डॉक्टर ने खोला मुठभेड़ का सच: ‘मुल्जिम को 20 गोली मारकर लाते हैं, लिखवाते हैं बस एक’

डॉक्टर ने खोला मुठभेड़ का सच: ‘मुल्जिम को 20 गोली मारकर लाते हैं, लिखवाते हैं बस एक’

चिकित्साधीक्षक डॉ. दीपक कुमार के कैंप कार्यालय से साढ़े पांच लाख रुपये की चोरी का 10 दिन बाद भी खुलासा नहीं हुआ। इससे आक्रोशित स्वास्थ्यकर्मियों ने शहर कोतवाली में धरना दिया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामली के चिकित्साधीक्षक डॉ. दीपक कुमार के कैंप कार्यालय से साढ़े पांच लाख रुपये की चोरी का खुलासा न होने पर चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों ने हड़ताल की। सभी लोग शहर कोतवाली में धरने पर बैठ गए। चिकित्सक ने गंभीर आरोप लगाते पुलिस के रवैये पर रोष व्यक्त किया। 

Doctor reveals the truth about encounters: 'They bring in the accused with 20 bullets
कोतवाली में धरना देते स्वास्थ्यकर्मी। 

सीओ सिटी अमरदीप मौर्य ने घटना के खुलासे के लिए सात दिन का समय मांगा। एक घंटे बाद धरना खत्म हुआ। उधर, हड़ताल के चलते ओपीडी 11 से 12 बजे तक बंद रहने से मरीज परेशान रहे। ज्यादातर मरीज बिना इलाज के लौट गए, जबकि कुछ मरीज चिकित्सकों का इंतजार करते रहे। धरना खत्म होने के बाद ओपीडी में मरीजों को उपचार दिया गया।

Doctor reveals the truth about encounters: 'They bring in the accused with 20 bullets

डॉ. दीपक कुमार भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के दामाद हैं। बुधवार सुबह 11 बजे डॉ. दीपक अपनी पत्नी के साथ शहर कोतवाली पहुंचे। उनके साथ सीएचसी के सभी चिकित्सक और स्टाफ भी कोतवाली पहुंचा और धरने पर बैठ गए। 

डॉ. दीपक ने कहा कि पुलिस 10 दिन बाद भी घटना का खुलासा नहीं कर पाई और उन्हें झूठे आश्वासन देकर गुमराह कर रही है। आरोप लगाया कि पुलिस ने इस मामले में जिन युवकों को पकड़ा था, उनसे साठगांठ कर छोड़ दिया। चिकित्सक ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप भी लगाते हुए कहा कि इस मामले में पुलिस का रवैया ठीक नहीं है। उनके साथ पुलिस का व्यवहार सही नहीं है। 

उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक घटना का खुलासा नहीं होता और चोर पकड़े नहीं जाते, तब तक वे यहां से नहीं जाएंगे। इसकी जानकारी मिलने पर भाकियू नेता कुलदीप पंवार, कपिल खाटियान, अनिल मलिक व शांता कुमार आदि कोतवाली पहुंचे। उन्होंने इस घटना में पुलिस की कार्यशैली पर रोष व्यक्त किया। 

करीब एक घंटे बाद सीओ सिटी अमरदीप मौर्य ने चिकित्सक से बात की और घटना के खुलासे के लिए सात दिन का समय मांगा। सीओ के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ। इसके बाद चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों ने ओपीडी में पहुंचकर उपचार किया।

मरीज देखते रह गए और चिकित्सक-स्टाफ उठकर चला गया
शामली। सीएचसी शामली में सुबह से ही मरीजों की भीड़ लगी थी। अचानक 11 बजे चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी मरीजों को छोड़कर चले गए। न दवा देने वाला कोई था और न ही मरीजों की जांच करने वाला। जांच कराने आई गर्भवती महिलाएं भी परेशान रहीं। एक्सरे कक्ष पर ताला लटका होने से मरीज मायूस दिखाई दिए। चिकित्सक व स्टाफ के न होने से ज्यादातर मरीज चले गए, जिससे ओपीडी गैलरी खाली पड़ी रही। कुछ मरीज चिकित्सकों के इंतजार में बैठे हुए मिले।

यह है मामला
सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. दीपक कुमार 10 दिन पहले 19 अक्तूबर की शाम को दीपावली पर परिवार समेत अपने गांव टांडा माजरा गए थे। दो दिन बाद 21 अक्तूबर की सुबह पहुंचे तो कैंप कार्यालय में रखी अलमारी टूटी हुई मिली थी और लॉकर में रखे साढ़े पांच लाख रुपये गायब मिले। 

डॉक्टर ने खोला मुठभेड़ का सच, वीडियो वायरल
डॉ. दीपक कुमार कोतवाली में धरने के दौरान इतने आक्रोशित हुए कि उन्होंने मुठभेड़ का सच बोल दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस अपने आप मुलजिम को 20 गोली मारकर लाती है। सीओ, एसपी खुद खड़े होकर जबरदस्ती एक गोली लिखवाते हैं। उन्होंने पुलिस को चुनौती देते हुए कहा कि खोलेंगे इनके पर्चे। हम खोलेंगे इनके चिट्ठे। मानवाधिकार से इसकी जांच कराएं। कितनी गोली मारकर लाते हैं, कितनी लिखवाते हैं। 

उन्होंने यहां तक कहा कि जेबकतरे को गोली मार देंगे और जो असली हत्यारा है उसे छोड़ देंगे। कानून के रक्षक ये ही हैं क्या, ये सबसे बड़े डकैत बैठे हैं। छह लाख वाले को बिरयानी खिलाते हैं और छोड़ देते हैं। डाक्टर के बयान से पुलिस में हड़कंप मच गया। किसी तरह डॉक्टर को समझाकर शांत किया। डाक्टर का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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