पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी इस्राइल और खाड़ी देशों में मैजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब अपने 21वें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है।
ईरान ने अमेरिका के आधुनिक एफ-35 लड़ाकू विमान को बनाया निशाना, अमेरिका ने भी की पुष्टि
ईरान ने गुरुवार को दावा किया कि उन्होंने अमेरिका के आधुनिक एफ-35 लड़ाकू विमान को निशाना बनाया है। यह अमेरिका के सबसे मूल्यवान, आधुनिक और ताकतवर लड़ाकू विमानों में से एक है और इसे अमेरिका की पांचवीं पीढ़ी की युद्धक क्षमताओं की रीढ़ माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के रक्षा अधिकारियों ने बताया कि ईरान द्वारा सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से उनके एफ-35 लड़ाकू विमान को आपात लैंडिंग करनी पड़ी। विमान का पायलट सुरक्षित है और इस घटना की जांच की जा रही है। ईरान का दावा है कि हमले के बाद लड़ाकू विमान क्रैश हो गया।
इस्राइल ने ईरान की राजधानी तेहरान पर भारी हमलों का दावा किया
इस्राइली सेना ने अपने फारसी भाषा वाले सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा कि ये हमले तेहरान में आतंकवादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं, हालांकि उन्होंने इसके सबूत या विस्तार नहीं बताए। इस्राइल की वायु सेना ने पहले ही बताया कि पिछले 24 घंटों में उसके विमान ईरान के पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में 130 से अधिक इन्फ्रास्ट्रक्चर लक्ष्यों पर दर्जनों हमले कर चुके हैं। सेना ने कहा कि वायु सेना लगातार बिना रुके हमले कर रही है।
इराक की सशस्त्र समूह ने अमेरिका के ठिकानों पर हमलों की जिम्मेदारी ली
इराकी समूह सराया अव्लिया अल-दम ने अपने टेलीग्राम चैनल पर पोस्ट में कहा कि उन्होंने पिछले 24 घंटों में देश भर में अमेरिकी ठिकानों पर तीन हमले किए।
आज अबतक क्या-क्या हुआ?
- ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसकी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर फिर हमला हुआ, तो वह किसी भी तरह की सीमा नहीं रखेगा। यह चेतावनी इस्राइल के बुधवार को साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हमले के बाद आई है।
- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस्राइल के हमले में अमेरिका का कोई हाथ नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस्राइली पीएम नेतन्याहू को ईरानी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले बंद करने का निर्देश दिया।
- कतर के लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) निर्यात क्षमता का लगभग 17% हिस्सा नष्ट हो गया है, जिससे सालाना लगभग $20 बिलियन का नुकसान हुआ, यह जानकारी कतर एनर्जी के CEO ने दी।
- लेबनान में इस्राइल के हमलों के बाद मौतों की संख्या 1,000 से अधिक हो गई है। कम से कम 2,584 लोग घायल हुए हैं और 10 लाख से ज्यादा लोग मजबूरन अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।
- कई यूरोपीय देशों, कनाडा और जापान के नेताओं ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए मदद करने की अपनी “तैयारी” जताई है।
हिजबुल्ला ने इस्राइली ठिकानों पर हमले किए
लेबनान के सशस्त्र समूह हिजबुल्ला ने कहा है कि उसने उत्तरी इस्राइल के मार्गालियोट इलाके पर मिसाइलों से हमला किया है। इसके अलावा, हिजबुल्ला ने दावा किया कि उसने लेबनान के नबातियेह प्रांत के मारौन अल-रास कस्बे में मौजूद इस्राइली सैनिकों के एक समूह को भी निशाना बनाया।
ईरान ने इस्राइल-अमेरिका पर हमलों का नया लहर शुरू किया
ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसकी नई हमलों की लहर में केंद्रीय और दक्षिणी इस्राइल के क्षेत्रों, जिसमें तेल अवीव भी शामिल है, को निशाना बनाया गया। इसके अलावा, ईरानी सेना ने पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए हैं। यह जानकारी आईआरजीसी से जुड़े फार्स न्यूज एजेंसी ने दी।
कतर और तुर्किये ने क्षेत्रीय तनाव पर साझा प्रतिक्रिया की जरूरत बताई
कतर और तुर्किये ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर एकजुट रुख अपनाने की जरूरत पर जोर दिया है। दोहा में हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने कहा कि क्षेत्र में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं और ईरान के हमले लगातार जारी हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने मिलकर ईरान की आक्रामक कार्रवाई की निंदा करने और इसे तुरंत रोकने की मांग करने पर सहमति जताई है।
इराक के सलाह अल-दीन प्रांत में पीएमएफ के ठिकानों पर हवाई हमला
इराक के सलाह अल-दीन प्रांत में लोकप्रिय जनकायन बल की 6वीं ब्रिगेड को हवाई हमले का निशाना बनाया गया है। मीडिया रिपोर्टस में एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि इस हमले में पीएमएफ के ठिकानों को लक्षित किया गया।
रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल हमले से कतर की LNG निर्यात क्षमता 17% घटी, नुकसान $20 बिलियन
कतर की ऊर्जा कंपनी कतर एनर्जी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में बताया कि रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी पर हुए मिसाइल हमलों से देश की तरल प्राकृतिक गैस (LNG) निर्यात क्षमता में 17% की कमी आई है। मंत्री साद शेरिदा अल-काबी के अनुसार, इस हमले के कारण कतार को सालाना लगभग $20 बिलियन का राजस्व नुकसान होने का अनुमान है।
कंपनी ने कहा कि उत्पादन सुविधाओं को ठीक होने में करीब पांच साल लग सकते हैं और इस वजह से उन्हें लंबी अवधि के लिए फोर्स मैज्योर की घोषणा करनी पड़ सकती है। इससे यूरोप और एशिया के बाजारों में गैस आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।
7 देशों ने ईरान के हमलों और होर्मुज जलसंधि बंद करने की कोशिश की कड़ी निंदा की
कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान और यूनाइटेड किंगडम के नेताओं ने ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। इन देशों ने असैनिक वाणिज्यिक जहाजों, नागरिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और तेल-गैस प्रतिष्ठानों पर हमले और होर्मुज जलसंधि को लगभग बंद करने की घटनाओं की सबसे कड़ी शब्दों में निंदा की। साथ ही इन देशों ने ईरान से अनुरोध किया है कि वह अपनी धमकियां और जलसंधि बंद करने के प्रयास रोक दे। बयान में कहा गया है कि नेविगेशन की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय कानून का एक मूलभूत सिद्धांत है।



