यूपी में विलय के बाद बंद हुए प्राथमिक स्कूलों में बाल वाटिकाएं चलनी शुरू हो गई हैं। 15 अगस्त पर इसकी औपचारिक शुरूआत हो गई है।
प्रदेश में कम नामांकन वाले परिषदीय विद्यालयों के विलय (पेयरिंग) के बाद खाली हुए भवनों में बेसिक शिक्षा विभाग ने बाल वाटिका की विधिवत शुरुआत स्वतंत्रता दिवस पर की। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के साथ मिलकर इनको चलाया जाएगा। खाली हुए स्कूलों में पास की आंगनबाड़ी को भी शिफ्ट किया गया है।
राजधानी में अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार खुद मोहनलालगंज के एक स्कूल पहुंचे। उन्होंने यहां व्यवस्था देखी, आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही बच्चों से बात की, उनको चॉकलेट भी दी। वहीं महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने लखनऊ के बख्शी का तालाब में आदर्श बाल वाटिका विश्रामपुर का शुभारंभ किया। इससे पहले उन्होंने यहां झंडारोहण भी किया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 छोटे और सीमित उपयोग वाले स्कूलों को बड़े व अधिक संसाधन वाले स्कूलों में समेकन पर बल देती है। इसी के दृष्टिगत पेयरिंग हुए विद्यालय में प्री प्राइमरी शिक्षा/ बाल वाटिका का शुभारंभ किया गया। आईसीडीएस के सहयोग से नई बाल वाटिकाएं चलाई जा रही हैं तथा बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा अवसंरचनात्मक व अकादमिक सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।
इसी क्रम में प्रदेश में अन्य स्कूलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों, अधिकारियों ने 15 अगस्त को बाल वाटिका की शुरुआत की। अधिकारियों ने कहा कि अभी यह पहला चरण है। अन्य खाली हुए स्कूलों में भी जल्द ही सभी व्यवस्था कर इसकी शुरुआत की जाएगी।
परिषदीय विद्यालयों की परीक्षा अब 25 से
प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में सोमवार से होने वाली प्रथम सत्रीय परीक्षा अचानक स्थगित कर दी गई है। अब परीक्षा 25 अगस्त से आयोजित की जाएंगी। माना जा रहा है हाल में हुई विलय की प्रक्रिया में संशोधन के कारण यह बदलाव किया गया है।
बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित परिषदीय, मान्यता प्राप्त विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2025-26 में 18 से 23 अगस्त तक प्रथम सत्रीय परीक्षा कराये जाने के दिए गए थे। उन्होंने कहा है कि इसमें संशोधन करते हुए 25 अगस्त से 30 अगस्त तक प्रथम सत्रीय परीक्षा आयोजित कराई जाएगी। परीक्षा के आयोजन के संबंध में शेष दिशा-निर्देश यथावत रहेंगे। वहीं अचानक परीक्षा स्थगित करने को लेकर शिक्षकों में तरह तरह की चर्चाएं हैं।



