मार्च 2026 में देश के कई हिस्सों में असामान्य रूप से गर्म मौसम रहने का अनुमान है। उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी राज्यों में तापमान औसत से अधिक रहेगा, जिससे गेहूं और सरसों की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
देश में मार्च अब तक का सबसे गर्म महीना साबित हो सकता है, जिससे गेहूं और सरसों की पैदावार कम हो सकती है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आधिकारिक घोषणा से पूर्व बताया कि मार्च में उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी राज्यों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान औसत से काफी ज्यादा रह सकता है।
दरअसल, दुनिया के दूसरे सबसे बड़े गेहूं उत्पादक एवं खाद्य तेल के सबसे बड़े आयातक भारत को उम्मीद है कि 2026 में फसलों की बंपर पैदावार होगी, जिससे गेहूं का ज्यादा निर्यात किया जा सकेगा और पाम, सोया एवं सूरजमुखी तेल के महंगे आयात में कटौती करने में मदद मिलेगी। हालांकि, अनाज भरने और पकने के जरूरी चरणों के दौरान ज्यादा तापमान फसलों की पैदावार में कमी ला सकती है। इससे कुल उत्पादन घट सकता है, जिसके रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने की उम्मीद है।
आईएमडी इस सप्ताह के अंत तक मार्च के तापमान को लेकर अपना अनुमान जारी कर सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के एक अन्य अधिकारी ने कहा, अगले कुछ दिनों में दिन का पारा बढ़ने लगेगा और मार्च के अंत तक कई राज्यों में अधिकतम तापमान बढ़कर 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है।
80 फीसदी गेहूं-सरसों उगाने वाले राज्यों पर सर्वाधिक असर
अधिकारी ने कहा:-
- मार्च में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 7 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रह सकता है।
- इन राज्यों में गेहूं और सरसों का करीब 80 फीसदी उत्पादन होता है।
- अधिक तापमान से इन राज्यों में गेहूं और सरसों की फसलें प्रभावित होंगी, जिनकी अच्छी पैदावार के लिए ठंडे मौसम की जरूरत होती है।
- भारत ने 2022 में गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था, क्योंकि फरवरी और मार्च में गर्मी की वजह से पैदावार प्रभावित हुई थी।
इस साल रिकॉर्ड क्षेत्रफल में बुवाई
मुंबई की ब्रोकरेज फर्म फिलिप कैपिटल इंडिया में कमोडिटी रिसर्च के उपाध्यक्ष अश्विनी बंसोड़ ने कहा, मार्च के पहले आधे हिस्से में लगातार सामान्य से ज्यादा तापमान रहने से गर्मी का तनाव बढ़ सकता है। यह इसलिए भी चिंतित करने वाली बात है कि किसानों ने इस साल रिकॉर्ड क्षेत्रफल में गेहूं और सरसों की बुवाई की है।



