भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि वे “वैचारिक लड़ाई” में हारने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी को चुप कराने की साजिश रच रहे हैं। यह बयान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने दिया, जो एक टीवी बहस के दौरान एक भाजपा प्रवक्ता द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ की गई कथित विवादास्पद टिप्पणी और धमकी के संदर्भ में आया है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा के एक प्रवक्ता ने राहुल गांधी को “गोली मारने” की धमकी दी है, जिसे कांग्रेस ने एक गंभीर और खतरनाक प्रवृत्ति बताया है। पवन खेड़ा ने कहा, “पहले आपने (भाजपा) गालियों से राहुल गांधी को चुप कराने की कोशिश की और अब आप उन्हें गोलियों से धमका रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि यह उन लोगों की हताशा को दर्शाता है जो विचारों के स्तर पर मुकाबला नहीं कर सकते।
कांग्रेस का मुख्य आरोप यह है कि एक टीवी डिबेट के दौरान, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एक पूर्व नेता और भाजपा के प्रवक्ता ने राहुल गांधी के खिलाफ हिंसात्मक टिप्पणी की। कांग्रेस इस बयान को एक खुली धमकी के रूप में देख रही है।
कांग्रेस के अनुसार, भाजपा और आरएसएस, राहुल गांधी द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों, विशेष रूप से उनकी “भारत जोड़ो यात्रा” के बाद बढ़ी लोकप्रियता और उनके द्वारा लगातार सरकार की नीतियों की आलोचना से बौखलाए हुए हैं। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा वैचारिक रूप से राहुल गांधी का सामना नहीं कर पा रही है, इसलिए अब उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास कर रही है।
पवन खेड़ा ने राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर लिखे गए पत्रों के लीक होने का भी उल्लेख किया और सवाल उठाया कि यह जानकारी सार्वजनिक कैसे हुई। कांग्रेस इसे राहुल गांधी की सुरक्षा के साथ एक बड़े “षड्यंत्र” का हिस्सा मान रही है।
कांग्रेस पार्टी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भाजपा प्रवक्ता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पार्टी का कहना है कि अगर इस तरह की धमकियों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह माना जाएगा कि सरकार भी इस साजिश में शामिल है और हिंसा को सामान्य बनाने का प्रयास कर रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार विभिन्न मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।



