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	<title>Education &#8211; RNSNS News</title>
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		<title>NCERT की किताबों में इस बार हुए कौन से बदलाव, बीते तीन साल में कौन से परिवर्तन बने बवाल की वजह?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Jun 2026 05:28:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Education]]></category>
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					<description><![CDATA[NCERT की नई कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की किताब में आपातकाल, वेद, चुनाव आयोग और मनुस्मृति से जुड़े नए विषय शामिल किए गए हैं, जिन पर बहस छिड़ गई है। पिछले तीन वर्षों में भी इतिहास, राजनीति और संस्कृति से जुड़े कई संशोधन चर्चा और विरोध का कारण बने हैं। आइए विस्तार से जानते [&#8230;]]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">NCERT की नई कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की किताब में आपातकाल, वेद, चुनाव आयोग और मनुस्मृति से जुड़े नए विषय शामिल किए गए हैं, जिन पर बहस छिड़ गई है। पिछले तीन वर्षों में भी इतिहास, राजनीति और संस्कृति से जुड़े कई संशोधन चर्चा और विरोध का कारण बने हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद &nbsp;यानी एनसीईआरटी ने कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान की किताब गुरुवार को जारी की। नई किताब में कई नई चीजें जोड़ी गई हैं। इनमें आपातकाल, चुनाव आयोग और भारतीय ज्ञान परंपरा जैसे विषयों को शामिल किया गया। इसके साथ ही मनुस्मृति के एक श्लोक का भी इसमें उल्लेख किया गया है।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><em>बीते कुछ वर्षों से एनसीईआरटी द्वारा पाठ्यपुस्तकों में होने वाले बदलाव किसी न किसी विवाद की वजह बनते रहे हैं। ऐसे में इस बार एनसीईआरटी ने कक्षा नौवीं की किताब में क्या बदलवा किया? इन बदलावों को लेकर किस तरह की प्रतिक्रिया आ रही है? पिछले तीन वर्षों में कब-कब और क्या-क्या बदलाव किए गए, जिन पर बवाल हुआ? इन पर एनसीईआरटी की ओर से क्या कहा गया? क्या बवाल के बाद कभी कोई बदलाव भी हुए? आइये इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं&#8230;</em></p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>इस बार एनसीईआरटी ने क्या बदलवा किया है?&nbsp;</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">एनसीईआरटी ने 2026-27 सत्र के लिए कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की किताब गुरुवार को जारी की। पुस्तक ‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड पार्ट-1’ में कई नई चीजें शामिल की गई हैं।&nbsp;</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>किताब में आपतकाल का एक अलग खंड शामिल किया गया है।  </li>



<li>भारतीय ज्ञान परंपरा के बारे में कक्षा नौ के छात्र पढ़ेंगे। इसमें उन्हें वेदों के बारे में जानकारी दी जाएगी। </li>



<li>चुनाव आयोग और एसआईआर के बारे में भी इस किताब में बताया गया है। </li>



<li>किताब में महिला सशक्तिकरण का भी खंड जोड़ा गया है। इसमें मनुस्मृति के श्लोक के जरिए महिलाओं की स्थिति के बारे में बताया गया है। </li>
</ul>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>इन मसलों पर किताब में क्या लिखा है?</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">ऊपर बताए गए चारों बिंदुओं पर किताब में क्या लिखा गया है। आइए बारी-बारी से जानते हैं&#8230;</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>आपातकाल&nbsp;</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">1975-77 के बीच देश में लगे आपातकाल पर किताब में एक अलग खंड है। किताब में आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के सामने आई सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया गया है। इसमें लिखा गया है कि बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और सरकार के खिलाफ असंतोष के बीच जून 1975 में आंतरिक अशांति के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल लागू किया गया था। इस दौरान अधिकांश मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई और कई राजनीतिक नेताओं व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। पुस्तक में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आंदोलन और बिहार-गुजरात में हुए जन आंदोलनों का भी उल्लेख है। साथ ही बताया गया है कि 1977 में इमरजेंसी समाप्त होने के बाद हुए आम चुनाव में जनता ने मतदान के जरिए सत्ता परिवर्तन किया, जिसे भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का उदाहरण बताया गया है।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">हालांकि, ये पहली बार नहीं है जब एनसीईआरटी की किताब में आपातकाल को शामिल किया गया है। 2007 में पहली बार सीबीएसई के पाठ्यक्रम में इसे शामिल किया गया था। तब यह विषय कक्षा 12वीं की किताब में जोड़ा गया था। उस वक्त कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार थी।</p>



<h3 class="wp-block-heading" id="title-2"><strong>वेद और महिलाओं के बारे में&nbsp;</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp;इसमें छात्र भारतीय ज्ञान परंपरा के सबसे प्राचीन ग्रंथ ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद व अथर्ववेद के बारे में पढ़ेंगे। इस अध्याय में बताया गया है कि वैदिक काल में महिलाओं की समाज में बहुत उच्च दर्जा और इज्जत थी। महिलाएं विद्वतापूर्ण शिक्षा में शामिल होती थीं, कुछ खास मौकों पर पुरुषों के साथ मिलकर धार्मिक अनुष्ठान करती थीं और सार्वजनिक सभाओं में भाग लेती थीं। साथ ही, ऋग्वेद के कई भजन पारंपरिक रूप से महिला ऋषियों जैसे अपाला, विश्ववारा, घोषा और लोपामुद्रा से जुड़े माने जाते हैं। महिलाओं के सम्मान की परंपरा वैदिक काल के बाद रचे गए ग्रंथों में भी दिखाई देती है। उदाहरण के लिए, मनुस्मृति में इसका उल्लेख है। इसके बाद मनुस्मृति के एक श्लोक का जिक्र किया गया है, जिसमें कहा गया है कि जहां महिलाओं का सम्मान होता है, वहां देवता प्रसन्न रहते हैं। हालांकि, पुस्तक यह भी स्पष्ट करती है कि समय के साथ सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण महिलाओं की स्थिति में उतार-चढ़ाव आया और कई मामलों में उनका दर्जा कमजोर हुआ।</p>



<p class="wp-block-paragraph" id="title-2"><strong>चुनाव आयोग और एसआईआर&nbsp;</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph" id="title-2">सामाजिक विज्ञान की पुस्तक भारत की चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका पर विस्तृत सामग्री जोड़ी है, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईरआर) के बारे में भी बताया गया है। पुस्तक में कहा गया है कि भारत में चुनाव दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक अभ्यासों में से एक हैं और गलत सूचना, फेक न्यूज, पैसे के प्रभाव व अन्य चुनौतियों के बावजूद चुनाव आयोग निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने में सफल रहा है। इसमें आयोग की स्वतंत्रता, मतदाता सूची तैयार करने, आदर्श आचार संहिता लागू कराने, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) के उपयोग व स्वतंत्र एवं शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने की भूमिका को विस्तार से समझाया गया है।</p>
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		<title>सीबीएसई :12वीं में चार लाख से अधिक छात्रों ने दिए पुनर्मूल्यांकन आवेदन; 11+ लाख स्कैन उत्तर पुस्तिकाएं मांगी गईं</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 May 2026 04:41:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Education]]></category>
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					<description><![CDATA[सीबीएसई के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में पुनर्मूल्यांकन के आवेदन मिले हैं। जिसमें, 12वीं में चार लाख से अधिक विद्यार्थियों के पुनर्मूल्यांकन आवेदन दिए हैं, वहीं 11 लाख से अधिक स्कैन उत्तर पुस्तिकाएं भी मांगी गईं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं की परीक्षा में ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) के चलते [&#8230;]]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">सीबीएसई के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में पुनर्मूल्यांकन के आवेदन मिले हैं। जिसमें, 12वीं में चार लाख से अधिक विद्यार्थियों के पुनर्मूल्यांकन आवेदन दिए हैं, वहीं 11 लाख से अधिक स्कैन उत्तर पुस्तिकाएं भी मांगी गईं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं की परीक्षा में ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) के चलते पुनर्मूल्यांकन के लिए रिकॉर्ड चार लाख से ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं। सीबीएसई के इतिहास में पहली बार किसी परीक्षा में इतनी बड़ी संख्या में पुनर्मूल्यांकन के आवेदन आए हैं।<br><br><strong>हजारों विद्यार्थियों को नहीं मिली आंसर-शीट</strong><br>मंगलवार को शाम साढ़े चार बजे तक 4,04,319 विद्यार्थी आवेदन कर चुके थे, जबकि गिनती अभी जारी है। वहीं, हजारों विद्यार्थियों को आंसर-शीट मिल ही नहीं पाई, इस कारण वे फिर से मूल्यांकन के लिए आवेदन नहीं कर पाए हैं। खास बात यह है कि 11,31,961 स्कैन उत्तर पुस्तिकाएं मांगी गई हैं। इसमें से अभी तक 8,98,214 उत्तर पुस्तिकाएं दी जा चुकी हैं। अधिकारी भी मानते हैं कि 12वीं के नतीजे आने के 14 दिन बीतने के बाद अभी तक विद्यार्थी परेशान हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>पोर्टल दोबारा खोलने पर हो सकता विचार<br></strong>विद्यार्थियों की दिक्कतों को देखते हुए सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन के लिए विंडो फिर खोलने पर विचार कर सकता है। यदि विंडो खुलती है, तो चार लाख का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है। उत्तर पुस्तिका की प्रति नहीं मिलने से आवेदन से वंचित रह गए विद्यार्थियों का कहना है कि जब तक स्कैन कॉपी नहीं मिलेगी, तब तक कैसे पता चलेगा कि उन्हें कम नंबर क्यों मिले हैं?</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>स्कैन कॉपी बेहद धुंधली- शिक्षक<br></strong>एक शिक्षक ने सोशल मीडिया पर गणित की कॉपी दिखाते हुए कहा, स्कैन कॉपी बेहद ही धुंधली है। ऐसी कॉपी को किसी शिक्षक ने कैसे पढ़ा होगा क्योंकि पढ़ने के बाद ही नंबर दिए होंगे। यही कारण है कि जिन विद्यार्थियों को उत्तर पुस्तिका मिली है, वे सही कह रहे हैं कि उनकी कॉपी ठीक से चेक नहीं हुई है। बोर्ड कॉपियां ठीक से स्कैन ही नहीं कर पाया, इसलिए कॉपियां ठीक जांची नहीं गईं और बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है।<br>सीबीएसई, 4 लाख से अधिक छात्र, पुनर्मूल्यांकन, सीबीएसई कक्षा 12, स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं, सीबीएसई कक्षा 12 परिणाम 2026, सीबीएसई पंक्ति</p>
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		<title>नीट-यूजी 2026: फीस रिफंड के लिए एनटीए ने खोला पोर्टल, 27 मई तक छात्र भरें बैंक डिटेल; 21 जून को पुनर्परीक्षा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 23 May 2026 03:52:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Education]]></category>
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					<description><![CDATA[राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने नीट-यूजी 2026 उम्मीदवारों के लिए फीस रिफंड प्रक्रिया शुरू कर दी है। छात्र 27 मई तक बैंक खाते की जानकारी जमा कर सकते हैं। 3 मई की परीक्षा अनियमितताओं के आरोपों के बाद रद्द हुई थी। अब पुनर्परीक्षा 21 जून को होगा और इसके लिए कोई नया शुल्क नहीं लिया जाएगा। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने नीट-यूजी 2026 उम्मीदवारों के लिए फीस रिफंड प्रक्रिया शुरू कर दी है। छात्र 27 मई तक बैंक खाते की जानकारी जमा कर सकते हैं। 3 मई की परीक्षा अनियमितताओं के आरोपों के बाद रद्द हुई थी। अब पुनर्परीक्षा 21 जून को होगा और इसके लिए कोई नया शुल्क नहीं लिया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा शुल्क वापसी के लिए उम्मीदवारों को बड़ी राहत दी है। एजेंसी ने शुक्रवार को एक विशेष ऑनलाइन सुविधा शुरू की, जिसके जरिए छात्र अपने बैंक खाते की जानकारी जमा कर सकते हैं। यह सुविधा 27 मई 2026 रात 11:50 बजे तक उपलब्ध रहेगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>फीस वापसी के लिए NTA ने जारी किया नोटिस</strong><br>एनटीए ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर कहा कि नीट-यूजी 2026 के उम्मीदवार आधिकारिक रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर लॉगिन करके &#8216;फीस रिफंड&#8217; लिंक के जरिए अपनी बैंक डिटेल भर सकते हैं। छात्रों को अकाउंट होल्डर का नाम, बैंक का नाम, अकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड जैसी जानकारी देनी होगी। इसके अलावा, सही जानकारी सुनिश्चित करने के लिए छात्र चाहें तो कैंसिल चेक की स्कैन कॉपी भी अपलोड कर सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>सावधानी से भरें बैंक डिटेल, दोबारा नहीं सकेगा बदलाव</strong><br>एजेंसी ने साफ कहा है कि एक बार जमा की गई बैंक डिटेल अंतिम मानी जाएगी और बाद में उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। साथ ही एनटीए ने छात्रों को सलाह दी है कि वे नीट-यूजी 2026 परीक्षा शुल्क के लिए किसी तरह का चार्जबैक रिक्वेस्ट न करें।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>21 जून&nbsp;को कराई जाएगी&nbsp;नीट-यूजी की पुनर्परीक्षा</strong><br>दरअसल, 3 मई को आयोजित होने से पहले नीट-यूजी 2026 परीक्षा को परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की थी कि नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा 21 जून 2026 को कराई जाएगी।&nbsp;एनटीए पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि पुनर्परीक्षा के लिए छात्रों से कोई नया परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही पहले जमा की गई फीस भी उम्मीदवारों को वापस की जाएगी।</p>
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		<title>UPSESSB TGT Exam: 319 केद्रों पर यूपी टीजीटी परीक्षा आज से, एआई निगरानी और सख्त सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 09 May 2026 03:53:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Education]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रवक्ता संवर्ग के लिए यूपी माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की टीजीटी परीक्षा 2026, 9 और 10 मई को 17 जिलों के 319 केंद्रों पर होगी। परीक्षा में एआई निगरानी, सख्त सुरक्षा और ओएमआर स्कैनिंग का विशेष इंतजाम किया गया है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड (UPSESSB) ने टीजीटी परीक्षा 2026 को लेकर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">प्रवक्ता संवर्ग के लिए यूपी माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की टीजीटी परीक्षा 2026, 9 और 10 मई को 17 जिलों के 319 केंद्रों पर होगी। परीक्षा में एआई निगरानी, सख्त सुरक्षा और ओएमआर स्कैनिंग का विशेष इंतजाम किया गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड (UPSESSB) ने टीजीटी परीक्षा 2026 को लेकर महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। आयोग के अनुसार, विज्ञापन संख्या 02/2022 प्रवक्ता संवर्ग के अंतर्गत कुल 18 विषयों के लिए लिखित परीक्षा 9 और 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में कराई जाएगी और इसके लिए राज्यभर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>624 पदों के लिए होगी परीक्षा</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">आयोग ने बताया कि इस भर्ती अभियान के तहत कुल 624 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। परीक्षा में शामिल होने के लिए कुल 4,64,605 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। यह परीक्षा उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में बनाए गए 319 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>किस दिन कौन-सी परीक्षा होगी?</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">9 मई 2026 को पहली पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास और शिक्षाशास्त्र विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। वहीं दूसरी पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा होगी।<br>इसके बाद 10 मई 2026 को पहली पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत और सामान्य विज्ञान विषयों की परीक्षा होगी। दूसरी पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिंदी और कला विषयों की परीक्षा कराई जाएगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading" id="title-3"></h3>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>एआई तकनीक से होगी निगरानी</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए एआई आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। सभी परीक्षा केंद्रों पर आधुनिक एआई&nbsp;कैमरे लगाए गए हैं, जिन्हें Integrated Control Command Room से जोड़ा गया है। आयोग स्तर पर प्रत्येक जिले के लिए अलग-अलग प्रेक्षक भी नियुक्त किए गए हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading" id="title-4"></h3>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>परीक्षा केंद्रों पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने कहा है कि परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।<br><br>मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। आयोग ने एआई तकनीक की मदद से ऐसे अभ्यर्थियों की भी पहचान की है, जिन्होंने अलग-अलग नाम या फोटो का उपयोग कर एक से अधिक आवेदन किए हैं। ऐसे मामलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।<br><br></p>



<figure class="wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<div class="embed-twitter"><blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="zxx" dir="ltr"><a href="https://t.co/NEyTc4gDt2">pic.twitter.com/NEyTc4gDt2</a></p>&mdash; UPESSC (@upesscprayagraj) <a href="https://twitter.com/upesscprayagraj/status/2052711080003244312?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">May 8, 2026</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></div>
</div></figure>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>ओएमआर शीट स्कैनिंग का पायलट प्रोजेक्ट</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">आयोग इस बार परीक्षा में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू कर रहा है। इसके तहत लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद अभ्यर्थियों की मौजूदगी में ओएमआर शीट की स्कैनिंग की जाएगी। इसके बाद ओएमआर शीट को सुरक्षित तरीके से आयोग कार्यालय भेजा जाएगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading" id="title-6"></h3>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>अभ्यर्थियों को दी गई जरूरी सलाह</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">आयोग ने सभी उम्मीदवारों से समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने और प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अभ्यर्थियों को किसी भी अफवाह या गलत जानकारी से बचने और केवल आधिकारिक वेबसाइट व आयोग के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ही अपडेट लेने की सलाह दी गई है।</p>
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		<title>यूपीएससी प्रीलिम्स पास करने पर 50,000 और मेंस पर मिलेंगे एक लाख रुपये; इस राज्य सरकार की नई योजना</title>
		<link>https://rnsnsnews.com/upsc-prelims-pass-gets-50000-mains-1lakh-new-state-scheme-announced/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Apr 2026 04:33:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Education]]></category>
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					<description><![CDATA[सीएम-इंस्पायर योजना के तहत यूपीएससी प्रीलिम्स पास करने पर 50,000 रुपये और मेंस पास करने पर 1 लाख रुपये की सहायता मिलेगी। इसका उद्देश्य युवाओं की सिविल सेवाओं में भागीदारी बढ़ाना और आर्थिक मदद देना है। मेघालय सरकार ने सिविल सेवा की तैयारी कर रहे युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए नई योजना ‘सीएम-इंस्पायर’ शुरू [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">सीएम-इंस्पायर योजना के तहत यूपीएससी प्रीलिम्स पास करने पर 50,000 रुपये और मेंस पास करने पर 1 लाख रुपये की सहायता मिलेगी। इसका उद्देश्य युवाओं की सिविल सेवाओं में भागीदारी बढ़ाना और आर्थिक मदद देना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मेघालय सरकार ने सिविल सेवा की तैयारी कर रहे युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए नई योजना ‘सीएम-इंस्पायर’ शुरू की है। इस योजना के तहत यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) पास करने वाले उम्मीदवारों को 50,000 रुपये और मुख्य परीक्षा (Mains) पास करने वालों को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने इस योजना की घोषणा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य राज्य के युवाओं की सिविल सेवाओं में घटती भागीदारी को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मेघालय के युवाओं की सिविल सेवाओं में उपस्थिति कम हुई है, जिसे सुधारने के लिए यह कदम उठाया गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>योजना का उद्देश्य</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">सरकार का लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली उम्मीदवारों को सहयोग देना है, ताकि वे वित्तीय बाधाओं के कारण अपनी तैयारी बीच में न छोड़ें। इस योजना से छात्रों को अपनी तैयारी पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading" id="title-2"></h3>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>मुख्यमंत्री का संदेश</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है और उन्हें अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने उम्मीदवारों को आत्मविश्वास बनाए रखने और निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।</p>



<h3 class="wp-block-heading" id="title-3"></h3>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>कैसे मिलेगा लाभ?</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र उम्मीदवारों को मेघालय एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (MATI) के पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>QS Rankings 2026: विश्व स्तर पर भारत का दबदबा; आईआईटी, जेएनयू समेत चार यूनिवर्सिटी ने टॉप 50 में बनाई जगह</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Mar 2026 04:15:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Education]]></category>
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					<description><![CDATA[क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 के अनुसार, चार भारतीय विश्वविद्यालयों ने दुनिया के टॉप 50 में स्थान बनाया है। इनमें आईआईटी और जेएनयू समेत चार भारतीय विश्वविद्यालय शामिल हैं। बुधवार को जारी QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में भारत के चार प्रमुख विश्वविद्यालयों ने दुनिया के शीर्ष 50 में जगह बनाई है। इसमें आईआईटी और [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 के अनुसार, चार भारतीय विश्वविद्यालयों ने दुनिया के टॉप 50 में स्थान बनाया है। इनमें आईआईटी और जेएनयू समेत चार भारतीय विश्वविद्यालय शामिल हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बुधवार को जारी QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में भारत के चार प्रमुख विश्वविद्यालयों ने दुनिया के शीर्ष 50 में जगह बनाई है। इसमें आईआईटी और जेएनयू के साथ आईआईएम अहमदाबाद भी शामिल है, जिसे मार्केटिंग, बिजनेस और मैनेजमेंट स्टडीज में वैश्विक स्तर पर टॉप 50 में स्थान मिला है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">वहीं, इंडियन स्कूल ऑफ माइंस (ISM) यूनिवर्सिटी, धनबाद को मिनरल और माइनिंग इंजीनियरिंग स्टडीज में विश्व स्तर पर 21वां स्थान हासिल हुआ है। यह रैंकिंग भारत की तकनीकी और मैनेजमेंट शिक्षा में बढ़ती वैश्विक पहचान को दर्शाती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">विश्वविद्यालय रैंकिंग के लिए प्रसिद्ध लंदन स्थित क्यूएस क्वाक्वेरेली साइमंड्स ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग बाय सब्जेक्ट का 16वां वार्षिक संस्करण प्रकाशित किया है। यह रैंकिंग 100 से अधिक देशों के 1,900 विश्वविद्यालयों में 21,000 से अधिक शैक्षणिक कार्यक्रमों का मूल्यांकन करती है, जिसमें 55 विषय और पांच व्यापक संकाय क्षेत्र शामिल हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading" id="title-1"></h3>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 : भारत के विश्वविद्यालयों ने ग्लोबल रैंकिंग में बनाई पहचान</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 के अनुसार, भारत ने विभिन्न विषयों और संकाय क्षेत्रों में शीर्ष 50 में कुल 27 स्थान हासिल किए हैं। यह पिछले साल 2024 में मिले 12 स्थानों से दोगुने से भी अधिक है और ये स्थान 12 अलग-अलग संस्थानों ने प्राप्त किए हैं।<br><br>मुख्य संस्थानों में इंडियन स्कूल ऑफ माइंस (ISM) यूनिवर्सिटी, धनबाद शामिल है, जिसे खनिज और खनन इंजीनियरिंग में वैश्विक स्तर पर 21वां स्थान मिला है। वहीं, आईआईएम अहमदाबाद को व्यवसाय एवं प्रबंधन अध्ययन और विपणन दोनों में 21वां स्थान प्राप्त हुआ है। विशेष रूप से विपणन के क्षेत्र में यह भारत का पहला स्थान है, क्योंकि इससे पहले भारत कभी भी विपणन की वैश्विक रैंकिंग में शामिल नहीं हुआ था।<br><br>इसके अलावा, शीर्ष 50 में आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी मद्रास और&nbsp;जेएनयू&nbsp;भी शामिल हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading" id="title-2"></h3>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 : शीर्ष 50 में छह विषयों में जगह</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">क्यूएस क्वाक्वेरेली साइमंड्स की सीईओ जेसिका टर्नर ने कहा, &#8220;इस वर्ष भारत का उदय केवल आकार के बारे में नहीं है: यह गुणवत्ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में गति के बारे में है। इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और व्यवसाय में व्यापक सुधार एक ऐसी प्रणाली का संकेत देता है जो उद्देश्यपूर्ण ढंग से गति पकड़ रही है। अगला चरण इस बात से निर्धारित होगा कि संस्थान कितनी प्रभावी ढंग से अनुसंधान क्षमता को बढ़ाते हैं, वैश्विक साझेदारी का निर्माण करते हैं और विश्व मंच पर अपनी विशिष्टता को और निखारते हैं।&#8221; &nbsp;<br><br>आईआईटी दिल्ली ने इस संस्करण में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इसने छह विषयों में शीर्ष 50 में स्थान प्राप्त किया है, चार विषयों में भारत का नेतृत्व किया है &#8211; केमिकल इंजीनियरिंग (48वां स्थान, पहली बार शीर्ष 50 में), इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग (36वां), मैकेनिकल, एयरोनॉटिकल और मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग (44वां स्थान, एक दशक से अधिक समय में सर्वश्रेष्ठ), और इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी व्यापक क्षेत्र (36वां) &#8211; और कंप्यूटर विज्ञान में 45वें स्थान के साथ दूसरे स्थान पर है।</p>
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		<title>NEET UG 2026: नीट यूजी के लिए आवेदन करने का एक और मौका, 11 मार्च तक बढ़ाई गई अंतिम तिथि</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 11 Mar 2026 05:25:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Education]]></category>
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					<description><![CDATA[एनटीए ने नीट यूजी 2026 के लिए पंजीकरण करने की समय सीमा बढ़ा दी है। इच्छुक उम्मीदवार अब 11 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की जाएगी।   राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा &#8211; स्नातक (NEET UG 2026) के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">एनटीए ने नीट यूजी 2026 के लिए पंजीकरण करने की समय सीमा बढ़ा दी है। इच्छुक उम्मीदवार अब 11 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की जाएगी।  </p>



<p class="wp-block-paragraph">राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा &#8211; स्नातक (NEET UG 2026) के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब पात्र उम्मीदवार 11 मार्च 2026 रात 9 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। जो अभ्यर्थी एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">नीट यूजी 2026 की परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा ऑफलाइन यानी पेन-एंड-पेपर मोड में देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के माध्यम से देशभर के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एमबीबीएस और बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS) पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading" id="title-1"></h3>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">नीट यूजी 2026 के आवेदन फॉर्म को भरते समय उम्मीदवारों को कुछ जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इनमें कक्षा 10वीं और 12वीं के प्रमाणपत्र, वैध फोटो पहचान पत्र, श्रेणी या PwBD प्रमाणपत्र (यदि लागू हो), पता संबंधी जानकारी, स्कैन की गई फोटो और हस्ताक्षर शामिल हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading" id="title-2"></h3>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>आवेदन शुल्क</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">नीट यूजी 2026 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा। सामान्य और एनआरआई श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 1700 रुपये रखा गया है। वहीं जनरल-ईडब्ल्यूएस और ओबीसी-एनसीएल श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए शुल्क 1600 रुपये है। एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी और थर्ड जेंडर श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 1000 रुपये निर्धारित किया गया है। जबकि भारत के बाहर स्थित परीक्षा केंद्रों के लिए आवेदन शुल्क 9500 रुपये रखा गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading" id="title-3"></h3>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>ऐसे भरें आवेदन फॉर्म</strong></h3>



<ul class="wp-block-list">
<li>सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं।</li>



<li>होमपेज पर NEET UG 2026 Registration लिंक पर क्लिक करें।</li>



<li>अपनी बुनियादी जानकारी दर्ज करके यूजर आईडी और पासवर्ड बनाएं।</li>



<li>इसके बाद लॉग इन करके NEET UG 2026 आवेदन फॉर्म भरें।</li>



<li>मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।</li>



<li>निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान करें।</li>



<li>फॉर्म को सबमिट करें।</li>



<li>अंत में कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें और उसका प्रिंट आउट भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें।</li>
</ul>
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		<title>विदेश से MBBS करने वालों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई मान्य नहीं, NMC ने सभी राज्यों के लिए जारी किया आदेश</title>
		<link>https://rnsnsnews.com/online-study-not-valid-for-foreign-mbbs-graduates-nmc-issues-order-to-all-states/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 06:38:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Education]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने सभी राज्यों को जारी आदेश में कहा है कि चिकित्सा शिक्षा के दौरान की गई सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई को मान्यता नहीं दी जा सकती। विदेश से एमबीबीएस करने वाले भारतीय छात्रों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई को मान्यता नहीं मिलेगी। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने सभी राज्यों को जारी आदेश में कहा है कि चिकित्सा शिक्षा के दौरान की गई सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई को मान्यता नहीं दी जा सकती।<br><br>विदेश से एमबीबीएस करने वाले भारतीय छात्रों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई को मान्यता नहीं मिलेगी। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने सभी राज्यों को जारी आदेश में कहा है कि चिकित्सा शिक्षा के दौरान की गई सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई को मान्यता नहीं दी जा सकती।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यदि किसी छात्र ने अपनी पढ़ाई का कुछ हिस्सा ऑनलाइन माध्यम से किया है तो उसे उस अवधि की फिजिकल यानी ऑफलाइन प्रशिक्षण से भरपाई करनी होगी। राज्यों के स्वास्थ्य सचिव, मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा शिक्षा सचिवों को दिए आदेश में आयोग के सचिव डॉ. राघव लैंगर ने कहा है कि चिकित्सा शिक्षा में क्लिनिकल अनुभव और प्रैक्टिकल प्रशिक्षण अनिवार्य है, जिसे केवल ऑनलाइन माध्यम से पूरा नहीं माना जा सकता।<br><br>ऐसे में जिन विदेशी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई के दौरान ऑनलाइन कक्षाएं हुई थी, वहां छात्रों को उस अवधि के बराबर ऑफ लाइन क्लास और क्लिनिकल ट्रेनिंग करनी होगी। अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज ने नए आदेश का हवाला देते हुए कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई की भरपाई बिना पढ़ाई की अवधि बढ़ाए नहीं की जा सकती। यानी किसी भी शैक्षणिक वर्ष को कम समय में पूरा कर देने को स्वीकार नहीं किया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>उत्तर प्रदेश के छात्रों की संख्या भी खूब</strong><br>जेएन मेडिकल कॉलेज के एक वरिष्ठ संकाय सदस्य ने बताया कि &nbsp;पूरे प्रदेश से काफी संख्या में छात्र विदेशों से एमबीबीएस करने जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश विदेशी मेडिकल स्नातकों के लिए भारत में सबसे अधिक सीआरएमआई सीटें प्रदान करता है, जिसमें 4,490 सीटें उपलब्ध हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">हालांकि उत्तर प्रदेश में कुल मिलाकर लगभग नौ हजार से अधिक एमबीबीएस सीटें हैं। डिग्री के बाद उन्हें वापस भारत आकर प्रैक्टिस करने के लिए परीक्षा देना अनिवार्य है। भारत में में प्रैक्टिस करने के लिए निर्धारित शर्तें भी पूरी करना जरूरी हैं। छात्रों को स्क्रीनिंग टेस्ट या एफएमजी परीक्षा पास करनी होगी और फिर एक वर्ष की अनिवार्य रोटेटरी इंटर्नशिप पूरी करना अनिवार्य है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
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		<title>10वीं-12वीं की परीक्षाएं आज से शुरू, विषय से हटकर लिखने पर रिजल्ट होगा रद्द; समझ लें नियम</title>
		<link>https://rnsnsnews.com/10th-12th-board-exams-start-today-result-will-be-cancelled-for-writing-off-topic-know-the-rules/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 03:49:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Education]]></category>
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					<description><![CDATA[ केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी, यानी आज से शुरू हो रही हैं। बोर्ड ने छात्रों के लिए नई गाइडलाइन और जरूरी निर्देश भी जारी किए हैं। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू हो रही हैं। कक्षा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"> केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी, यानी आज से शुरू हो रही हैं। बोर्ड ने छात्रों के लिए नई गाइडलाइन और जरूरी निर्देश भी जारी किए हैं। </p>



<p class="wp-block-paragraph">केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (<a href="https://www.amarujala.com/education/cbse-on-screen-marking-2026-class-12-board-copies-to-be-checked-digitally-know-benefits-and-new-rules-2026-02-10" target="_blank" rel="noopener">CBSE</a>) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू हो रही हैं। कक्षा 10वीं का पहला पेपर मैथ्स का होगा, जबकि 12वीं के छात्रों के लिए पहला पेपर बायोटेक्नोलॉजी और शॉर्ट हैंड का रखा गया है। सीबीएसई ने सभी छात्रों के लिए जरूरी निर्देश और एडवाइजरी भी जारी की है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">छात्रों को अपने परीक्षा केंद्रों पर सुबह 10 बजे या उससे पहले पहुंचना अनिवार्य है, ताकि परीक्षा सुचारू रूप से शुरू हो सके।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस साल से बोर्ड ने 10वीं की परीक्षाओं में बड़ा बदलाव किया है। अब 10वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी। दूसरी परीक्षा का आयोजन 15 मई से 1 जून के बीच किया जा सकता है, जिससे छात्रों को अपनी तैयारी और सुधार का एक और मौका मिलेगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>विषय और प्रश्न पत्र में नहीं होगा कोई बदलाव</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">परीक्षा के दौरान यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि छात्रों को सिर्फ वही प्रश्न पत्र दिया जाए जो उनके एडमिट कार्ड में है। उदाहरण के लिए, अगर किसी छात्र का एडमिट कार्ड गणित मानक के लिए है, तो उसे गणित बेसिक का प्रश्न पत्र नहीं देना चाहिए। यही नियम अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत, उर्दू जैसे अन्य विषयों पर भी लागू होता है, जहां अलग-अलग पाठ्यक्रम के लिए अलग कोड होते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>विषय से हटकर लिखने पर रिजल्ट होगा रद्द</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">यदि कोई छात्र किसी ऐसे विषय की परीक्षा देता है जो उसके एडमिट कार्ड में नहीं है, तो उसे उस विषय में “अनुपस्थित” माना जाएगा। ऐसे छात्रों की परीक्षा रद्द कर दी जाएगी और उनका परिणाम उसी अनुसार तैयार किया जाएगा। यह कदम छात्रों और स्कूलों को सही विषय का पालन करने के लिए प्रेरित करने के लिए लिया गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>स्कूलों के लिए जिम्मेदारी</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">सीबीएसई उन स्कूलों के खिलाफ भी कार्रवाई करेगा, जो बोर्ड के निर्देशों का पालन नहीं करेंगे। इसका मतलब है कि स्कूलों को ध्यान रखना होगा कि छात्रों को सही विषय का ही प्रश्न पत्र दिया जाए, ताकि किसी तरह की परेशानी या परीक्षा रद्द होने जैसी स्थिति न बने।</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
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		<title>UGC NET Result: दिसंबर 2025 में हुई परीक्षा के परिणाम जारी, अभ्यर्थी यहां से डाउनलोड करें स्कोरकार्ड</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RNSNS]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 05 Feb 2026 03:40:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Education]]></category>
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					<description><![CDATA[एनटीए ने दिसंबर 2025 में हुई परीक्षा के परिणाम जारी कर दिए है। अब अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। दिसंबर 2025 में हुई परीक्षा के परिणाम जारी कर दिए गए हैं। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब अपनी आवेदन संख्या और जन्मतिथि के माध्यम से लॉग इन कर अपना [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">एनटीए ने दिसंबर 2025 में हुई परीक्षा के परिणाम जारी कर दिए है। अब अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। दिसंबर 2025 में हुई परीक्षा के परिणाम जारी कर दिए गए हैं। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब अपनी आवेदन संख्या और जन्मतिथि के माध्यम से लॉग इन कर अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। यह परिणाम जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर पदों और पीएचडी प्रवेश के लिए पात्रता निर्धारित करता है। अनंतिम उत्तर कुंजी पर प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा के बाद अंतिम उत्तर कुंजी जारी की गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने प्राप्तांक, योग्यता स्थिति और कट-ऑफ अंकों की सावधानीपूर्वक जांच करें तथा भविष्य में उपयोग के लिए स्कोरकार्ड की एक प्रति डाउनलोड कर सुरक्षित रख लें।<br><br></p>
]]></content:encoded>
					
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