पहलगाम हमले के बाद कैबिनेट की पहली बैठक आज; पीएम मोदी ले सकते हैं कोई बड़ा निर्णय

पहलगाम हमले के बाद कैबिनेट की पहली बैठक आज; पीएम मोदी ले सकते हैं कोई बड़ा निर्णय

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पहली बार बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को सुबह 11 बजे बैठक बुलाई गई है। पिछले सप्ताह केंद्रीय मंत्रिमंडल की कोई बैठक नहीं हुई थी और केवल सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की 23 अप्रैल को बैठक हुई थी और उसने आतंकी हमले की निंदा की थी।

संसद के विशेष सत्र पर सीसीपीए फैसला करेगी: मेघवाल
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बुधवार को कहा कि संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति पहलगाम आतंकी हमले को लेकर संसद के विशेष सत्र के लिए कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों की मांग पर फैसला करेगी। संसदीय मामलों के विभाग में राज्य मंत्री और कानून मंत्रालय में स्वतंत्र प्रभार संभालने वाले मेघवाल ने संवाददाताओं से कहा कि सीसीपीए का फैसला, जो सत्र बुलाने पर फैसला करता है, उसके बाद ही बताया जाएगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को बैठक हो रही है। कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद सामूहिक संकल्प पेश करने के लिए संसद का सत्र बुलाने की मांग की है। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे।

सीसीएस की बैठक के बाद भारत ने लिए थे ये निर्णय
इससे पहले पिछली सीसीएस की बैठक के बाद भारत ने पिछले बुधवार को पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को कम करने सहित कई उपायों की घोषणा की थी। भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले के सीमापार संबंधों के मद्देनजर पाकिस्तानी सैन्य अताशे को निष्कासित करने, छह दशक से अधिक पुरानी सिंधु जल संधि को निलंबित करने और अटारी भूमि-पारगमन चौकी को तत्काल बंद करने की घोषणा की।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। इस घटना में पाकिस्तान का हाथ होने की बात सामने आई है। भारत ने कुल चार आतंकियों में से दो के पाकिस्तानी होने का खुलासा किया है। भारत ने इस घटना के मद्देनजर पाकिस्तान पर एक के बाद एक कार्रवाई जारी रखी है और सिंधु जल समझौता तोड़ने के बाद सोमवार को पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल्स से जुड़ी सामग्री को भी बैन करने का फैसला किया है। 

प्रधानमंत्री की सेना को खुली छूट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश के शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल हुए। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान भी इस बैठक का हिस्सा थे। बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली। यह बैठक उस समय हुई है, जब दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत जवाबी कार्रवाई के विकल्पों पर विचार कर रहा है। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें से अधिकांश पर्यटक थे।   

सरकारी सूत्रों के अनुसार, बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद पर करारी चोट करना हमारा राष्ट्रीय संकल्प है। पीएम मोदी ने सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमताओं पर पूरा विश्वास और भरोसा जताया। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा, उन्हें (सशस्त्र बलों को) हमारी प्रतिक्रिया के तरीके, लक्ष्य और समय तय करने की पूरी स्वतंत्रता है।

कभी भी हो सकती है कार्रवाई 
पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई कभी भी हो सकती है। सख्त कार्रवाई का सीधा संकेत देने के लिए ही पीएम ने सेना को खुली छूट दी। इसके लिए सेना ने कराची बंदरगाह का संपर्क काटने, पीओके में सीधा हमला बोलने सहित अन्य विकल्पों पर विस्तार से मंथन किया है। सैन्य कार्रवाई से पहले कूटनीतिक मोर्चे पर वैश्विक मंच पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की रणनीति बनाई गई है।

आज अहम फैसला संभव
इसके अलावा, आज सीसीएस की बैठक होगी। सूत्रों का कहना है कि सीसीएस की बैठक में आर या पार का निर्णय किया जा सकता है। इसीलिए सेना प्रमुखों के साथ पीएम ने बैठक की। दरअसल, सीसीएस में देश की सुरक्षा के संदर्भ में अहम निर्णय लिए जाते हैं।

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