हफ्ते के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार में हरियाली; सेंसेक्स में दिखी तेजी, निफ्टी 24700 के पार

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार में हरियाली; सेंसेक्स में दिखी तेजी, निफ्टी 24700 के पार

इससे पहले शुक्रवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 573.38 अंक या 0.70 फीसदी की गिरावट के साथ 81,118.60 पर बंद हुआ था। निफ्टी 169.60 अंक या 0.68 प्रतिशत गिरकर 24,718.60 पर बंद हुआ था।

घरेलू शेयर बाजार में हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को हरियाली दिखी। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 288.79 अंक चढ़कर 81,407.39 पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 98.9 अंक चढ़कर 24,817.50 पर पहुंच गया। ऐसे ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसे गिरकर 86.22 पर आ गया। पिछले दो दिनों में बीएसई बेंचमार्क में 1,396.54 अंक या 1.69% की गिरावट आई थी, जबकि निफ्टी में 422.8 अंक या 1.68% की गिरावट आई थी।

दो दिनों की गिरावट के बाद बाजार में उछाल
एशियाई बाजारों में दो दिनों की तेज गिरावट के बाद सोमवार को शुरुआती कारोबार में इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल देखने को मिला। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 288.79 अंक चढ़कर 81,407.39 पर पहुंच गया। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 98.9 अंक चढ़कर 24,817.50 पर पहुंच गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 1,263.52 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

किसे फायदा-किसे नुकसान?
30-सेंसेक्स फर्मों में से पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल, लार्सन एंड टूब्रो, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और इंफोसिस सबसे ज्यादा फायदे में दिखाई दी। इसके विपरीत टाटा मोटर्स, एक्सिस बैंक, अदाणी पोर्ट्स और कोटक महिंद्रा बैंक पिछड़ते नजर आए।

एशियाई और अमेरिकी बाजारों का हाल 
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक और शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक सकारात्मक क्षेत्र में कारोबार कर रहे थे, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग लाल निशान पर देखा गया। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। 

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, ‘दिलचस्प बात यह है कि इक्विटी बाजारों में कोई घबराहट नहीं है। बाजारों पर गंभीर असर तभी पड़ेगा, जब ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर देगा, जिससे कच्चे तेल में भारी उछाल आएगा। ऐसा लगता है कि अब इसकी संभावना कम है।’ 

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