है। बीमा भारती रुपौली सीट से पांच बार की विधायक रहे चुकी हैं। वहीं, शंकर सिंह भी दो बार यहां से जीत चुके हैं। शंकर सिंह पर हत्या, हत्या का प्रयास जैसे 36 मामले चल रहे हैं। पिछले 25 साल से इन्हीं दोनों का रुपौली में दबदबा रहा है। 

दानापुर से  बाहुबली रीतलाल फिर मैदान में

पटना जिले की दानापुर सीट से बाहुबली रीतलाल यादव फिर से राजद के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं। उनका मुकाबला इस भाजपा के रामकृपाल यादव से है। 2020 में दानापुर सीट से बाहुबली रीतलाल यादव  को जीत मिली थी। रीतलाल पर हत्या, हत्या का प्रयास, जबरन उगाही जैसे 11 मामले चल रहे हैं। 

आनंद मोहन के बेटे सीट और पार्टी दोनों बदलकर मैदान में

आईएएस अधिकारी की हत्या के मामले में सजायाफ्ता बाहुबली आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद भी चुनावी मैदान में हैं। चेतन 2020 में शिवहर विधानसभा सीट से राजद के टिकट पर जीते थे। इस बार चेतन जदयू के टिकट पर नबीनगर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। मौजूदा समय में शिवहर लोकसभा सीट से चेतन की मां लवली आनंद जदयू से सांसद है। 

बाहुबली प्रभुनाथ सिंह के बेटे रणधीर सिंह चुनावी मैदान में

सारण जिले के मांझी सीट जदयू ने प्रभुनाथ सिंह के बेटे रणधीर सिंह को टिकट दिया है।   प्रभुनाथ सिंह सांसद रहे चुके हैं। फिलहाल वह मसरख के तत्कालीन एमएलए अशोक सिंह की हत्याकांड के मामले में सजा काट रहे हैं। 

कुचायकोट से बाहुबली अमरेंद्र पांडेय फिर से मैदान में

गोपालगंज के बाहुबली अमरेंद्र पांडेय एक बार फिर से जदयू के टिकट से चुनावी मैदान में हैं। वह कुचायकोट से तीन बार के विधायक चुने गए हैं। अमरेंद्र  पर हत्या, हत्या का प्रयास, जबरन उगाही जैसे 14 मामले चल रहे हैं। 

मुन्ना शुक्ला की बेटी राजद के टिकट से चुनावी मैदान में 

लालगंज सीट से बाहुबली मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला राजद के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं। उनका मुकाबला भाजपा के संजय कुमार सिंह से है। यहां से मुन्ना शुक्ला तीन बार तो उनकी पत्नी अनु एक बार विधायक चुनी जा चुकी हैेंं। मुन्ना शुक्ला बिहार के पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। 

सीवान के साहेब के बेटे भी चुनावी मैदान में 

राजद ने रघुनाथपुर सीट से ओसामा शहाब को टिकट दिया है। ओसामा शहाब सीवान के चर्चित बाहुबली मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे हैं। ओसामा का मुकाबला जदयू के विकास कुमार सिंह से है। शहाबुद्दीन के बारे में कहा जाता है कि वह सीवान जिले में एक समय में समानांतर सरकार चलता था। दो बार विधायक और चार बार सांसद रहे शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब 2024 के लोकसभा चुनाव में सीवान लोकसभा सीट से निर्दलीय मैदान में उतरी थीं। हालांकि, उन्हें हार का समाना करना पड़ा था। शहाबुद्दीन की 2021 में कोरोना महामारी के दौरान जेल में सजा काटते हुए संक्रमण से मौत हो गई थी।

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