सोना-चांदी होंगे और महंगे, बीकेसी के वेबिनार में विशेषज्ञों का अनुमान

सोना-चांदी होंगे और महंगे, बीकेसी के वेबिनार में विशेषज्ञों का अनुमान

बाजार के मौजूदा माहौल को देखते हुए उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में सोना 6000 और फिर 10,000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है। विशेषज्ञों ने इस तेजी के पीछे की प्रमुख वजह गिनाईं।

सोना-चांदी की कीमतें तेजी के रोज नए रिकॉर्ड बना रही हैं। सोने की यह तेजी टिकाऊ है या बबल, चढ़ते सोने के बीच कैसे करें हेजिंग? इस मुद्दे अमर उजाला द बोनस ने ‘गोल्ड एंड ग्रोथ’ वेबिनार का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देश के जाने-माने कमोडिटी विशेषज्ञों ने अपने-अपने विचार रखे। इनमें से ज्यादातर विशेषज्ञों का मानना है कि सोना-चांदी में हाल-फिलहाल गिरावट के आसार नहीं हैं। अभी इनमें तेजी का रुख बरकरार रहेगा।

‘गोल्ड एंड ग्रोथ: फेस्टिवल फंडा’ वेबिनार की शुरुआत द बोनस के संपादक अंशुमान तिवारी के स्वागत भाषण के साथ हुई। आईबीजेए के राष्ट्रीय सचिव सुरेन्द्र मेहता ने मुख्य भाषण में गोल्ड ज्वेलरी खरीदने के टिप्स दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमेशा बीआईएस हॉलमार्क ज्वेलरी ही खरीदें। साथ ही सुनार से पक्का बिल जरूर लें।

आने वाले समय में सोना-चांदी का आउटलुक कैसा रहेगा, इस बारे मिरे एसेट शेयरखान के कमोडिटीज एंड करेंसीज रिसर्च हेड प्रवीण सिंह ने डेटा के साथ बहुत ही रोचक जानकारी दी। बाजार के मौजूदा माहौल को देखते हुए उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में सोना 6000 और फिर 10,000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है। इस तेजी के पीछे की उन्होंने प्रमुख वजह गिनाईं। फिलहाल ग्लोबल मार्केट में गोल्ड का भाव 4000 डॉलर के स्तर पर है। 

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में भारत बटुक के डायरेक्टर एवं सीईओ संजय कुमार ने कहा कि निवेश और बचत के लिए गोल्ड बेहतर ऑप्शन है। सेविंग के लिए डिजिटल गोल्ड बेहतर जरिया। भले ही सोने का भाव 1।20 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के ऊपर है लेकिन आप 100-200 रुपए की छोटी रकम से भी डिजिटल गोल्ड खरीद सकते हैं।

पृथ्वी फिनमार्ट के डायरेक्टर मनोज जैन ने कहा कि अगर आप 1-2 साल के निवेश करना चाहते हैं 60 फीसद रकम सोने में और 40 फीसद चांदी में करनी चाहिए। फिनसाइट के फाउंडर हिमांशु अरोड़ा ने कहा सोना-चांदी का चार्ट अभी और तेजी के संकेत दे रहा है। एआईजीएफ के नेशनल प्रेसिडेंट पंकज अरोड़ा ने कहा है कि गोल्ड में निवेश के लिए ईटीएफ बेहतर और सुरक्षित विकल्प है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमोडिटीज समाचार सिक्योरिटीज के डायरेक्टर अंकित कपूर ने कहा कि गोल्ड के मौजूदा बाजार में हेजिंग की ज्यादा जरूरत है। हेजिंग को इंश्योरेंस की तरह से देखना चाहिए। बाजार में ‘मन की आवाज’ पर पोजीशन नहीं लेना चाहिए। हेजिंग ट्रेडर्स को भारी उतार-चढ़ाव से बचाती है। 

इस अवसर केडिया एडवायजरी के डायरेक्ट अजय केडिया ने कहा कि निवेश के लिए सोना-चांदी, दोनों ही जोखिम भरे विकल्प हैं। जब भी इनमें तेजी या मंदी आती है, ये सुर्खियों में रहते हैं। इन दोनों धातुओं में अभी 3-4 साल तेजी का दौर चलेगा। हालांकि इस दरम्यान छोटी अवधि के लिए हल्की गिरावट देखी जा सकती है। बाजार के मौजूदा माहौल में देखें तो निवेश के लिए चांदी सोना नहीं बल्कि हीरा साबित होगी।

फाइनेंशियल एस्ट्रोलॉजर सुनील दीक्षित ने ज्योतिषीय गणना के आधार पर बताया कि साल के अंत तक सोना-चांदी नई रिकॉर्ड ऊंचाई को छुएंगे।  साल अंत तक एमसीएक्स पर पर सोने का भाव 1,28,000-1,31,000 रुपए प्रति 10 ग्राम के दायरे में रहेंगे। कार्यक्रम के अंत में बोनस नॉलेज सेंटर की चीफ ग्रोथ ऑफिसर डिंपल मित्तल ने सभी विशेषज्ञों और दर्शकों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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