बिहार विधानसभा चुनाव और उपचुनावों से पहले चुनाव आयोग ने सभी मीडिया प्लेटफॉर्म्स, न्यूज चैनलों और डिजिटल नेटवर्क्स को सख्त चेतावनी जारी की है। आयोग ने निर्देश दिया है कि चुनाव प्रचार के साइलेंस पीरियड और एग्जिट पोल से संबंधित नियमों का सख्ती से पालन किया जाए।
राजद में बड़ी कार्रवाई
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो विधायकों समेत 27 नेताओं को पार्टी से निकाल दिया है। पार्टी ने इन नेताओं पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है। आरजेडी ने बताया कि जिन दो विधायकों को निष्कासित किया गया है, वे हैं, छोटे लाल राय (परसा से विधायक) और मोहम्मद कामरान (गोविंदपुर से विधायक)। इनके अलावा पांच पूर्व विधायक, विधान परिषद के पूर्व सदस्य और अन्य कई नेता भी इस सूची में शामिल हैं।
पार्टी ने कहा कि ये सभी नेता या तो निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे या फिर दूसरे उम्मीदवारों का समर्थन कर रहे थे, जिससे पार्टी की साख को नुकसान पहुंच रहा था। इसलिए अनुशासन समिति की सिफारिश पर इन्हें 6 साल के लिए निष्कासित किया गया है। सूत्रों के अनुसार, टिकट न मिलने से नाराज कई नेताओं ने पार्टी लाइन से हटकर कदम उठाया था। इस पर लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के निर्देश पर यह सख्त फैसला लिया गया।
निष्कासित नेताओं में कटिहार के पूर्व विधायक राम प्रकाश महतो, मुजफ्फरपुर के पूर्व विधायक अनिल सहनी, बड़हरा के पूर्व विधायक सरोज यादव, विधान परिषद के पूर्व सदस्य गणेश भारती, और परिहार की पूर्व मुखिया रितु जायसवाल जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा नरपतगंज के अनिल यादव, भागलपुर के अवनीश कुमार, चेरिया बरियारपुर के राम रखा महतो, शेरघाटी के भगत यादव, वैशाली के संजय राय, संदेश के मुकेश यादव, और दरभंगा के कुमार गौरव सहित कई अन्य नेताओं पर भी कार्रवाई की गई है।
एग्जिट पोल पूरी तरह बैन, RJD ने 27 नेताओं को पार्टी से निकाला
चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने साफ किया है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126(1)(बी) के तहत मतदान शुरू होने से 48 घंटे पहले तक किसी भी तरह की चुनावी सामग्री या प्रचार प्रसारण पर रोक रहेगी। इस दौरान टीवी, रेडियो, अखबार, डिजिटल प्लेटफॉर्म या किसी भी अन्य माध्यम पर किसी उम्मीदवार या राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में चर्चा, बहस या प्रचार संबंधी कार्यक्रम का प्रसारण करना कानूनन अपराध माना जाएगा। इसके अलावा, आयोग ने धारा 126ए का हवाला देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि एग्जिट पोल का संचालन या प्रकाशन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध 6 नवंबर सुबह 7 बजे से लेकर 11 नवंबर शाम 6:30 बजे तक लागू रहेगा। आयोग ने मीडिया संस्थानों और राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे इस दौरान नियमों का सख्ती से पालन करें। आयोग ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार के उल्लंघन की स्थिति में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



