सोना और चांदी की कीमतों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड! एमसीएक्स पर सोना ₹1.38 लाख और चांदी ₹2.16 लाख के पार चला गया है। अमेरिका-वेनेजुएला तनाव और फेड रेट कट की उम्मीदों से सराफा बाजार में ऐतिहासिक तेजी है।
वैश्विक अनिश्चितताओं और फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के बीच सोना और चांदी नए हाई पर पहुंच गए हैं। मंगलवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं ने अब तक के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अगले साल अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की ब्याज दरों में कटौती की मजबूत संभावनाओं ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश (Safe-haven assets) पर दांव लगाने के लिए मजबूर कर दिया है। इससे सर्राफा बाजार में ऐतिहासिक तेजी है।
एमसीएक्स पर सोने-चांदी की अभूतपूर्व छलांग
घरेलू वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मंगलवार को सोने की चमक और बढ़ गई। फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1,637 रुपये या 1.2 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ 1,38,381 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए सर्वकालिक उच्च स्तर (All-time high) पर पहुंच गया। यह लगातार दूसरा सत्र है जब पीली धातु ने बढ़त दर्ज की है।
इस दौरान, चांदी की चमक भी कम नहीं रही। एमसीएक्स पर मार्च 2026 के अनुबंध वाली चांदी ने लगातार तीसरे दिन अपनी बढ़त कायम रखी। चांदी की कीमतों में 3,724 रुपये या 1.75 प्रतिशत का उछाल आया और यह 2,16,596 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर को छू गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी रिकॉर्ड तोड़ रैली
विदेशी बाजारों में भी तेजी का यही रुख देखने को मिला। कॉमेक्स (Comex) पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 61.4 डॉलर या 1.37 प्रतिशत चढ़कर 4,530.8 डॉलर प्रति औंस के नए शिखर पर पहुंच गया। वहीं, चांदी ने भी एक बड़ा मनोवैज्ञानिक स्तर पार किया। कॉमेक्स पर चांदी ने पहली बार 70 डॉलर का आंकड़ा पार करते हुए 1.59 डॉलर (2.32%) की बढ़त के साथ 70.15 डॉलर प्रति औंस का नया रिकॉर्ड बनाया।
क्या है इस तूफानी तेजी की वजह?
रिलायंस सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट, जिगर त्रिवेदी का कहना है, “सोने की कीमतें 4,480 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गई हैं, जो इस साल का 50वां रिकॉर्ड-ब्रेकिंग सत्र है। इस तेजी के पीछे मुख्य रूप से अमेरिकी मौद्रिक नीति (US Monetary Policy) में ढील की उम्मीदें और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव हैं।”
बाजार के जानकारों का मानना है कि महंगाई में कमी और लेबर मार्केट में सुस्ती के संकेतों के बीच, फेडरल रिजर्व अगले साल ब्याज दरों में दो बार एक चौथाई प्रतिशत (0.25%) की कटौती कर सकता है। इससे डॉलर कमजोर होता है और सोने-चांदी जैसी कमोडिटीज को समर्थन मिलता है।
अमेरिका-वेनेजुएला तनाव ने बढ़ाई सुरक्षित निवेश की मांग
सोने की इस रिकॉर्ड तेजी के दौड़ में भू-राजनीतिक कारकों (Geopolitical tensions) ने ‘आग में घी’ का काम किया है। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव अपने चरम पर है। वाशिंगटन ने क्षेत्र में अपनी नौसैनिक नाकेबंदी (Naval blockade) को तेज कर दिया है और शनिवार को एक दूसरे तेल टैंकर को जब्त कर लिया, जबकि तीसरे टैंकर का पीछा किया जा रहा है। इस घटनाक्रम ने निवेशकों को जोखिम भरे एसेट्स से निकालकर सोने की सुरक्षित पनाह में जाने पर मजबूर कर दिया है।
1979 के बाद का सबसे बेहतरीन साल
आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2025 सोने के लिए ऐतिहासिक साबित हो रहा है। इस साल अब तक सोने में 70 प्रतिशत की भारी बढ़त दर्ज की गई है। यह 1979 के बाद से सोने का सबसे मजबूत वार्षिक प्रदर्शन (Strongest annual gain) बनने की राह पर है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, केंद्रीय बैंकों की ओर से हो रही सोने की लगातार खरदारी (Central bank purchases) और ईटीएफ (ETF) में निरंतर निवेश ने इस रैली को और मजबूती दी है। अब निवेशकों की नजर आज आने वाले अमेरिका के तीसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों पर टिकी है, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था की सेहत और फेड की नीतियों की दिशा तय करेंगे।



