पांच जगह बादल फटने से आठ लोग लापता, मनूणी में एक शव मिला, कामगार को सुरक्षित बचाया

पांच जगह बादल फटने से आठ लोग लापता, मनूणी में एक शव मिला, कामगार को सुरक्षित बचाया

हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान जारी है। धर्मशाला और कुल्लू में पांच जगह बादल फटने से भारी तबाही के बीच पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग लापता हैं। 

मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच बुधवार को हिमाचल में आसमान से कहर बरपा। हालांकि, आज माैसम खुलने से कुछ राहत मिली है। लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। सैंज में जीवानाला में बादल फटने से हुई तबाही के बाद गुरुवारी को पिन पार्वती नदी का जलस्तर कम हो गया है। ऐसे में यहां बिहाली गांव में लापता तीन लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू दल घटनास्थल पर पहुंचा। एनडीआरएफ की एक टीम भी पहुंची है। बुधवार को धर्मशाला और कुल्लू में पांच जगह बादल फटने से भारी तबाही के बीच पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब आठ लोग लापता हैं। इसमें ये कुल्लू में तीन व धर्मशाला में पांच लोग लापता हैं।

एक श्रमिक को सुरक्षित निकाला
खनियारा स्थित मनूणी खड्ड में बहे श्रमिकों को खोजने के लिए दूसरे दिन भी एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की ओर से बचाव अभियान जारी है। बचाव दल की टीमों ने एक  कामगार को सुरक्षित बाहर निकाला है। जबकि एक अन्य  कामगार का शव खड्ड से बरामद हुआ है। कुल मिलाकर अभी तक पिछले दो दिनों में तीन  कामगारों के शव बरामद किए जा चुके हैं। एनडीआरएफ के कमांडेंट बलजिंदर सिंह खुद मौके पर हैं। बारिश के कारण कुछ देर के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हुआ है। माना जा रहा है कि अभी तक 5 श्रमिक लापता हैं।  मृतकों में चैन सिंह(20) पुत्र मुल्ख राज गांव कुमडी, जिला डोडा, आदित्य ठाकुर पुत्र शिव कुमार निवासी राख चंबा,  सोहनपुर देवरिया यूपी के प्रदीप वर्मा(35) पुत्र राम कांत वर्मा शामिल हैं। लवेली पुत्र सूरमा राम निवासी पूना जिला को सुरक्षित बचाया गया है। 

नाले में आई बाढ़ से बकरथाच में फंसे 50 पर्यटकों-ट्रैकरों को सुरक्षित बचाया
 बकरथाच से प्रशासन से 50 पर्यटक ट्रैकरों को सुरक्षित बचाया है।  यह सभी भारी बारिश के बाद बकरथाच में फंस गए थे। यहां एक नाले में बाढ़ आने के चलते 50 ट्रैकरों को रात बकरथाच में बितानी पड़ी। सुबह के समय प्रशासन ने इन्हें रेस्क्यू किया। उपायुक्त तोरुल एस रविश ने कहा कि 27, 28 को ऑरेंज अलर्ट है, पर्यटकों से अपील की है कि मौसम को देखते हुए सफर करें और नदी-नालों के समीप न जाएं।

धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश: राहत और बचाव कार्य के लिए NDRF धर्मशाला पहुंची। मनूनी नदी के पास अचानक आई बाढ़ में 2 लोगों की मौत हो गई और 6 लोग लापता हैं।

कुल्लू जिले में चार जगह सैंज के जीवानाला, गड़सा के शिलागढ़, मनाली के स्नो गैलरी और बंजार के होरनगाड़ में बादल फटने से आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। इससे आठ गाड़ियां, 10 छोटे पुल और एक बिजली प्रोजेक्ट वह गया। सैंज के रैला बिहाल में बादल फटने से तीन लोग बह गए हैं। सैंज घाटी के शैशर, शांघड़ और सुचैहन पंचायत क्षेत्रों में 150 से अधिक पर्यटक वाहनों के साथ सैकड़ों पर्यटक फंस गए।  होरनगाड़ में बादल फटने से आई बाढ़ से बंजार-बठाहर सड़क पर बना पुल और एक वाहन बह गया। सरकारी प्राथमिक विद्यालय में मलबा घुसने पर स्थानीय लोगों ने विद्यार्थियों को रेस्क्यू किया। कुल्लू की गड़सा घाटी में हुरला नाला, पंचा नाला और मनिहार नाला में पैदल पुल के साथ 10 छोटे पुल बह गए हैं।  बुधवार को गगल हवाई अड्डा पर चार विमान उत्तरे, लेकिन दिल्ली और शिमला के लिए दो उड़ानें रद्द हो गई। खराब मौसम के कारण शिमला और कुल्लू से कोई उड़ान नहीं हुई। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कल बारिश बहुत तेज थी। नाै जगह फ्लैश फ्लड आ गया। कुल्लू में नदी किनारे से 2 लोग लापता हैं। कांगड़ा में बादल फटने से तीन मौत हो गई, पांच लोग लापता हैं। सड़कों को बहुत नुकसान हुआ है। 15 घर तबाह हो गए हैं। अब तक कुल पांच लोगों की मौत हुई है। 

इतने दिन जारी रहेगा बारिश का दाैर
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने हिमाचल के कई स्थानों पर गुरुवार को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया। 27, 28,1 व  2 जुलाई के लिए भी येलो अलर्ट जारी हुआ है। वहीं 29 व 30 जून के लिए राज्य में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।  मौसम विभाग ने पांच जिलों चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में आज बाढ़ की भी चेतावनी जारी की है।  बीते 24 घंटों के दाैरान पालमपुर में 76.6, बंजार 75.4, बैराज 55.0, धर्मशाला 40.1, नारकंडा  39.0, शिलारू 33.6, चंबा 32.0, ऊना 30.6, सराहन 28.4, बैजनाथ: 28.0, अंब 26.0 व रामपुर में 25.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। 

सीएम देर रात तक लेते रहे अपडेट
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बादल फटने और भारी बारिश से से हुए नुकसान का स्थानीय प्रशासन से देर रात तक अपडेट लेते रहे। उन्होंने प्रशासन को प्रभावितों की तत्काल मदद करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावितों की हरसंभव मदद की जा रही है। मुख्यमंत्री देर राह तक संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क में रहे। वहीं सीएम ने पर्यटकों से आह्ान किया कि बिना डरे हिमाचल आएं और मानसून सीजन का आनंद उठाएं, लेकिन नदी-नालों के पास न जाने की सीएम ने सलाह दी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बादल फटने से हुए जानमाल के नुकसान पर दुख जताया है। 

पंडोह डैम में गाद, डेहर पावर हाउस में विद्युत उत्पादन अस्थायी रूप से बंद, बीबीएमबी सतर्क
 जिला कुल्ल में पिछले कल की भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं के चलते ब्यास नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे पंडोह डेम के जलस्तर में भी इजाफा हुआ। हालांकि, फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं और स्थिति सामान्य बनी हुई है। बीबीएमबी सुंदरनगर के अधीक्षण अभियंता अजय पाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को बांध का जलस्तर 2,925 फीट रिकॉर्ड किया गया था। उस समय बांध में लगभग 33,000 क्यूसेक पानी आ रहा था और 29,000 क्यूसेक पानी डेम के गेटों के माध्यम से छोड़ा गया, जो कि सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा था। 2023 की बरसात में पंडोह डेम में लगभग 2 लाख क्यूसेक से भी ऊपर पानी की बहाव रिकॉर्ड किया गया था जिससे भारी नुकसान हुआ था। वहीं पंडोह बांध में भारी मात्रा में गाद आने के कारण बग्गी सुरंग के माध्यम से देहर पावर हाउस को जलापूर्ति बुधवार शाम 7:00 बजे से रोक दी गई है, जिससे विद्युत उत्पादन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार जब तक बांध में गाद की मात्रा सामान्य नहीं हो जाती, तब तक सुरंग से पानी नहीं छोड़ा जा सकेगा। गुरुवार सुबह 10:00 बजे डैम का जलस्तर 2913 फीट मापा गया, जोकि खतरे के स्तर 2941 फीट से काफी नीचे है। इस समय डैम में लगभग 20,000 क्यूसेक पानी आ रहा है और इतनी ही मात्रा में आगे छोड़ा भी जा रहा है। डैम के सभी पांच गेट खुले हुए हैं ताकि जल का प्रवाह नियमित बना रहे।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *