बुलंदशहर में तेज रफ्तार से अनियंत्रित कार में पुलिया से टकराकर पलट जाने से आग लग गई, जिसमें एक ही परिवार के पांच लोग जिंदा जल गए। जहांगीराबाद क्षेत्र में बुधवार तड़के हुए हादसे में सिर्फ एक किशोरी जीवित बची है, जिसे स्थानीय लोगों ने कार से निकाल अस्पताल पहुंचाया।
साहब… कार पुलिया से टकराकर जैसे ही नीचे गिरी, उसमें तत्काल आग लग गई थी। मात्र दो से तीन मिनट के भीतर आग ने विकराल रूप ले लिया था। किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। कार के अंदर से लोगों के चीखने-चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं। कुछ ही मिनटों में लोगों की चीखें थम गईं। शव पूरी तरह से जल चुके थे। मासूम जैनुल अपनी मां से लिपटा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शी चंद्रपाल व अन्य ने अधिकारियों और परिजनों से हादसे का मंजर कुछ इस तरह बयां किया।

हादसे में एकमात्र जीवित बची गुलनाज बदहवास हालत में है। जिला अस्पताल में भर्ती गुलनाज ने बताया कि कार में सभी लोग सो रहे थे। भाई तंजील कार को चला रहे थे और आगे दूसरी सीट पर उनके जीजा जुबैर बैठे हुए थे।
पीछे वाली सीट पर वह अपनी बहन मोमिना, भाभी निदा और भांजे जैनुल के साथ बैठी थीं। जैनुल भाभी की गोद में सो रहा था। आगे बैठे जुबैर को भी झपकी आ रही थी। जैसे ही कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गिरी तो नींद खुल गई। जब तक कुछ समझ पातीं, तब तक कार में आग लग चुकी थी। सभी की चीखें निकल गई थीं। तभी कुछ लोगों ने साइड वाली खिड़की खोल कर उन्हें बाहर निकाल लिया। इसके बाद वह कार जलते देख बेहोश हो गई थीं।
गुलनाज को परिजनों ने यह नहीं बताया है कि कार में सवार सभी लोगों की मौत हो चुकी है। दमकल की गाड़ी भी जल्द पहुंच गई थी लेकिन जब तक वह आग बुझा पाते, तब तक कार में लोगों की सांसें थम चुकी थीं। दमकलकर्मियों ने जब शव बाहर निकाले तो वह बुरी तरह झुलसे हुए थे, उनकी पहचान कर पाना भी मुश्किल हो रहा था। परिजनों के पहुंचने के बाद शिनाख्त कराई गई।
कार सवार छह लोग बदायूं के सहसवान से दिल्ली जा रहे थे। शुरुआती जांच में पता चला है कि चालक को झपकी आने से हादसा हुआ। बदायूं के चमरपुरा गांव निवासी तनवीर अहमद सपरिवार दिल्ली के मालवीय नगर में रहते हैं।
16 जून को चचेरे भाई का निकाह था। इसमें शामिल होने तनवीर के बेटे तंजील अहमद (26), पुत्रवधू निदा (21), पुत्री मोमिना (24), दामाद जुबैर (27), दोहिता जैनुल (2) व पुत्री गुलनाज (16) चमरपुरा आए थे।
निकाह के बाद बुधवार सुबह सभी कार से दिल्ली लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार तेज रफ्तार में थी। 5:30 बजे के करीब चांदौक चौराहे के पास कार पुलिया से टकराई और पलट गई। उसमें आग लग गई।
पुलिस ने बताया, परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव ले गए। घायल गुलनाज को भी साथ ले गए। उसके माथे का कुछ हिस्सा झुलस गया। बाएं पैर में फ्रैक्चर है।
पूर्व में हुए बड़े हादसे
फरवरी में सिकंदराबाद-बुलंदशहर स्थित नेशनल हाईवे पर बाइक सवार दो युवकों को एक ट्रक ने करीब 100 मीटर तक घसीटा। इसके बाद बाइक में आग लगने से एक युवक जिंदा जल गया। दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया था।
21 जुलाई 2024 को क्षेत्र के भईपुर दोराहे के पास
श्रद्धालुओं से भरी वैन की ट्रक से टक्कर के बाद वाहन में आग लग गई थी। हादसे में नौ श्रद्धालु झुलस गए थे और एक महिला की मौत हो गई थी।
ककोड़ थाना क्षेत्र में करीब डेढ़ वर्ष पूर्व स्कूली वैन में आग लग गई थी। बच्चों व चालक ने गांव में भागकर जान बचाई थी। गनीमत रही थी कि हादसा गांव की एक गली के अंदर हुआ था, जिससे आग पर फौरन काबू पा लिया गया था।
16 मई को जहांगीराबाद के गांव रौंडा के समीप अनूपशहर-बुलंदशहर मार्ग पर तेज रफ्तार ट्रक से कैंटर की टक्कर हो गई थी। हादसे में पंजाब से लौट रहे शाहजहांपुर और हरदोई के पांच मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि 31 लोग घायल हुए थे।



