इंडिगो के विमानों ने फिर भरी उड़ान, मगर यात्रियों का भरोसा हवा में; लोगों ने बताई अपनी मजबूरी

इंडिगो के विमानों ने फिर भरी उड़ान, मगर यात्रियों का भरोसा हवा में; लोगों ने बताई अपनी मजबूरी

हालांकि एयरपोर्ट पर वैसी अफरा-तफरी भी नजर नहीं आ रही और शेड्यूल भी काफी हद तक स्थिर है। इन सबके बीच एक चीज जो अब तक वापस नहीं लौटी है वह है यात्रियों का भरोसा।

इंडिगो की फ्लाइट एक बार फिर पहले जैसी चलने लगी हैं। हालांकि एयरपोर्ट पर वैसी अफरा-तफरी भी नजर नहीं आ रही और शेड्यूल भी काफी हद तक स्थिर है। इन सबके बीच एक चीज जो अब तक वापस नहीं लौटी है वह है यात्रियों का भरोसा। भारत का सबसे बड़ा एयर कैरियर जिसे लोग सबसे भरोसेमंद कहते थे लेकिन अब उसे अपनी छवि पहले जैसी बनाने के लिए जूझना होगा।

पिछले हफ्ते लगातार कैंसिलेशन, घंटों की देरी, रातभर एयरपोर्ट की कुर्सियों पर गुजरी रातें, बिना खाना-पानी के बच्चों के उदास चेहरों ने यात्रियों के मन में एक डर सा बैठा दिया है। नतीजा फ्लाइटें भले चल रही हैं लेकिन लोग इंडिगो में टिकट लेने से पहले दो बार सोच रहे हैं। जबलपुर के लिए फ्लाइट का इंतजार कर रहे सचिन ने बताया कि विश्वास तो अब भी नहीं है। मेरी जबलपुर की फ्लाइट आज फिर देरी से हैं लेकिन आश्वासन मिला है कि पहले से स्थिति बेहतर है, तो ज्यादा देरी नहीं होगी।

अब टिकट लेते डर लगता है
रांची की स्नेहा दिल्ली में बैंकर हैं। पहले रांची जाने के लिए हमेशा इंडिगो चुनती थीं लेकिन पिछले हफ्ते दिल्ली की फ्लाइट डिले होने के बाद उनका अनुभव बदल गया है। उन्होंने बताया कि पहले वह इंडिगो से दिल्ली आने वाली थीं। इसके लिए फ्लाइट भी बुक की, लेकिन वह कैंसल हो गई। 48 घंटे बीतने पर भी रिफंड नहीं मिला है। स्नेहा कहती हैं कि अब इंडिगो का टिकट लेते डर लगता है। कहीं फिर वही 4-5 घंटे का इंतजार न मिल जाए। ऑफिस की मीटिंग मिस हो जाए तो नुकसान हमारा होता है, एयरलाइन का नहीं।

भरोसा टूट गया
रांची के लिए अपनी फ्लाइट का इंतजार करते सेम बासु ने बताया कि, उन्होंने 29 नवंबर को दिल्ली के लिए फ्लाइट बुक की थी, जो कि दो दिसंबर को उड़ान भरने वाली थी। लेकिन एक दिसंबर को उन्हें पता चला कि फ्लाइट कैंसल हो गई है। उन्होंने जब दुबारा फ्लाइट बुक की तो उन्हें वह 48 हजार का एक ओर का किराया पड़ा। रिर्टन टिकट पहले हो चुकी थी जो कैंसल नहीं थी इसलिए जाने का किराया उन्हें लगभग छह हजार ही पड़ा। बासु कहते हैं कि में स्टील कारोबारी हूं। अक्सर दिल्ली आना-जाना लगा रहता है लेकिन अब इंडिगो को विकल्प के रूप में रखूंगा। ऑफिस ट्रेवल टीम भी बोल रही है फिलहाल इंडिगो को अवॉइड करो।

इंडिगो को भारी नुकसान भी झेलना पड़ेगा
अपनी बहन का इंतेजार कर रहे सक्षम ने बताया कि मैंने तो सफर नहीं किया है, लेकिन मेरी बहन की फ्लाइट कैंसल हो गई थी जिसका रिफंड अभी नहीं आया है। हालांकि अब वो किसी और एयरलाइंस से आ रही है। इस स्थिति से जब मेरा विश्वास थोड़ा डगमगा गया है। तो जिसने यह सब झेला है जाहिर है उनका दुबारा इंडिगो पर विश्वास करना मु्श्किल होगा। अब इंडिगो को इस असुविधा के लिए ग्राहकों का भारी नुकसान भी झेलना पड़ेगा।

इतनी जल्दी विश्वास तो नहीं कर सकता
शिवम पांडे फ्लाइट कैंसल होने की वजह से समय पर घर नहीं पहुंच सके। शिवम अयोध्या के रहने वाले हैं और हैदराबाद में बतौर इंजीनियर कार्यरत हैं। उन्होंने 29 नवंबर को दिल्ली के लिए इंडिगो की फ्लाइट बुक की थी। लेकिन वह कैंसल हो गई। अल्टरनेट फ्लाइट का विकल्प मिला लेकिन समय उनके मुताबिक न होने से उन्होंने कैंसल की दी, जिसका रिफंट एक दिन बाद मिल गया था। शिवम कहते हैं कि अभी मेरे साथ ऐसी घटना ऐसी हो चुकी है, इसलिए इतनी जल्द विश्वास नहीं कर पाया। मैंने दुबारा विकल्प मिलने पर स्पाइसजेट की टिकट बुक की और दिल्ली आया। हैदराबाद के लिए एयर इंडिया की टिकट ली है।

छोटे शहरों के यात्री सबसे ज्यादा डरे
तिरुपति, नागपुर, भुवनेश्वर, त्रिची, राजकोट जैसे शहरों में लोग अभी भी इंडिगो के ऐप पर ‘ऑनटाइम’ देखकर भी बुकिंग करने से झिझक रहे हैं। कारण वही अचानक कैंसिलेशन, लगातार री-शेड्यूल, देर से मैसेज, और रिफंड को लेकर असंतोष।

यानी समस्या तकनीकी नहीं, मानसिक है
दिल्ली एयरपोर्ट के टी1 पर फ्लेक्सी के ट्रैवल एजेंट अनिल (एसोसिएट) ने कहा कि कई यात्री काउंटर पर आकर यही पूछते हैं फ्लाइट सच में जाएगी न? यानी समस्या तकनीकी नहीं, मानसिक है। लोगों के जहन में अब यह बात बैठ चुकी है कि इंडिगो कभी भी फ्लाइट कैंसल कर सकती है। ट्रैवल एजेंट्स का कहना है एयरलाइन चाहे जितना ठीक कहे, यात्री वही मानता है जो उसे जमीन पर दिखता है। दो-तीन हफ्ते लगातार ‘जीरो कैंसिल, जीरो डिले’ दिखेंगे, तभी लोग दोबारा बुक करेंगे। उन्होंने बताया कि इस बीच हमारे कारोबार में काफी गिरावट भी आई। पहले रोजाना 30 सवारियां जाती थी, उस बीच 3-4 सवारी ही मिलती थी। अब जाकर स्थिति ठीक हुई है। रोजाना 8-10 सवारी मिल रहे हैं। पहले से बेहतर है।

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