संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को घोषणा की कि कथित भ्रष्टाचार के मामले में फंसे इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज यशवंत वर्मा को हटाने की कार्यवाही लोकसभा में शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी दल एकजुट होकर न्यायपालिका में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने पर सहमत हुए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विपक्ष के नोटिस को राज्यसभा में स्वीकार नहीं किया गया है, जिससे लोकसभा में अब यह प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है।
तीन सदस्यीय जांच समिति की घोषणा कर सकते हैं लोकसभा अध्यक्ष बिरला
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जल्द ही तीन सदस्यीय जांच समिति की घोषणा कर सकते हैं, जो जस्टिस वर्मा के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच करेगी। रिजिजू ने कहा, हमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए, जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने की कार्यवाही लोकसभा में शुरू होगी। न्यायाधीश (जांच) अधिनियम के अनुसार, लोकसभा में प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह मामला राज्यसभा में जाएगा। इस नोटिस पर सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के 150 से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं।



