इस रिफाइनरी से एलपीजी की आपूर्ति न केवल पंजाब बल्कि हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली एनसीआर, उत्तराखंड, यूपी, जम्मू एवं कश्मीर और मध्यप्रदेश तक की जाती है। आर्सेलर कंपनी के कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मीकांत मित्तल ने बताया कि इस वक्त युद्ध के हालातों के मद्देनजर देश में एलपीजी का संकट बना हुआ है।
पंजाब में एलपीजी किल्लत के हालात बिगड़ते जा रहे हैं। जिलों में रसोई व व्यावसायिक सिलिंडरों के लिए मारामारी का माहौल है। इसी के मद्देनजर बठिंडा स्थित गुरु गोबिंद सिंह रिफाइनरी ने अपना एलपीजी उत्पादन तीन गुना बढ़ा दिया है। इससे एलपीजी उपभोक्ताओं को कुछ राहत जरूर मिलेगी। इस रिफाइनरी में रोजाना 1000 टन एलपीजी का उत्पादन किया जाता है, जिसे अब बढ़ाकर 3000 मीट्रिक टन कर दिया गया है। अब प्रतिदिन करीब 90700 से बढ़कर 2.72 लाख से अधिक एलपीजी सिलिंडर उपलब्ध होंगे।
कुछ हद तक मिल सकेगी राहत
इस रिफाइनरी से एलपीजी की आपूर्ति न केवल पंजाब बल्कि हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली एनसीआर, उत्तराखंड, यूपी, जम्मू एवं कश्मीर और मध्यप्रदेश तक की जाती है। आर्सेलर कंपनी के कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मीकांत मित्तल ने बताया कि इस वक्त युद्ध के हालातों के मद्देनजर देश में एलपीजी का संकट बना हुआ है। इसी को देखते रिफाइनरी ने उत्पादन तीन गुना तक बढ़ा दिया है ताकि उपभोक्ताओं को कुछ हद तक राहत मिल सके।
सीएम मान ने दी चेतावनी
उधर, सीएम भगवंत मान के अनुसार सभी जिलों के जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि तेल कंपनियों के संपर्क में रहें और एलपीजी की कमी पूरी करवाएं। कालाबाजारी व जमाखोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सरकार रख रही स्थिति पर नजर : कटारूचक
पंजाब सरकार जिलों में एलपीजी की आपूर्ति संबंधी हालातों पर नजर बनाए हुए है। मुख्यमंत्री ने इस बाबत खाद्य आपूर्ति एवं नागरिक मामलों मंत्री लालचंद कटारूचक से स्टे्टस रिपोर्ट ली है। उधर, खाद्य आपूर्ति मंत्री लालचंद कटारूचक कहते हैं कि तेल कंपनियों के अफसरों से विभाग के अफसर समन्वय बनाए हुए हैं। उन पर यह दबाव बनाया जा रहा है कि उपभोक्ताओं को सिलिंडर की आपूर्ति व बुकिंग के लिए केंद्र की ओर से जो समय सीमा तय की गई, उनके अनुरूप उन्हें एलपीजी उपलब्ध करवाई जाए। दूसरा, केंद्र सरकार से भी आग्रह किया गया है कि बिगड़ते हालातों के मद्देनजर उपभोक्ताओं को राहत देने लिए उचित इंतजाम किए जाएं और इस संकट से देशवासियों के साथ-साथ पंजाबियों को भी उभारा जाए। मंत्री कटारूचक ने बताया कि सभी जिलों के डीसी और डीएफएससी कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखे हुए हैं, जो भी कालाबाजारी करता पाया गया, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।



