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		<title>आर्टेमिस II: इंसान ने चांद के उस हिस्से का किया दीदार जिसे पहले किसी ने नहीं देखा; अपोलो-13 का रिकॉर्ड टूटा</title>
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		<pubDate>Tue, 07 Apr 2026 04:01:36 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नासा का आर्टेमिस II मिशन ने एक नया इतिहास बना दिया है। आर्टेमिस मिशन के तहत अब इंसान ने चांद के उस हिस्से का किया दीदार जिसे पहले किसी ने नहीं देखा था।इस मिशन ने इंसानों को पृथ्वी से अब तक की सबसे ज्यादा दूरी तय कराई। साथ ही अपोलो 13 का रिकॉर्ड भी तोड़ [&#8230;]]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">नासा का आर्टेमिस II मिशन ने एक नया इतिहास बना दिया है। आर्टेमिस मिशन के तहत अब इंसान ने चांद के उस हिस्से का किया दीदार जिसे पहले किसी ने नहीं देखा था।इस मिशन ने इंसानों को पृथ्वी से अब तक की सबसे ज्यादा दूरी तय कराई। साथ ही अपोलो 13 का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">चांद मिशन के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बन गया है। नासा के मिशन आर्टेमिस II ने इंसानों को पृथ्वी से अब तक की सबसे ज्यादा दूरी तक पहुंचा दिया है। इस मिशन ने अपोलो 13 का पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। नासा की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार&nbsp;जैसे ही अंतरिक्ष यात्री चांद के पास पहुंचे, उनके सामने खिड़कियों से चांद का शानदार नजारा दिखाई देने लगा। खास बात यह रही कि इस दौरान उन्हें चांद के उस हिस्से (फार साइड) को देखने का मौका मिला, जिसे पहले इंसानों ने कभी इस तरह करीब से नहीं देखा था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह पूरा फ्लाईबाय करीब छह घंटे तक चला, जो इस मिशन का सबसे अहम हिस्सा माना जा रहा है। इस मिशन में तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं, जो मिलकर इस ऐतिहासिक यात्रा को अंजाम दे रहे हैं। यह मिशन नासा की उस बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसके तहत एक बार फिर इंसानों को चांद पर उतारने की तैयारी की जा रही है। खास तौर पर चांद के साउथ पोल (दक्षिणी ध्रुव) पर अगले दो साल में इंसानों के कदम रखने का लक्ष्य रखा गया है।</p>



<figure class="wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<div class="embed-twitter"><blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="en" dir="ltr">LIVE: Watch with us as the Artemis II astronauts make their closest approach to the Moon, traveling farther from Earth than ever before. <a href="https://t.co/Zpy7GdTqA8">https://t.co/Zpy7GdTqA8</a></p>&mdash; NASA (@NASA) <a href="https://twitter.com/NASA/status/2041199374827409801?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">April 6, 2026</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></div>
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<p class="wp-block-paragraph"><br><strong>तोड़ा अपोलो 13 का रिकॉर्ड, समझिए कैसे?</strong><br>बता दें कि&nbsp;नासा के आर्टेमिस&nbsp;II मिशन के अंतरिक्ष यात्री अब पृथ्वी से सबसे दूर पहुंचने वाले इंसान बन गए हैं। सोमवार को दोपहर 1:57 बजे ईडीटी, (भारतीय समयानुसार रात लगभग 11:27&nbsp;बजे)&nbsp;उन्होंने 1970 में अपोलो 13 द्वारा बनाया गया रिकॉर्ड तोड़ दिया। नासा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में बताया कि&nbsp;उनका यह मिशन चांद के दूरवर्ती हिस्से (फार साइड) के चारों ओर यात्रा करता हुआ उन्हें पृथ्वी से अधिकतम 2,52,752 मील की दूरी तक ले जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>कब होनी है पृथ्वी पर वापसी?</strong><br>यह मिशन न केवल रिकॉर्ड तोड़ने वाला है, बल्कि चांद के उस हिस्से को देखने का भी मौका देगा, जिसे इंसान पहले कभी इतनी करीब से नहीं देख पाए। करीब 10 दिन के इस मिशन के बाद 10 अप्रैल को अंतरिक्ष यान प्रशांत महासागर में उतरकर पृथ्वी पर लौटेगा। नासा का यह मिशन भविष्य में चांद पर स्थायी बेस बनाने की दिशा में पहला बड़ा कदम है। नासा ने बताया कि इस कदम को लेकर&nbsp;एजेंसी का लक्ष्य है कि 2028 तक चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास इंसानों की लैंडिंग कराई जाए।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>कौन-कौन से अंतरिक्ष यात्री इसमें गए है?</strong><br>गौरतलब है कि नासा के आर्टेमिस&nbsp;II मिशन में चार अनुभवी अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। मिशन के कमांडर रीड वाइजमैन हैं, जबकि पायलट की जिम्मेदारी विक्टर ग्लोवर के पास है। इतना ही नहीं मिशन में दो स्पेशलिस्ट भी हैं,&nbsp;क्रिस्टिना कॉच और कनाडाई स्पेस एजेंसी के जेरमी हैन्सन। ये चारों अंतरिक्ष यात्री ओरियन अंतरिक्षयान में सवार हैं और चाँद के सबसे नजदीकी मार्ग पर 10‑दिन की रोमांचक यात्रा पर हैं। मिशन का उद्देश्य न केवल चाँद के पास से गुजरना है, बल्कि मानव अंतरिक्ष यात्रा के नए रिकॉर्ड भी स्थापित करना है।<br></p>
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		<title>Artemis II: आर्टेमिस-2 मिशन ने पार की पृथ्वी की कक्षा, 54 साल बाद चंद्रमा की ओर बढ़ा मानव दल</title>
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		<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 04:56:33 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नासा का आर्टेमिस-2 मिशन सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा से आगे बढ़कर चंद्रमा की ओर रवाना हो गया है। यह भविष्य के मानवयुक्त चंद्र अभियानों के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी और ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह मिशन लगभग 10 दिनों का होगा, जिसमें चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगा कर महत्वपूर्ण तकनीकी प्रणालियों का परीक्षण किया जाएगा। यह परीक्षण [&#8230;]]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">नासा का आर्टेमिस-2 मिशन सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा से आगे बढ़कर चंद्रमा की ओर रवाना हो गया है। यह भविष्य के मानवयुक्त चंद्र अभियानों के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी और ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह मिशन लगभग 10 दिनों का होगा, जिसमें चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगा कर महत्वपूर्ण तकनीकी प्रणालियों का परीक्षण किया जाएगा। यह परीक्षण भविष्य के उन मिशनों के लिए अहम होगा, जिनका लक्ष्य चंद्रमा की सतह पर अंतरिक्ष यात्रियों को उतारना है।<br><br>नासा के आर्टेमिस-2 मिशन ने अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस मिशन का मानव दल सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकलकर अब चंद्रमा की ओर अग्रसर हो चुका है। यह कदम मानवता की गहरे अंतरिक्ष में वापसी की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।<br><br>नासा के अनुसार, ओरियन अंतरिक्ष यान ने एक अहम ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस प्रक्रिया के तहत यान के मुख्य इंजन को लगभग छह मिनट तक चलाया गया, जिससे यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव से बाहर निकलकर चंद्रमा की ओर निर्धारित कक्षा में प्रवेश कर गया। इस दौरान करीब 6,000 पाउंड का थ्रस्ट उत्पन्न हुआ, जिसने यान को सटीक दिशा में आगे बढ़ाया।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>आर्टेमिस-2 मिशन : पांच मिनट से ज्यादा चला ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">मिशन प्रबंधन टीम ने इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के लिए सर्वसम्मति से &#8216;गो&#8217; सिग्नल दिया था। यह बर्न कुल 5 मिनट 49 सेकंड तक चला। इसके सफलतापूर्वक पूरा होने के साथ ही अंतरिक्ष यात्री 1972 के अपोलो 17 के बाद पहली बार चंद्रमा के चारों ओर यात्रा करने के लिए आधिकारिक रूप से रवाना हो गए हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>नासा बोला- अमेरिका के लिए निर्णायक पल</strong><br>नासा के प्रमुख जेरेड इसाकमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस उपलब्धि की पुष्टि करते हुए कहा कि ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न सफलतापूर्वक पूरा हो गया है और आर्टेमिस-2 का दल अब चंद्रमा की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने इसे एजेंसी के लिए एक निर्णायक क्षण बताते हुए कहा कि अमेरिका एक बार फिर अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा भेजने के मिशन में सक्रिय हो गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>आर्टेमिस-2 मिशन में ये चार अंतरित्र यात्री शामिल</strong><br>इस मिशन में क्रिस्टीना कोच, विक्टर ग्लोवर, रीड वाइसमैन के साथ कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के जेरेमी हैनसेन शामिल हैं। अंतरिक्ष में अपने पहले पूर्ण दिन के दौरान दल ने नियमित गतिविधियों के तहत इंजन बर्न की तैयारी और माइक्रोग्रैविटी में फिटनेस बनाए रखने के लिए व्यायाम सत्र पूरे किए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मिशन कंट्रोल ने दिन की शुरुआत ग्रीन लाइट गीत बजाकर की, जिससे महत्वपूर्ण ऑपरेशनों के लिए सकारात्मक माहौल बनाया गया। ओरियन यान का सर्विस मॉड्यूल इंजन, जो उच्च थ्रस्ट देने में सक्षम है, ने चंद्रमा की दिशा में सटीक गति प्रदान की।</p>
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